“खैरासैण के सूरज” की टक्कर मे “हिमालय की जीवन्त ऊष्मा” …
– राज्यपाल कह रहे धामी फ़्रंटलाइन लीडर है.
– धाकड़ धामी गाने से लेकर धामी रे भी हिट.
By – Gajendra Rawat
2 दिन पहले पत्रकार अजीत राठी ने ट्वीट किया कि “धर्मरक्षक की कुर्सी” बचाने के लिए हरियाणा में तंत्र पूजा चल रही है ऐसी तंत्र पूजा 9 नवंबर 2000 से लगातार चल रही है. अब नई खबर आई की मुख्यमंत्री धामी पर ‘पुष्कर धामी हिमालय की जीवंत ऊष्मा” पुस्तक प्रकाशित हुई है जिसका विमोचन नये राज्यपाल से लेकर पुराने राज्यपाल तक ने किया. उत्तराखंड में इन 25 सालों में मुख्यमंत्री पर किताब लिखना काफी तेज हो गया है. नारायण दत्त तिवारी ने तो अपने ऊपर किताब लिखने वालों को लाल बत्तियां तक बांट दी थी.
अभी तक नारायण दत्त तिवारी उत्तराखंड के एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हुए हैं जिन्होंने 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया नित्यानंद स्वामी भगत सिंह कोश्यारी भुवन चंद खंडूरी रमेश पोखरियाल निशंक विजय बहुगुणा और हरीश रावत त्रिवेंद्र रावत तीरथ सिंह रावत इनमें से कोई भी 5 साल तक मुख्यमंत्री नहीं रह सका.
तिवारी ने 5 वर्ष तक विभिन्न लेखकों से अपने बारे में तकरीबन 100 किताबें छपाई हालांकि उनमें क्या लिखा था कभी किसी की दिलचस्पी नहीं रही किंतु उन किताब लिखने वाले लोगों के अच्छे दिन तिवारी राज में खूब आये |त्रिवेंद्र रावत के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरे वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर नंदन सिंह बिष्ट की ” खैरासैंण का सूरज” और दूसरे साल में अनूप कुमार द्वारा” कर्मण्येवाधिकारस्ते त्रिवेंद्र “नाम से एक और किताब आई है. खैरासैंण का सूरज किस किस ने पढी आज तक किसी को नहीं मालूम कर्मण्येवाधिकारस्ते त्रिवेंद्र नाम की पुस्तक भी अभी तक न तो भाजपा की लाइब्रेरी में है नहीं किसी भाजपा कार्यकर्ता के पास. भाजपा के दिल्ली _देहरादून दफ्तर में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की खूब सारी किताबें जरूर रखी गई है जिन्होने छपाई के लिये बाकायदा सरकारी मास्टर तक रखे हुये थे.बी सी खंडूडी हरीश रावत विजय बहुगुणा कोश्यारी स्वामी छपाई मे पीछे छूट गये. बाद मे हरीश रावत ने खुद के ऊपर “मेरा जीवन लक्ष्य उत्तराखंडियत” लिख डाली.देखना है कि अब छपाछप किताब छपाई का यह कार्यक्रम पुष्कर धामी को कितनी उपलब्धियां दिला पाता है और लिखने वालो के किस प्रकार अच्छे दिन आते हैँ.
छपाई के इस दौर मे किसी के पास उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी जिन्हे हिमालय की नई ऊष्मा छापा गया है वाली पुस्तक हो तो एक कॉपी हमें भी दे दे हम भी ज्ञान अर्जन कर लें हम भी समझें खैरा सैण के सूरज और हिमालय की ऊष्मा किसमे ज्यादा स्याही खर्च की गईं है.







