Thursday, May 14, 2026
Home lifestyle कांग्रेस की आख़िरी उम्मीद गणेश गोदियाल !

कांग्रेस की आख़िरी उम्मीद गणेश गोदियाल !

कांग्रेस की आख़िरी उम्मीद गणेश गोदियाल !

2027 वही पा सकेगा, जहाँ नेतृत्व और संगठन एक ताल में चलेंगे

By – Avdhesh Nautiyal

कांग्रेस का सेनापति बनने के बाद से गणेश गोदियाल लगातार संगठन में नई ऊर्जा भरने और बिखरी टोली को एकजुट करने में जुटे हैं। मैदान में उनकी सक्रियता और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद बताता है कि वे केवल चेहरे के रूप में नहीं, बल्कि संगठन को पुनर्जीवित करने वाली भूमिका में सामने आए हैं। गणेश गोदियाल की ताजपोशी केवल औपचारिकता नहीं पार्टी के अस्तित्व को बचाने की अंतिम कोशिश है। गोदियाल वह दुर्लभ चेहरा हैं जिनपर कार्यकर्ता भी भरोसा करते हैं और नेतृत्व भी उन्हें गंभीरता से सुनता है। यही वजह है कि उन्हें “आख़िरी उम्मीद” कहा जा रहा है।

सेनापति के नेतृत्व में युद्ध सेना लड़ती है और कांग्रेस की इस सेना में कई क्षत्रप आज भी अपनी-अपनी राजनीतिक जागीरों में उलझे हैं, जहाँ पार्टी से ज़्यादा व्यक्तिगत राजनीति हावी रहती है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी जैसी प्रशिक्षित, संगठित और सतत सक्रिय मशीनरी के सामने केवल नाराज़गी का भाव पर्याप्त नहीं हो सकता।

2027 की जमीन पर खड़े होने के लिए कांग्रेस को संगठनात्मक पकड़, बूथ प्रबंधन, निरंतर संघर्ष और मुद्दों पर ठोस पकड़—इन चारों मोर्चों पर खुद को साबित करना होगा। गोदियाल इन कमियों को समझते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या उनकी टीम भी इन्हें स्वीकारकर बदलाव को तैयार है.?

गोदियाल की असली परीक्षा अब शुरू होती है—बिखरे चेहरों को जोड़ना, टिकटों का वितरण योग्यता के आधार पर करना, युवाओं को मंच देना और लड़ाई लड़ने लायक टीम खड़ी करना। इतिहास बताता है कि कांग्रेस में अच्छे नेता कई बार बुरी टीमों के कारण हारे हैं। इस बार पार्टी को आईना सिर्फ़ देखने के लिए नहीं, बल्कि अपनी पुरानी आदतें तोड़ने के लिए उठाना होगा।

ढुलमुल नेताओं को किनारे करना और संघर्षशील चेहरों को आगे लाना अब मजबूरी नहीं—जीत की अनिवार्यता है। गोदियाल पर किसी को संदेह नहीं, पर सवाल नेतृत्व का नहीं, नेतृत्व के पीछे खड़ी मानसिकता का है।

2027 का फैसला गोदियाल नहीं तय करेंगे, उसे तय करेगी वह कांग्रेस, जो उनके पीछे खड़ी होगी। आख़िरी उम्मीद किसी व्यक्ति का नहीं, पार्टी के खुद को बदलने के साहस का नाम है।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...