Sunday, September 13, 2026
Home देहरादून प्राइमरी स्तर पर पुस्तक चयन कैसे हो, के लिए दो दिवसीय कार्यशाला।

प्राइमरी स्तर पर पुस्तक चयन कैसे हो, के लिए दो दिवसीय कार्यशाला।

प्राइमरी स्तर पर पुस्तक चयन कैसे हो, के लिए दो दिवसीय कार्यशाला।

Ideal book collection
Ideal book collection

बुनियादी शिक्षा, बाल साहित्य संवर्द्धन, लैंगिक समानता और बेटियों में कौशल विकास के लिए काम करने वाली संस्था रूम टु रीड द्वारा 15 अगस्त से शुरू किए गए “रीडिंग कैंपेन” कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक और सामुदायिक पुस्तकालयों के साथ दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ आज स्थानीय होटल पेसिफिक में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में पुस्तकालय के संचालकों, प्रकाशकों, शिक्षाविदों और लेखकों ने अपनी अपनी उपलब्धियों और चुनौतियों को लेकर परस्पर संवाद किया। आयोजन में रूम टू रीड के कंट्री ऑफिस, नई दिल्ली से विशेष व्याख्याता के रूप में उपस्थित सिमी सिक्का ने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में प्रकृति के बीच पलते बच्चों में शानदार सृजनशीलता है । ऐसे में उनके पास अवसरों और संसाधनों को पहुंचाने की चुनौती को समुदायों को स्वीकार करना चाहिए ताकि उनको पल्लवित करने के लिए एक मुफ़ीद ज़मीन तैयार हो सके।अपनी बात रखते हुए कार्यक्रम अधिकारी वंशिका ने कहा कि नई पीढ़ी को किताबों की तरफ़ आकर्षित करने के लिए आवश्यक है कि बच्चों को उनकी रुचि की सामग्री पढ़ने को उपलब्ध हो सके। इसीलिए बच्चों के मामले में आदर्श पुस्तक चयन के मापदंडों पर गंभीरता से विचार – विमर्श किया जाना चाहिए। रूम टु रीड की राज्य प्रभारी पुष्पलता रावत ने कहा कि उनकी संस्था दून विश्वविद्यालय के साथ मिलकर स्नातक स्तर पर बाल साहित्य का पाठ्यक्रम तैयार कर रही है ताकि बच्चों की पाठकीय अभिरुचियों से विद्यार्थी परिचित हो सकें। परिचर्चा में भाग लेते हुए शिक्षाविद डा. नंदकिशोर हटवाल ने कहा कि मोबाइल ने नई पीढ़ी के लिखने -पढ़ने और सोचने के ढंग को बदल दिया है। ऐसे में पठनीयता की संस्कृति के सामने नई चुनौतियां आने लगी हैं। उनकी चिंता को स्वीकार करते हुए जन जागृति संस्थान ,टिहरी के अरण्य रंजन ने समाधान प्रस्तुत किया कि पठनीयता के संकट से निबटने के लिए पुस्तकालयों को समय के अनुरूप ढालना पड़ेगा। महात्मा खुशीराम लाइब्रेरी के पीतांबर जोशी ने कहा कि पुस्तक संस्कृति परिवारों से ही गायब होने लगी है। माता-पिता और परिवारीजन ही जब घरों में किताबें खरीदकर नहीं लाएंगे तो बच्चे पढ़ने के लिए भला कैसे उत्सुक होंगे? हिंवाल घाटी विकास समिति के सुभाष डबराल ने अपनी बात रखते हुए पाठ्यक्रम को नई शिक्षा नीति के अनुरूप आकर्षक और विविधतापूर्ण बनाने की ज़रूरत बताई। साहित्यकार मुकेश नौटियाल ने कहा कि बाल साहित्य के मामले में हिंदी पट्टी आज भी समृद्ध नहीं है। स्थापित लेखक बच्चों के लिए लिखना अपनी प्रतिष्ठा के प्रतिकूल समझते हैं और जो लेखक बच्चों के लिए लिख रहे हैं उनको बाल मनोविज्ञान से लेकर उनकी अभिरुचियों तक का ठीक से ज्ञान नहीं है। बच्चों के लिए लिखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है इसलिए यहां सधे और तपे हुए लेखकों की दरकार है।

दो दिवसीय कार्यशाला में आज विभिन्न हितधारकों के पक्ष सामने आए। कल की परिचर्चा में इनको संकलित कर कुछ नए रास्तों को तलाशने के लिए मंथन किया जाएगा ताकि परिचर्चा से कोई ठोस उपसंहार निकल सके। कार्यक्रम की संयोजक रोहिणी रॉय ने कहा कि इस कार्यशाला के विविध बिंदुओं को एक दस्तावेज़ के रूप में लाया जाएगा। कार्यशाला में विजय पाल, मनोज डबराल, उषा टम्टा, अनु पंत,संगीता,राजेंद्र बर्तवाल,अरविंद बिष्ट ने सहभागिता की।

संपर्क मो- 6397106238

RELATED ARTICLES

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

सरस्वती ताल और केदारताल का होगा वैज्ञानिक सर्वे, वैज्ञानिको का दल रवाना

सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री ने दी शुभकामनाएं प्रदेश...

जल प्रबंधन को मिलेगा आधुनिक तकनीक का वैज्ञानिक आधार – MIKE Hydro Basin सॉफ्टवेयर

जल संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का नया अध्याय—MIKE Hydro Basin पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ देशभर से 400 से अधिक विशेषज्ञ,...

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ https://www.facebook.com/janmanchaajkal?locale=hi_IN हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय...

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas By - Prem Pancholi The Shail Shilpi Vikas Sangathan organized...

समाधान दिवस पर 120 शिकायतें दर्ज, त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया आरम्भ – जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान

जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ....

झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं, स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहीं-वाडिया मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में यूएसडीएमए...

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार की अध्यक्षता...