Saturday, September 12, 2026
Home lifestyle मै, राहुल और बारामासा।

मै, राहुल और बारामासा।

By – Charu Tiwari

राहुल कोटियाल ने एक सजग और प्रतिबद्ध पत्रकार के रूप में बहुत कम समय में अपना विशेष स्थान बनाया है। बहुत कम उम्र में जिस तरह उन्होंने चीजों को देखने का नजरिया पाया है वह अद्भुत है। यह दृष्टि उन्होंने बहुत मेहनत से पाई है। राहुल ने अपनी मुख्यधारा की पत्रकारिता की शुरुआत 2013 में उस समय की चर्चित पत्रिका ‘तहलका’ से की थी। अपने शुरुआती दिनों में ही कश्मीर से लेकर देश के तमाम हिस्सों में जाकर बहुत जन-सरोकारी पत्रकारिता से अपने को गढ़ा। मेरा राहुल के साथ पढ़ने-लिखने से संबंध बहुत पहले हो गया था, लेकिन दिल्ली में मुख्य धारा की पत्रकारिता के साथ उनसे नए सिरे से परिचय हुआ।

राहुल लंबे समय तक ‘तहलका’ पत्रिका में रहे। एक तरह से ‘तहलका’ के हिंदी संस्करण में उनकी रिपोर्ट ही धार देती थी। उन्होंने जिस तरह से अपनी पत्रकारिता को जनसरोकारों से जोड़ा है, ‘बारामासा’ के माध्यम से वह पहाड़ के लिये बहुत लाभकारी हो रहा है।

राहुल को 2015 और 2017 में प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार मिला। उन्हें 2019 में ‘रेड इंक’ सम्मान मिला।

राहुल ने भले ही देश की मुख्य धारा की पत्रकारिता में अपना स्थान बनाया, लेकिन उन्हें पहाड़ हमेशा अपनी ओर खींचता रहा। इसी का परिणाम था कि वे अपने जमे-जमाए पत्रकारिता के कैरियर को छोड़कर देहरादून आ गये। यहां अपने साथियों के साथ उन्होंने ‘बारामासा’ नाम से अपना प्लेटफार्म तैयार किया।

‘बारामासा’ में वह जिस तरह से हिमालयी इतिहास, भाषा, साहित्य, संस्कृति, रंगमंच, समसामयिक सरोकार, राजनीति, पर्यावरण जैसे विषयों को शोधपरक तरीके से रखते हैं वह बताता है कि उनके अंदर विषयों को समझने की कितनी गहरी दृष्टि है।

आजकल वह अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘एकस्ट्रा कवर’ के माध्यम से उत्तराखंड के सवालों को प्रखरता से उठाते हैं। उनका पोडकास्ट भी बहुत स्तरीय और शोधपरक होता है।

राहुल की इतनी सारी खूबियों को हालांकि बताने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने अपने काम से सभी को प्रभावित किया है। बताना इसलिए जरूरी हो गया है कि प्रदेश की सरकार और मुख्यमंत्री राहुल और उन जैसे जन-सरोकारी पत्रकारों के बारे में कैसी राय रखते हैं।

इससे यह भी साबित होता है कि लोकतंत्र में जब नासमझ और हल्के लोग प्रतिनिधित्व करने लगते हैं, तो उन्हें हर प्रतिरोध की आवाज में ‘अर्बन नक्सल’, ‘जिहादी’, ‘अराजक’, ‘देशद्रोही’ दिखने लगते हैं।

पिछले दिनों पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड से इस तरह के नकारात्मक बात करने वाले लोगों का सबक सिखाने की बात भी कही जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के विकास को बाधित कर रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री ने उस समय कही जब अपने को ‘स्मार्ट’ बताने में एक हजार करोड़ से अधिक जनता का पैसा अपने चाटुकार मीडिया हाउसों को दे रही है। जब राहुल पर सरकार की शह पर एआई रिपोर्टर के माध्यम से हद दर्जे की बेवकूफी भरी जानकारी परोस रही थी, तब धामी के चाटुकार उनके लिए हल्द्वानी में गीत रच-गा रहे थे।

मेरा राहुल से बहुत निकट का नाता है। मैं उन्हें बहुत गहरे तक जानता हूं।

‘बारामासा’ के शुरुआती दौर से ही उनके साथ जुड़ा रहा हूं। उनके खिलाफ इस तरह के औछे और घटिया प्रचार का पुरजोर विरोध करता हूं। हम सब जानते हैं कि यह सरकार असहमति को दबाने के लिए कुछ भी कर सकती है, लेकिन जिस तरह की बेवकूफी भरी बातें कर वह एक प्रतिबद्ध पत्रकार और ‘बारामासा’ जैसे गंभीर प्लेटफार्म को बदनाम करने की कोशिश कर रही है, वह लोकतंत्र के साथ उन लोगों की भावनाओं के साथ भी साजिश है, जो हिमालय से प्रेम करते हैं।

हिमालय को लीलने-छीनले वाले ‘राष्ट्रभक्त’ और हिमालय के सरोकारों के लिए काम करने वाले ‘अर्बन नक्सल’ यह तो सहन नहीं होगा।

RELATED ARTICLES

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

सरस्वती ताल और केदारताल का होगा वैज्ञानिक सर्वे, वैज्ञानिको का दल रवाना

सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री ने दी शुभकामनाएं प्रदेश...

जल प्रबंधन को मिलेगा आधुनिक तकनीक का वैज्ञानिक आधार – MIKE Hydro Basin सॉफ्टवेयर

जल संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का नया अध्याय—MIKE Hydro Basin पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ देशभर से 400 से अधिक विशेषज्ञ,...

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ https://www.facebook.com/janmanchaajkal?locale=hi_IN हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय...

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas By - Prem Pancholi The Shail Shilpi Vikas Sangathan organized...

समाधान दिवस पर 120 शिकायतें दर्ज, त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया आरम्भ – जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान

जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ....

झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं, स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहीं-वाडिया मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में यूएसडीएमए...

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार की अध्यक्षता...