Thursday, May 14, 2026
Home lifestyle केंद्र से मिलने वाली रकम बाढ़ सुरक्षा कार्यों में खर्च न हो।

केंद्र से मिलने वाली रकम बाढ़ सुरक्षा कार्यों में खर्च न हो।

केंद्र से मिलने वाली रकम बाढ़ सुरक्षा कार्यों में खर्च न हो।

By – Pankaj kushwah

आज प्रधानमंत्री उत्तराखंड में आपदा प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और उसके बाद देहरादून में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।

उम्मीद है कि हिमाचल, पंजाब की तरह ही उत्तराखंड को भी आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत पैकेज मिले। हालांकि, पंजाब और हिमाचल में जिस तरह से आपदा ने तबाही मचाई उस लिहाज से आपदा राहत की राशि बहुत कम है लेकिन दोनों ही राज्यों में गैर भाजपा सरकार है पर उत्तराखंड में राज्य, निकायों, पंचायतों तक में भाजपा सरकार है, लोगों ने भाजपा को हर स्तर पर भर भर के वोट दिए हैं, ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि जितने नुकसान का आकंलन राज्य सरकार ने किया है और उसकी भरपाई के लिए पांच हजार करोड़ रूपए की मांग जो केंद्र सरकार के सामने रखी है उसके अनुरूप ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य को राहत अनुदान दें।

हालांकि, जितना मिले पर वह आपदा प्रभावितों की बेपटरी हो चुकी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने, आजीविका संवृर्द्धन, सड़कों के पुनर्निर्माण समेत उन अतिआवश्यक कार्यों में खर्च हो जिनसे व्यवस्थाएं पटरी पर आ सके। वह रकम बेवजह के बाढ़ सुरक्षा कार्यों के नाम पर खर्च न हो जिसमें सिर्फ ठेकेदार, अधिकारी, मंत्री, इंजीनियरर्स के खजाने भरे जाएं।

बाढ़ सुरक्षा कार्यों के नाम पर इस राज्य में खुली लूट की परंपरा दशक भर पुरानी है। मैं पंचायती चुनावों में एक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से अपने कार्यों के ब्यौरे को पढ़ रहा था तो उसने अपने गांव के किसी गधेरे में तक पांच पांच करोड़ रूपए के बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाए जिससे न गांव को कभी खतरा था न किसी आबादी क्षेत्र का।

2012-13 में आपदा के दौरान हुए बाढ़ सुरक्षा कार्यों ने उत्तरकाशी को अब तक सुरक्षित रखा हुआ है लेकिन कुछ ऐसी जगहों पर भी काम हुए जो सिर्फ ठेकेदारों, कार्यकर्ताओं को फायदा पहुंचाने के लिए था।

हमने ऐसे ऐसे गधेरों में भी बाढ़ सुरक्षा कार्य होते देखे हैं जिनका आबादी से, कृषि भूमि से, किसी महत्वपूर्ण जगह से कोई संबंध नहीं होता। हमारे पहाड़ों में हम आपदाएं भी अवसर बनकर आते हैं और बाढ़ सुरक्षा कार्य इकलौता ऐसा काम है जिसमें ठेकेदार, नेता, अधिकारी, इंजीनियर सब जमकर माल कमाते हैं।

जबकि, जरूरत प्रभावितों को समुचित राहत, उनके लिए रोजगार के विकल्प, ध्वस्त सड़कों, मूलभूत सुविधाओं को दुरूस्त करने की होती है।

आपदा को लेकर एक मिजाज बनते देख रहे हैं कि ‘एवरीवन लव्स ए गुड डिजास्टर’ जैसा माहौल हो गया है। इसलिए, नजर रखिए कि जब केंद्र की ओर से अनुदान मिले या सरकार आपदा प्रभावित इलाकों में बेपटरी जिंदगी को पटरी पर लाने का काम करें तो उसमें बाढ़ सुरक्षा कार्यों के नाम पर पैसे को ठिकाने लगाने का काम न हो।

ठेकेदार गिद्ध निगाहें लगाए बैठे हैं कि कब मानसून निपटे और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के प्रस्ताव बुलेट ट्रैन की गति से इस टेबल से उस टेबल तक स्वीकृति तक पहुंच जाए।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...