Friday, March 6, 2026
Home lifestyle यादों के झरोखे : राष्ट्रपति भवन के अतिथि और करारा जवाब की...

यादों के झरोखे : राष्ट्रपति भवन के अतिथि और करारा जवाब की यादें बता रहे है वरिष्ठ चिंतक गोविंद प्रसाद बहुगुणा।

राष्ट्रपति भवन के अतिथि और करारा जवाब की यादें बता रहे है वरिष्ठ चिंतक गोविंद प्रसाद बहुगुणा।

पुरानी किताबों पर जब कभी नजर पड़ती है तो ऐसा लगता है जैसे किसी बहुत पुराने परिचित व्यक्ति से मुलाक़ात हो जाय ,यह किस्सा भी कुछ उसी तरह का है I
“ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय पहली बार भारत की राजकीय यात्रा पर १९६१ में आई थी I

उस समय हमारे राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद जी थे I उनकी इस यात्रा का एक दिलचस्प प्रसंग तत्समय राष्ट्रपति के ADC Major C. L. Datta (Rtd) की किताब “WITH TWO PRESIDENTS- THE INSIDE STORY में पढ़ा था I इस किताब मैंने पहली बार कोटद्वार गढ़वाल के मालवीय उद्यान के परिसर में स्थित नगरपालिका की लाइब्रेरी- “गौरी पुस्तकालय ” में वर्ष 1985 में पढ़ी थी जो एक डायरी की शैली में लिखी गयी एक दिलचस्प अभिलेख है ।

Maj. दत्त दूसरे राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन जी के समय भी उनके ADC रहे। फ़िलहाल इस पोस्ट में सिर्फ डॉ राजेंद्रप्रसाद जी के कार्यकाल की ही एक बहुत संक्षिप्त झलक पेश कर रहा हूँ –
महारानी के साथ उनके पति प्रिंस फिलिप Duke of Edinburgh भी थे I यात्रा के अंतिम दिन जब शाही दंपति डॉ० राजेंद्रप्रसाद जी से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे, तो उनके स्वागत -सत्कार के समय राष्ट्रपति डॉ० राजेंद्रप्रसाद जी ने यादगार के तौर पर उन्हें भारतीय शिल्पियों द्वारा निर्मित चन्दन काष्ट की एक अद्वितीय कलाकृति भेंट की, जिसमें रथ पर बैठे भगवान कृष्ण की आकृति उकेरी गईं थी।महारानी इस भेंट को पाकर बहुत खुश हुई लेकिन संकोच में भी दिखी क्योंकि उनके पास राष्ट्रपति को देने के लिए return गिफ्ट का पैकेट था जो वह इस भेंट की तुलना में बहुत साधारण लग रहा था, इसलिए संकोच में थी कि दूँ या न दूँ लेकिन आखिर उन्होंने अपनी भेंट पकड़ा ही दी। यह चाँदी की धातु से निर्मित एक सुन्दर Penstand (कलमदान ) था I

डॉ राजेंद्रप्रसाद ने कहा, – मैं आपकी यह भेंट पाकर बहुत खुश हूँ – गिफ्ट के बड़े या छोटे आकार से किसी मित्र का सौहार्द नहीं नापा जाना चाहिए- आपके ह्रदय में मेरे प्रति के जो प्यार है, उससे में अभिभूत हूँ ।

इस अवसर पर वहां उपस्थित पंडित नेहरू जी की बहिन श्रीमती विजयलक्ष्मी पंडित भी थी, जो एक राजनयिक थीं, उन्होंने एक अप्रत्याशित टिपण्णी यह कर दी थी कि राष्ट्रपति जी आजकल अपनी आत्मकथा लिख रहे हैं जिसका अंतिम अध्याय लिखना आपकी विजिट की इंतज़ार में था ताकि आपकी इस यात्रा का जिक्र भी उसमें शामिल किया जा सके – इस सूचना पर महारानी के पति ने डॉ राजेंद्रप्रसाद जी से पूछा कितने पृष्ठों की होगी आपकी आत्मकथा? राजेंद्र प्रसाद जी ने कहा यही कोई ११०० पृष्ठ होंगे I

इस पर प्रिंस फिलिप ने भी एक अप्रत्याशित टिप्पणी कर डाली – ओहो ! तो भारत के राष्ट्रपति के पास इतनी फुर्सत होती है और काम नहीं रहता ! डॉ० साहब ने तुरंत जवाब दिया कि His Majesty इसका तीन चौथाई भाग तो मैंने जेल में ही लिखा, जहां महारानी साहिबा के पिता श्री सम्राट महोदय ने मुझे ड़ाल रखा था । मैंने जेल में ६ वर्ष बिताए , वहां तो मुझे फुर्सत ही फुर्सत थी – इन टिप्पणियों से रानी भी असहज हो गई थी, फिर किसी तरह माहौल को हल्का करने के लिए श्रीमती विजयलक्ष्मी पंडित ने ही दूसरा प्रसंग छेड़ा कि आज तो मौसम भी बहुत सुहाना हो गया है, लगता है जैसे वह भी – महारानी के आगमन से बहुत खुश है I

अब एक छोटा सा सन्दर्भ महारानी की पर्सनालिटी के बारे में भी सुना दूं । मेजर दत्त लिखते हैं कि -“We members of the personal staff of Rashtrapati Bhavan had several opportunities to observe the Queen closely. What we saw was quite different from her photographs. She was short, barely 5 foot i inch, and skinny. The skin under her eyes was wrinkled, and her face was heavily made up whenever she appeared in public. In the lifts, she often glanced at herself in the mirror. She had a habit of studying her painted fingernails and adjusted her hat frequently.

She greeted the crowds which waited outside the main gate of Rashtrapati Bhavan and at other places she visited to glimpse her with a measured wave of her right hand. I got the impression she did not smile or wave her hand more than convention or the needs of courte- Qusness demanded.e Philip was tall and lanky. The hair on his head was scanty.

His personality charmed both men and women. He spoke softly and rapidly”।

GPB

RELATED ARTICLES

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...