तो चार जून के बाद फैलने वाला है “रायता ” …!
@Gajendra Rawat (वरिष्ठ पत्रकार)

यूं तो लोकसभा चुनाव का परिणाम 4 जून को आना है लेकिन उत्तराखंड की राजनीति में कुछ ऐसा पक रहा जो कईयों की राजनीति चौपट करने वाला है . इस बीच कुछ लोग सीधे रडार पर आ गए हैं.
.15 हजार से ज्यादा दागी बागी भागी अभागी लोगों को भाजपा में शामिल करने का दावा करने वाले महेन्द्र भट्ट और पुष्कर सिंह धामी की खासम खास टीम अब उन लोगों का चुनाव के दौरान किए कामों का एक्सरे सीटी स्कैन अल्ट्रासाऊंड की रिपोर्ट तैयार करने में लगी है जिन्होंने बातें कम काम ज्यादा की जगह ” काम कम और भीतरघात ज्यादा” किया ।

धनौल्टी विधानसभा को कांग्रेस सिर्फ 2002 में जीत सकी 2007 मे ख़जानदास ,2012 में महावीर रांगड ,2017 और 2022 में प्रीतम पंवार जीते हैं । 2022 में इस सीट से काग्रेस से लड़ने वाले जोत सिंह बिष्ट और बागी होकर लड़े महावीर रांगड़ 2024 के चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए । इसी सीट पर भाजपा से टिकट के दावेदार राजनाथ सिंह के समधी और भाजपा से 2009 लोकसभा चुनाव लड़े जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा भी यहां भाजपा का प्रचार कर रहे थे । इस धनौल्टी विधानसभा से टिकट के दावेदार सुभाष रमोला जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे हैं । राजेश नौटियाल जो 2012 में बागी बनकर लड़े वो भी अब भाजपा में है और सबसे बडा “तुरुप का इक्का” मुलायम सिंह रावत उर्फ रोहित मुख्यमंत्री धामी के जनसंपर्क अधिकारी भी इसी सीट से हैं जिन्हें भाजपा के लोग भविष्य का विधायक बताते हैं. मुलायम सिंह को बड़े बड़े अधिकारी सलाम ठोकते देखे जाते हैं।मतलब इस पूरी विधानसभा में भाजपा के सामने कुछ नहीं था । बड़ी बड़ी सभाएं और जनसभाएं हुई रोड शो हुए अबकी बार 400 पार का नारा बुलंद रहा।

जोत सिंह बिष्ट के कांग्रेस से आम आदमी पार्टी और फिर भाजपा में जाने से कांग्रेस की हालत तो पंचर होनी थी
तो इसका मतलब धनौल्टी विधानसभा में इन सभी रथियों और महारथियों के प्रताप से जो 40 हजार के आसपास वोट पड़े वो 2027 की रूपरेखा तय करेंगे । एक ओर इतनी बड़ी फौज दूसरी ओर कांग्रेस के जोत सिंह गुणसोला और तीसरी ओर गरीब गुरबों बेरोजगारों की लड़ाई लड़ता बाॅबी पंवार इन ताकतवर लोगों के सामने बाॅबी पंवार की क्या बिसात हो सकती है न गाड़ी न घोड़ा न पैसा न प्रचार के लिए इनके जैसी टीम
असल कहानी यहीं से शुरू होती है

आम लोगो की नजरों में यह चुनाव मोदी का चुनाव था जिसके लिए महारानी राज्य लक्ष्मी शाह को टिकट दिया गया लेकिन धनौल्टी में तैयारी 2027 की बताई जा रही है
2027 के दावेदारों ने इस सीट पर भाजपा को बंपर जीत दिलाने के लिए घर घर जाकर ऐसा प्रचार किया इतना पसीना बहाया कि पूछो मत । इस प्रचार पर तो पूरा ग्रन्थ लिखा जा सकता है। भाजपा ने हजारों लोगों को लाकर इस विधानसभा में क्या खोया ये बहुत मजेदार होने वाला है । कुछ भाईपाइयों का दबी जुबान कहना है कि बाॅबी पंवार की युवा सेना ने पूरे चुनाव में रेल बनाकर रख दी जब भाजपाइयों ने सुबह से शाम तक रील बनाने का ठेका ले रखा तो बाॅबी पंवार रेल नहीं बनाएगा तो तो क्या करेगा । कुछ तो दबी जुबान कह रहे हैं शुक्र है चुनाव पहले चरण में निबट गया तीसरे चरण में होता तो बेरोजगार बाॅबी निबटा ही देता…

इंतजार कीजिए घात प्रतिघात और भीतरघात के रायते की बाल्टी तैयार है…..







