Thursday, May 14, 2026
Home lifestyle इतिहास के पन्ने : दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री का पौड़ी कनेक्शन

इतिहास के पन्ने : दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री का पौड़ी कनेक्शन

दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री का पौड़ी कनेक्शन।

 

By – Dr. Yogeah Dhasmana

 

दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री ब्रह्मप्रकाश का नाम कम ही लोगो ने सुना होगा।किंतु इससे भी कम लोग जानते होंगे कि उनके पुत्र वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर सुरेश की ससुराल पौड़ी स्थित गंडोली टी स्टेट में चौफीन परिवार में रही है। पौड़ी के प्रतिष्ठित चौफीन परिवार की लड़की डोरीन का विवाह दिली में 1968 में हुआ था। डोरीन के दादा डी.ए. चोफीन ने 1862 में पौड़ी में पहला चाय बागान लगाया था।इसके बाद उन्होंने मुसेटी थलीसैंण में भी चाय बागान लगाया था। इसे बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त दर्शन के पिता गोपाल सिंह रावत ने खरीदा था।

इनके पूर्वज 18वी सदी में चीन से टी गार्डन एक्सपर्ट के रूप में लाएं थे।इनका पूर्वज अ सी वांग था।ब्रिटिश अधिकारी इन्हें चीन ओर तिब्बत पर उत्तराखंड से नजर रखने के लिए भी लाए थे,ऐसा कुछ लेखकों का मानना रहा है।

चौधरी ब्रह्म प्रकाश की बहु डोरीन ने कुछ वर्ष तक गंडोली स्कूल में पढ़ाया ।इस स्कूल की स्थापना 1889में अमेरिकी मिशनरियों द्वारा की गई थी।1994में भारत में रहे अमेरिकी राजदूत फ्रैंक वेजनर की दादी ने यहां स्कूल और बोर्डिंग के साथ अनाथालय भी खोला था।आज अब केवल स्कूल चल रहा है। डोरीन और उसके बच्चे आज भी यहां आ कर पूर्वजों की स्मृतियों को ताज़ा करते है। डोरीन की लड़की मधुप्रिया चौधरी सिन्हा दिल्ली में पब्लिशिंग हाउस चलाती है।डोरीन चोफीन बहुत लम्बे अरसे तक दिल्ली में ज्वेलरी डिजाइनर रही है।

गढ़वाल के चौफीन परिवार की एक विशेषता उनका गढ़वाली में बोलना और पहाड़ी संस्कृति के अनुरूप अपने को अपनाना था।दिल्ली में विवाह के बाद जब डोरीन का परिवार पौड़ी स्थित गंडोली टी स्टेट में सगे संबंधियों और पौड़ी वासियों को दावत देने आए तो उनके सास ससुर भी साथ थे।पौड़ी से चौखंबा ओर नंदादेवी शिखरों को देख कर दोनों अभिभूत हुए।उनकी समधन ने भी दिल्ली से आए रिश्तेदारों की न सिर्फ आवभगत की, वरन् उनके स्वागत में ढोल वादकों और मशक बीन की पहाड़ी धुनों से उनका स्वागत किया।हरिदास के गायन और पंडित बचीराम डोभाल के मंत्रोचारण के बीच मेहमानों का स्वागत किया गया।
इससे पहले दिल्ली में 18जनवरी 1968में विवाह के अवसर पर नामचीन हस्तियों में केंद्रीय मंत्री जगजीवन राम ,काग्रेस अध्यक्ष निजलीग गप्पा,विदेश मंत्री दिनेश सिंह, लेफ्टिनेंट गवर्नर एन झा, एयर चीफ मार्शल अर्जुन सिंह सहित उच्च ओर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश शामिल हुए थे। पौड़ी की इस लड़की ने भी दिल्ली में अपने को विशुद्ध पहाड़ी गढ़वाली के रूप में स्थापित कर लिया था।डोरीन अमृता चौधरी ने अपनी आभा ओर सेवा से ससुराल में सभी का दिल जीत लिया था।

डोरीन के ससुर दिल्ली में 5 बार सासंद रहे।केंद्र में कृषि सहकारिता, सिंचाई मंत्री रहने के साथ अनुसूचित जाति और अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष रहे थे।अपनी बहु के साथ गर्मियों में कई बार वह पौड़ी आए। अगस्त 2001में उनके निधन के बाद केंद्र सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया था। 16जून को प्रतिवर्ष दिल्ली विधान सभा में उन्हें उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी जाती है।महज 34वर्ष की आयु में वे दिल्ली के मुख्यमंत्री ओर बाद में कांग्रेस पार्टी दिल्ली के अध्यक्ष बने थे।
पौड़ी के चौफीन परिवार ने देश विदेश में अनेक हस्तियों को जन्म दिया।ईसाई समुदाय के होते हुए भी हिंदू और गढ़वाली संस्कारों से आज दिन तक अपने को अपनाए हुए है,इस सांझी विरासत और संस्कृति का अनुपम ओर अनूठा उदाहरण है।इस पोस्ट को लिखते समय मुझे डोरीन की पुत्री मधुप्रिया सिन्हा की पुस्तक चोफ़ीन ऑफ गढ़वाल का विशेष सहयोग मिला।सभी फोटों उसी पुस्तक से लिए गए है।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...