बाग लगाते समय फेसिंग/पहाड़ी की दिशा का ध्यान रखना आवश्यक होता है – डॉ० राजेंद्र प्रसाद कुकसाल
By – Prem Pancholi
कृषि बागवानी विशेषज्ञत डॉ० राजेंद्र प्रसाद कुकसाल ने बताया कि बागवानी के लिए दिशाएं बहुत महत्वपूर्ण है। किस दिशा में और कौनसा फलदार पेड़ लगाया जाए यह ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि उत्तर दिशा वाले बगीचे अधिक ठंडे होते है तथा धूप, सूर्य की रोशनी कम होती है। लिहाजा दक्षिण दिशा वाले बगीचों में सूर्य की रोशनी अधिक समय तक रहती है तथा तापमान अधिक रहता है।
वे आगे बता रहे हैं कि पूर्व दिशा वाले बगीचों में सुबह सूर्य की रोशनी होती है, जबकि पश्चिम दिशा वाले बगीचों में दोपहर में सूर्य की रोशनी होती है। इस तरह पूरा मुआयना करके बाग लगाने की ओर आगे बढ़े।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बगीचे की फेसिंग जानने के कई तरीके हैं। आप कम्पास का उपयोग करके, सूर्य की स्थिति का अवलोकन करके, या ऑनलाइन मानचित्रों का उपयोग करके बगीचे की फेसिंग का पता कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह से सेब के पौधों को किस्मों के हिसाब से अच्छी उपज हेतु 800 से 1600 घंटे चिलिंग याने 7° सेलशियस से कम तापमान की आवश्यकता होती है।
ज्ञाता हो कि उत्तराखंड की पहाड़ियों में छः हजार फिट की ऊंचाई से कम दक्षिण दिशा वाले बगीचों में सेब के बागों में कई तरह के रोग व बीमारियों देखने को मिलती हैं। अतः इन स्थानों में सेब के बाग न लगाएं अन्य फलदार पौधे जैसे आड़ू, प्लम, खुवानी, कीवी, पर्सिमोन, अखरोट आदि का रोपण कर सकते हैं।
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