Sunday, June 28, 2026
Home उत्तरकाशी अनंघा फाउंडेशन : लोक के चितेर्रो का विशेष सम्मान।

अनंघा फाउंडेशन : लोक के चितेर्रो का विशेष सम्मान।

Manju tamta
Manju tamta

पिछौड़ी वूमेन से प्रसिद्ध मंजू टम्टा, लोक की चितेरी उप्रेती बहने, लोक संस्कृति कर्मी दारवान नैथवाल को सीमांत जनपद उत्तरकाशी के मंगसीर बगवाल में विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। बता दें कि उत्तरकाशी में अनंघा फाउंडेशन द्वारा आयोजित “मंगसीर बगवाल” अपने आप में ऐतिहासिक आयोजन है। पिछले 20 सालों से मुख्यालय में मनाए जाने वाला यह आयोजन विरासत को संजोए हुए है।

अनंघा फाउंडेशन जिला मुख्यालय में इस आयोजन को लंबे समय से करता आ रहा है।

Mangsir bagwal
Mangsir bagwal

अनघा फाउंडेशन के संस्थापक और विश्वनाथ मंदिर के महंत अजय पुरी ने बताया कि वह एक तरफ जिला मुख्यालय में मौजूद लोगों को एकत्र करने के लिए और उन्हें अपनी विरासत से जोड़ने के लिए मंगसीर बगवाल का आयोजन करती है,

दूसरी तरफ इस आयोजन में ऐसे लोगो को अनंघा फाउंडेशन सम्मानित करती है जो लोक संस्कृति के लिए कार्य कर रहे हो।

उल्लेखनीय हो कि इस वर्ष “मंगसीर बगवाल” में अनंघा फाउडेशन द्वारा पिछौडी वूमन मंजू टम्टा, लोक की चितेरी उप्रेती बहने और लोक संस्कृतिकर्मी दरवान नैथवाल को सम्मानित किया गया है।

कार्यक्रम में गंगोत्री के विधायक सुरेश चौहान सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन रंगकर्मी व शिक्षक राघवेंद्र उनियाल और श्री नौटियाल ने संयुक्त रूप से किया है।

@मंजू टम्टा –
श्रीमती मंजू लंबे समय से पिछौड़ी की पहचान और पिछौड़ी को नए रूप में देश दुनिया में पहुंचाने का काम कर रही है। मंजू टम्टा द्वारा तैयार पोटली व बद्रीश पिछौड़ी को नरेंद्र नगर में हुई जी20 की बैठक में आए हुए मेहमानो को उत्तराखंड सरकार ने सप्रेम भेंट की है। मंजू पिछौड़ी ही नही बल्कि पहाड़ के ने परिधान सहित पहाड़ी ज्वेलरी की परम्परागत डिजयन को बाजार में उपलब्ध करवा रही है।अर्थात अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अब बड़ी आसानी से राज्य का परंपरागत पहनावा और पिछौड़ी, ज्वेलरी अलग पहचान बना चुका है।

@उप्रेती बहने –
<span;>ज्योति उप्रेती सती व डा० नीरजा उप्रेती दोनो बहने लंबे समय से उत्तराखंडी गीत संगीत के संरक्षण और गायन विधा के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है। लेखन, गायन, प्रशिक्षण और अध्ययन करके लोक संस्कृति के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक पहलुओं पर लगातार रचनात्मक कार्य कर रही है। दोनो बहनों ने संयुक्त रूप से उत्तराखंडी लोक संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय फलक पर विशेष पहचान दिलवाई है।

@दरवान नैथवाल –
लोक गायक दरवान नैथवाल पिछले 40 वर्षो से लोक गीतो को प्रस्तुत ही नही कर रहे है बल्कि उनका दस्तावेजीकरण भी कर रहे है। उनके संरक्षण के लिए उनके पास एक विशाल आर्काइव है।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

जल विद्युत परियोजना : देर आए, दुरस्त आए।

गंगा की अविरल जलधारा पर लगी सरकारी मुहर । ------------------------------ By - Suresh bhai सन् 2004 से भागीरथी के उद्गम में लोहारीनाग-पाला परियोजना (600 मेवा) पर एनटीपीसी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...