Sunday, June 28, 2026
Home उत्तराखंड जमनदास ढोली : एक आंचलिक कहानी का वैश्विक मंचन

जमनदास ढोली : एक आंचलिक कहानी का वैश्विक मंचन

लोकमर्मज्ञ, लेखक और संस्कृतिकर्मी डाॅ. नंद किशोर हटवाल की नयी पुस्तक है- जमन दास ढोली। प्रकाशन से पूर्व ही यह पुस्तक अनेक कारणों से चर्चा में आ चुकी है। नाट्य विधा की इस पुस्तक में संकलित नाटक जमन दास ढोली का अनेक बड़े मंचों पर प्रदर्शन हो चुका है। जमन दास ढोली नाटक को उत्तराखण्ड ही नहीं देश के पैमाने पर सराहा गया है। इससे पूर्व देहरादून की चर्चित नाट्य संस्था जन संवाद समिति द्वारा जमन दास ढोली का नाट्य मंचन देहरादून के टाऊन हाॅल में 2016 में हो चुका है।

एक और बड़ी बात यह है कि इस नाटक की विषयवस्तु को आधार बनाकर मायानगरी मुम्बई के बड़े फिल्म निर्देशक दिनेश पी. भोंसले एक फिल्म ढोली भी विगत वर्ष बना चुके हैं। यह फिल्म प्रतिष्ठित कोलकाता इन्टरनैशनल फिल्म फैस्टिवल में सलैक्ट हो चुकी है। इस फिल्म का संगीत प्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार व गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने दिया है। फिल्म में स्टोरी लाईन का क्रेडिट डाॅ. नंद किशोर हटवाल को दिया गया है।

Jamandaas dholi
Jamandaas dholi

तर्क और मनोरंजन की कसौटी में खरे उतरने वाले इस नाटक को लगभग 192 पेज में समेटा गया है। पुस्तक के रूप में प्रकाशित होने जा रहे जमन दास ढोली की भूमिका डाॅ. राजेश पाल ने लिखी है जबकि इसका प्राक्कथन रंगकर्मी डाॅ. सुवर्ण रावत द्वारा लिखा गया है। यह पुस्तक लोक के नायक केशव अनुरागी को समर्पित की गई है। साथ ही पुस्तक में केशव अनुरागी के निमित लिखी गई मंगलेश डबराल की कविता भी शामिल है। नाटक में कुल पन्द्रह बड़े दृश्य हैं। जो कि अपने आप में एक-एक लघु नाटक हैं।

पुस्तक के अंत में मंचित किये गये नाटक के चित्रों को स्थान दिया गया है। सम्मति के रूप में गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी, डाॅ. प्रीतम भरतवाण, प्रो. डी.आर. पुरोहित, प्रेम हिंदवाल, सतीश धौलाखंडी आदि के विचार पुस्तक में दिये गए हैं। कुल मिलाकर एक सौ बियानवे पेज की पुस्तक का मुल्य 250 रूपये रखा गया है। यह पुस्तक जल्द ही बाजार में होगी।

RELATED ARTICLES

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...