गांधी के विचारों के लिए चिपको नेता धूम सिंह नेगी ने 400 किलोमीटर की कोहिमा से गाँव गाँव तक यात्रा की थी।
By – Sheeshpal Gusai
आप सभी लोगों को गांधी जयंती की शुभकामनाएं। विशेष रूप से गांधी जी के विचारों, मूल्यों , सरोकारों, को अपने कण-कण में उतारने वाले महान चिपको नेता श्री धूम सिंह नेगी जी को बधाई। 1974 में प्रधानाध्यापक की नौकरी छोड़ कर अस्कोट से लेकर आराकोट तक की पैदल यात्रा में हिस्सा लिया और लाखों-करोड़ों पेड़ों को अपने घर हेंलवलघाटी, आदवाणी के जंगलों को माफिया के हाथों नहीं कटने दिया।
इसके लिए उन्हें आंदोलनो में जेल जाना पड़ा। अनेक मुहिमों का नेतृत्व धूम सिंह नेगी जी स्वयं करते थे। जब उनके पास बस का किराया नहीं होता था, तब वे पैदल ही चलते थे , लेकिन किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया ….। जीवन में उच्च मूल्य, आदर्श स्थापित किये। कभी किसी को यह नहीं कहा कि आप मेरे लिए पर्यावरणविद लिखो या कार्यकर्ता। दरअसल पर्यावरणविद तो आज बहुत सारे लोग लिख रहे हैं जिनका पेड़ों से कोई वास्ता नहीं रहा।
गुरुजी हेंवलघाटी के गांव पिपलेथ गांव में रहते हैं। ताजी हवा खाते हैं और गाय का दूध पीते हैं। सादगीपूर्ण जीवन जीते हैं। हर दिन वह गांधी जी के बारे में लिखते हैं।करीब 400 डायरी अब तक वह गांधी जी के बारे में लिख चुके हैं। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् श्री सुंदरलाल बहुगुणा के साथ लंबे समय तक कार्य किया।
नेगी जी ने गाँधी जी के विचारों को लोगों तक ले जाने के लिए कोहिमा से लेकर देश के विभिन्न कोनो तक 400 किलोमीटर पैदल यात्रा की। इनकी पैदल यात्राओं से लोग महात्मा गांधी को बहुत बारीकी से जानने लगे। दरअसल तब संचार की सुविधाएं बहुत कम थी लोग पैदल यात्राओं से ही संदेश दिया करते थे। गांधीजी के विचार अपनाने के लिए उन्होंने लोगों को गांव गांव कस्बे कस्बे में अपनी टीम के साथ प्रचार किया। उनके कार्य के लिए उपराष्ट्रपति जी ने 2018 में धूम सिंह नेगी जी को जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
@लेखक वरिष्ठ पत्रकार है।







