अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को भी पत्र सौंपा।
By – News desk
उत्तराखण्ड फिल्म टेलीविजन एण्ड रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) के पदाधिकारियों ने महानिदेशक सूचना एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद बंशीधर तिवारी से भेंट की गई है। उफतारा के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यकार्यकारी अधिकारी श्री तिवारी से भेंट कर उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। एसोसियेशन के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी, महासचिव कांता प्रसाद, उपाध्यक्ष अमरदेव गोदियाल एवं सदस्य कमलेश भण्डारी द्वारा संयुक्त रूप से श्री तिवारी को ज्ञापन पत्र भी भेंट किया है।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने एसोसियेशन के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य में उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 लागू की गई है। राज्य सरकार का प्रयास है कि राज्य में स्थानीय फिल्म निर्माताओं एवं कालाकारों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाय। इसके लिए स्थाानीय बोली/भाषा की फिल्मों को पचास प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। फिल्म नीति का ही परिणाम है कि गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया है, जिसमें से 14 फिल्में स्थानीय बोली/भाषा की थी। श्री तिवारी ने कहा कि फिल्म निर्माता/निर्देशकों से प्राप्त होने वाले सुझावो पर सकारात्मक कार्यवाही की जायेगी। उफ़तारा की मांग पर उन्होंने कहा की परिषद अक्टूबर माह में फिल्म पुरष्कार समारोह आयोजित करेगा और शीघ्र ही अलग से फिल्म बोर्ड का कार्यालय बन जायेगा।
इस दौरान उफ़तारा प्रतिनिधिमंडल उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी नितिन उपाध्याय से भी मिला। उन्होंने उफ़तारा के सुझाव पत्र पर विस्तार पूर्वक सकारात्मक वार्ता की। उन्होंने विभाग द्वारा उत्तराखण्ड फिल्म इंडस्ट्री के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की अनेक नई जानकारी दी।
उत्तराखण्ड फिल्म टेलीविजन एण्ड रेडियो एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बेहतरीन फिल्म नीति तैयार की गई है, जिसकी प्रशंसा पूरे देश में हो रही है। श्री भण्डारी ने बताया कि भेंट वार्ता के दौरान एसोसियेशन द्वारा ज्ञापन पत्र भी श्री तिवारी जी को भेंट किया गया है, जिसमें फिल्म विकास परिषद हेतु कुछ सुझाव दिये गये है। एसोसियेशन ने मांग की है कि फिल्म बोर्ड में गैर सरकारी सदस्यों की नियुक्ति शीघ्र की जाय। फिल्म बोर्ड को अलग से कार्यालय स्थापित किया जाय। फिल्म अनुदान की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से हो। क्षेत्रीय बोली/भाषा को प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत क्षेत्रीय फिल्म क्वीज, टैलेंट हंट कार्यक्रम, स्थानीय ओटीटी पर दिखाए जाने पर अनुदान अथवा स्पॉंसरशिप दी जाय। उत्तराखण्ड दूरदर्शन पर सप्ताह में दो बार स्थानीय फिल्में दिखाये जाने हेतु परिषद स्तर से कार्यवाही की जाय, जिसमें दूरदर्शन द्वारा स्थानीय फिल्म निर्माता को रॉयल्टी भी दी जाय। श्री भण्डारी ने कहा कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री तिवारी द्वारा एसोसियेशन द्वारा दिये गये ज्ञापन पत्र पर सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर उफतारा के महासचिव कांता प्रसाद, उपाध्यक्ष अमरदेव गोदियाल एवं सदस्य कमलेश भण्डारी आदि उपस्थित थे. इससे पूर्व उफ़तारा दूरदर्शन देहरादून में भी कार्यक्रम अधिशासी नरेन्द्र सिंह रावत से भी मिला और उन से दूरदर्शन उत्तराखंड पर प्रदेश की आंचलिक फिल्मों को रॉयल्टी के आधार पर प्रसारित करने की मांग की। जिसका श्री रावत ने सकारात्मक आश्वाशन दिया और मांग पत्र को दिल्ली मुख्यालय को अग्रसारित कर दिया। साथ ही उफतारा संस्कृति निदेशालय भी गया और वहां ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के वयोवृद्ध कलाकारों की पेंशन अविलम्ब लगवाने की मांग की गई। पत्र में बताया गया कि करीव 70 बुजर्ग कलाकारों की पेंशन का आवेदन विभाग में सालों से लटके पड़े हैं। उनमें 95 वर्ष तक के कलाकार शामिल हैं।







