Thursday, May 14, 2026
Home lifestyle फलदार बाग के लिए दिशा का ज्ञान जरूरी - डा० कुकसाल

फलदार बाग के लिए दिशा का ज्ञान जरूरी – डा० कुकसाल

बाग लगाते समय फेसिंग/पहाड़ी की दिशा का ध्यान रखना आवश्यक होता है – डॉ० राजेंद्र प्रसाद कुकसाल

By – Prem Pancholi

कृषि बागवानी विशेषज्ञत डॉ० राजेंद्र प्रसाद कुकसाल ने बताया कि बागवानी के लिए दिशाएं बहुत महत्वपूर्ण है। किस दिशा में और कौनसा फलदार पेड़ लगाया जाए यह ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि उत्तर दिशा वाले बगीचे अधिक ठंडे होते है तथा धूप, सूर्य की रोशनी कम होती है। लिहाजा दक्षिण दिशा वाले बगीचों में सूर्य की रोशनी अधिक समय तक रहती है तथा तापमान अधिक रहता है।

वे आगे बता रहे हैं कि पूर्व दिशा वाले बगीचों में सुबह सूर्य की रोशनी होती है, जबकि पश्चिम दिशा वाले बगीचों में दोपहर में सूर्य की रोशनी होती है। इस तरह पूरा मुआयना करके बाग लगाने की ओर आगे बढ़े।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बगीचे की फेसिंग जानने के कई तरीके हैं। आप कम्पास का उपयोग करके, सूर्य की स्थिति का अवलोकन करके, या ऑनलाइन मानचित्रों का उपयोग करके बगीचे की फेसिंग का पता कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह से सेब के पौधों को किस्मों के हिसाब से अच्छी उपज हेतु 800 से 1600 घंटे चिलिंग याने 7° सेलशियस से कम तापमान की आवश्यकता होती है।

ज्ञाता हो कि उत्तराखंड की पहाड़ियों में छः हजार फिट की ऊंचाई से कम दक्षिण दिशा वाले बगीचों में सेब के बागों में कई तरह के रोग व बीमारियों देखने को मिलती हैं। अतः इन स्थानों में सेब के बाग न लगाएं अन्य फलदार पौधे जैसे आड़ू, प्लम, खुवानी, कीवी, पर्सिमोन, अखरोट आदि का रोपण कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए इस नंबर 9456590999 पर संपर्क करें।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...