Sunday, June 28, 2026
Home उत्तरकाशी आलोचनाओं को सुनना आता है मुख्यमंत्री श्री धामी को।

आलोचनाओं को सुनना आता है मुख्यमंत्री श्री धामी को।

By – Pankaj kushwah

 

राज्य जब अपनी स्थापना की रजत जयंती मना चुका है तो ऐसे में राज्य के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले, सड़कों पर उतरकर राज्य निर्माण के संघर्ष करने वाले राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान तो बनता है। राज्य स्थापना दिवस पर राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाली पेंशन में बढ़ोत्तरी कर दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रज्य में ऐसे पहले मुख्यमंत्री बने हैं जिनके कार्यकाल में आंदोलनकारियों की पेंशन में दो बार बढ़ोत्तरी की गई है। उत्तराखंड राज्य के निर्माण की कहानी देश की आजादी के बाद से शुरू होती है और एक लंबे संघर्ष, त्याग बलिदान के बाद 9 नवंबर 2000 को इस राज्य का निर्माण हुआ। सीमित संसाधनों, विषम भौगोलिक परिस्थितियों, अधिकांश क्षेत्र का पर्वतीय होने के बावजूद इस राज्य ने 25 सालों में साबित किया है इसका निर्माण होना कितना जरूरी है, गांव के गांव सड़क से जुड़े हैं, शिक्षा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों तक हर आदमी की पहुंच बनी है। कुछ अपवाद होते हैं लेकिन जिस तरह का विकास राज्य ने पाया है वह भी काबिल ए तारीफ है। राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान तो बनता है। अर्थात अब मुख्यमंत्री धामी ने आंदोलनकारियों को मिलने वाली राशि में दो बार बढ़ोत्तरी कर उसे सम्मानजनक बनाया है।

राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए अथवा आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन 6हजार से बढ़ाकर 7 हजार कर दी गई है। इसी प्रकार, जेल गए या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन 4500 से बढ़ाकर 5500 प्रतिमाह कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य आंदोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए आंदोलनकारियों की विशेष पेंशन 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार प्रतिमाह कर दी गई है। वहीं, राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन 3000 से बढ़ाकर 5500 प्रतिमाह कर दी गई है।

इसके अलावा राज्य में आंदोलनकारियों को और कभी कई तरह की सुविधाएं मिल रही है, हाल ही में पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी गेस्ट में राज्य आंदोलनकारियों को ठहरने की सुविधाओं का भी आदेश जारी किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इन पांच सालों के कार्यकाल में समाज के हर वर्ग, हर समुदाय, हर क्षेत्र के हिस्से सरकारी जन कल्याणकारी योजनाएं पहुंची है, युवाओं को रोजगार मिला है, कृषकों को कृषि और उद्यान नीतियों से लाभ मिला है, महिलाओं के सशक्तिकरण की योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचा है।

भ्रष्टाचार में छोटी मछली से लेकर बड़े मगरमच्छ तक नहीं बच सके हैं और लोगों का विश्वास सरकार पर बढ़ा है। हाल के दिनों में सरकार की कड़ी आलोचना करने वाले भी फिलहाल खाली बैठे हैं कि किस बात पर आलोचना की जाए, इसलिए कई बार ऐसे मुद्दों को उठाते हैं जिन पर उनका पसंदीदा दर्शक, पाठक वर्ग की उन्हें गरियाने पर उतर आता है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ सरकार की तारीफ के कसीदे ही पढ़े जाए, सरकार की नीतियों की खामियों को उजागर कर उसकी आलोचना होना नितांत आवश्यक है ताकी सरकार जवाबदेह बनी रही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि इस मामले में पूर्व के मुख्यमंत्रियों से बेहतर रही है, उन्होंने जन संवाद के जरिए आलोचनाओं को सुना, उनसे सीखा और नीतियों में सुधार लाया। तमाम आलोचनाओं के बाद भी विरोधियों को गले लगाते रहे और उनके सुझावों को राज्य की विकास की यात्रा में शामिल कर राज्य हित में काम कर रहे हैं।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...