Sunday, June 28, 2026
Home lifestyle अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा और अन्य राष्ट्रपतियों के बारे राय रखते वरिष्ठ पत्रकार...

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा और अन्य राष्ट्रपतियों के बारे राय रखते वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुशवाह।

अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के तौर पर अपना दूसरा और आखिरी कार्यकाल खत्म करने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बारे में साल 2017 में किसी हिंदी अखबार के आखिरी पन्ने पर एक छोटी सी खबर पढ़ी कि उन्होंने राष्ट्रपति पद से हटने के बाद निजी कार्यक्रमों में भाषण के लिए कीमत तय की है।

बहुत छोटी खबर थी कुछ भी ज्यादा विवरण नहीं था क्योंकि हिन्दी अखबार हमेशा मानते रहे हैं कि हिंदी पाठकों के लिए विदेश मतलब सिर्फ पाकिस्तान के बारे में ज्यादा पढ़ना जानना है बाकी दुनिया के बारे में हिंदी पाठक कुछ जानने के हकदार नहीं। खैर, यह छोटी खबर दिमाग में अब तक बनी रही। बीते दिनों यूं ही कोशिश की कि राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भाषण का पैसा क्योंकर लेगा। ऐसे ही बीते दिनों गूगल पर टटोलना शुरू किया तो पता चला कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा किसी कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए 3 करोड़ रूपए से भी ज्यादा की फीस लेते हैं।

इतिहास में देखे तो अमेरिका में यह सामान्य है। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद उन्हें कोई विशेष सुविधाएं नहीं मिलती है लेकिन वह सार्वजनिक जीवन में बने रहते हैं, वह बड़े बड़े कॉरपोरेट कार्यक्रमों में मोटी फीस लेकर हिस्सा लेते हैं, इवेंट को संबोधित करते हैं।

सिर्फ बराक ओबामा ही नहीं पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जॉर्ज बुश समेत सभी पूर्व राष्ट्रपति पद से हटने के बाद निजी सम्मेलनों को संबोधित कर मोटी कमाई करते रहे। हालांकि, इस मामले में पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर के बारे में बताया जाता है कि वह व्यावसायिक भाषणों से दूर रहे बजाए उन्होंने मानवाधिकार और सामाजिक कार्यों में ध्यान दिया और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे। आखिर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपतियों को एक अदद भाषण देने के लिए इतनी बड़ी कीमत क्यों दी जाती है। अमेरिका दुनिया का शक्तिशाली देश होने के साथ ही दुनिया की राजनीति, भूगोल, अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डालता है तो लाजमी है जो इस देश का नेतृत्व करेगा वह इन सभी अनुभवों को अर्जित कर चुका होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति की पहचान और उसका वैश्विक प्रभाव बहुत गहरा होता है। ऐसे में उनकी राय, उनके विचार, उनके सुझाव को बेहद मूल्यवान तो माना ही जाता है, साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि आर्थिक रूप से महाशक्ति अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में फंड को अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा परदर्शिता बरती जाती है और पूरे चुनाव में फंड जुटाना भी एक अति महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधि मानी जाती है।

ऐसा नहीं है कि भारत में भी पूर्व प्रधानमंत्री या राष्ट्रपतियों को इस तरह का सम्मान नहीं मिलता लेकिन भारतीय राजनीति की जो तासीर है उसमें नेता एक तो रिटायर होना पसंद नहीं करता दूसरा वह धन का सार्वजनिक प्रदर्शन करने से झिझकता है, वह नहीं बताएगा कि फंला निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उसे कितनी रकम का भुगतान हुआ। यहां सब कुछ ब्लैक एंड व्हाइट है।

अनुभवी यहां के (भारत) राष्ट्रप्रमुख भी होते हैं लेकिन कुछ विषय विशेषज्ञ नेताओं को छोड़ बाकी किसी मामले में कोई गहरी समझ का प्रदर्शन नहीं करते जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वह वाकई किसी विषय पर इतनी विद्वता रखते हैं कि उन पर इतनी बड़ी रकम खर्च कर उन्हें ब्रांड के तौर पर बुलाया जाए।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...