Thursday, May 14, 2026
Home crime कालनेमि पार्ट-11 : सुनो! राजपुर थाने का वीडियो दिखाऊँ क्या ?

कालनेमि पार्ट-11 : सुनो! राजपुर थाने का वीडियो दिखाऊँ क्या ?

कालनेमि पार्ट-11 : सुनो! राजपुर थाने का वीडियो दिखाऊँ क्या ?

By – Sunil Navprabhat

समय बदलता है और उसके साथ बदलता है समाज और संस्कृति । इसिलिए इस बात का रोना नहीं रोना चाहिए कि पहले तो ये होता था आज के जमाने में देखो ये क्या हो रहा है । बदलाव समय की मांग है । चाहे सामाजिक पहनावे से देख लो या कहावतों से । सबकुछ बदलता है । कहावत है- “सैंया भयो कोतवाल तो डर काहे का ”
अगर आप भी ऐसी बासी कहावतों के भरोसे बैठे हैं, तो जरा राजपुर थाने की ताजा फोटो देख लीजिए -कोतवाल साहब खुद ही डर की वजह बन बैठे हैं ! कोतवाल के खिलाफ उसीकी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हो जा रही है । जिसका काम था शराबियों को ठोकना, वो खुद ठोक बैठा तीन गाड़ियाँ – वो भी ऑन ड्यूटी, फुल झूम के! भीड़ ने घेर लिया, साहब भागने की कोशिश में थे – अब कोई बताए, शर्म बचाने के लिए दौड़ लगाने में क्या बुराई है? आखिर अनुभव तो है, कितनों को दौड़ाकर पकड़ा है… इस बार बस रोल रिवर्स हो गया!
मेरा कहने का मतलब है कि- ये कहावत भी अब सामाजिक पैमाने पर खरी नहीं रही । मेरी सलाह है आगे से इसका प्रयोग न करें । जब कोई इस कहावत को बोले तो चुपके से उसके कान में कहना- राजपुर थाने वाला वीडियो दिखाऊं क्या ?
सुनो ! राजपुर थाने का थानाध्यक्ष ही नहीं ISBT चौकी इंचार्ज भी सामाजिक बदलाव का साक्षी है । बेचारा चौकी का इंचार्ज होते हुए एक लाख की घूस लेते हुए रंगे हाथ विजलेंस के हत्थे चढ़ गया था । बताओ ये कोई बात हुई क्या ? चौकी इंचार्ज साहब का इकबाल एक झटके में खत्म कर दिया । इसिलिए अब किताबों में इस कहावत को अपडेट करने की जरूरत है । वरना गलतफहमी में ये बहुतों को मरवा देगी ।
अब बताओ राजपुर थाने के कोतवाल साहब शराब पीकर झूम भी नहीं सकते । उनका कसूर क्या था ऑन डयूटी नशे में धुत होकर तीन गाड़ियां ही तो ठोकी थी । जो चीता वाला छुड़ाने आया, मुंह पर हेलमेट भी मास्क का काम कर रहा था । समझदार था, उसको पता था उसकी भी रील बन सकती है । एसओ साहब की तो बन ही गई । सस्पेंड कर दिए गए । चलो कोई बात नहीं काबिल लोगों को हप्ते दो हप्ते में फिर कोई और थाना मिल जाएगा । अब आदत जो बन गई है बिना थाने के रह भी नहीं सकते ! कमाल है ! ISBT वाला तमगा अभी धुला भी नहीं था कि राजपुर वाले साहब भी तुरंत चमकने आ गए । राजधानी है हुज़ूर, कुछ तो लिहाज़ रखो..!

@लेखक वरिष्ठ TV पत्रकार

RELATED ARTICLES

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...