Sunday, June 28, 2026
Home crime आखिर हंसुलियों और दाथियों की बात कब सुनी जाएगी?

आखिर हंसुलियों और दाथियों की बात कब सुनी जाएगी?

आखिर हंसुलियों और दाथियों की बात कब सुनी जाएगी?

 

By – Gunanand Jakhmola

– अंकिता को मार दिया, ज्योति को जेल में डाल दिया, नेता बाहर कैसे?
– दरांती लहराई तो ज्योति अंदर तो पिस्तौल लहराने वाला विधायक उमेश बाहर क्यों?

हल्द्वानी की सोशल एन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को दरांती दिखाने और लोक-देवताओं पर टिप्पणी करने के आरोप में जेल में डाल दिया गया। मैं दो दिन पहले तक ज्योति के बारे में नहीं जानता था। पहाड़ों में जाता हूं तो देखता हूं कि अब पहाड़ों में गूलदार, गूणी-बांदर और ब्लागर ही बच गये हैं। ऐसे में ज्योति की ओर कभी ध्यान नहीं गया। मै ज्योति पर कुछ भी नहीं लिखना चाहता था, पर आज सुबह लिखने के लिए मजबूर हो गया। मैंने आज सुबह विधायक उमेश कुमार की एक पोस्ट देखी जिसमें कहा गया है कि ज्योति तो जेल गयी लेकिन अल्मोड़ा की वह लड़की बाहर क्यों है जो मनुवादियों और ब्राह्मणवादियों की सोचवालों को बलात्कारी बता रही है। अल्मोड़ा की लड़की पर अलग से लिखूंगा। अभी बात ज्योति की।

मैंने अभी ज्योति अधिकारी का वह विवादित वीडियो देखा। ज्यादा बोलती है, बहुत बोलती है, रौ में बोलती है, उसके कहने का तरीका गलत था लेकिन उसने बात तो ठीक ही कही। दरांती हथियार नहीं है, यह पहाड़ की महिलाओं का आत्मसम्मान है, उनकी पहचान है। इसी हंसुली और दाथियों की बात हमने राज्य आंदोलन के समय की थी। ज्योति पर हथियार लहराने का केस भी बना दिया। क्यों?

अंकिता भंडारी हत्याकांड न पहला है और न आखिरी। उत्तराखंड में हर साल 300 से भी अधिक रिपोर्टिड रेप केस होते हैं। जो थाने तक नहीं पहुंचते उनकी बात ही अलग है। अंकिता के बहाने हम पहाड़ की अस्मिता की लड़ाई लड़ रहे हैं। पहाड़ की बेटियों की सुरक्षा की बात कर रहे हैं। जबकि सच यह भी है कि हर साल गढ़वाल और कुमाऊं से 100-200 लड़कियां रहस्यमय तरीके से गायब हो रही हैं। यानी मानव तस्करी की शिकार हो रही हैं। अधिकांश केस में पुलिस यह मानकर चलती है कि लड़की अपने प्रेमी के साथ भाग गयी। परिजन भी यही मान कर लोकलाज में चुप्पी साध लेते हैं। क्या पता लड़की किसी गैंग का शिकार हो गयी हो? उस पर क्या बीत रही हो? पुलिस ने कितनी लड़कियों को आज तक रेस्क्यू किया है?

ज्योति ने दरांती दिखाने की हिम्मत तो की है। यदि कानून से न्याय नहीं मिलेगा तो आवाज उठेगी ही। यह क्षोभ और आक्रोश होता है। ज्योति ने वो ही जोश दिखाया। रही देवी-देवताओं के कौथीग में नाचने की बात। ज्योति का बोलने का तरीका भले ही गलत रहा हो लेकिन उसने बात तो सही कही। पश्वा के लिए कुछ नियम कायदे होते हैं। जागर गान होता है। ढौंर-थाली होती है। ढोल-दमाऊं होता है। शिव-पार्वती के गीत होते हैं। डीजे में कौन सा देवता नाचता है भला? सैंडिल, जूते पहन कर और बिना मंडाण के देवी-देवताओं के पश्वा कैसे नाचते हैं? हम अपनी जड़े, संस्कृति और परम्पराएं खो रहे हैं और हम ज्योति को दोषी माने तो यह सरासर गलत होगा।

दरांती लहराने पर ज्योति को जेल और उमेश विधायक है इसलिए बाहर? यह कौन सा कानून है? यह कैसा न्याय है। महेंद्र भट्ट जातिवादी बात करें तो राष्ट्रवाद और अल्मोड़ा की वो लड़की जो मनुवाद और ब्राह्मणवाद की बात करें तो अपराध। हद है, कैसे लोग हो गये हैं हम?

हम देश भर में सबसे अधिक शिक्षित लोगों में शुमार हैं। यह राज्य मातृशक्ति की बदौलत बना है और इसी राज्य में महिला नीति नहीं है। पहाड़ की महिलाओं के पहाड़ से दर्द का कोई इलाज नहीं है। यूसीसी बना लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए। अंकिता हत्याकांड पर यूसीसी और महिला आयोग की खामोशी बताती है कि सब कुछ मैनेज है। यदि मैनेज है तो ज्योति जैसे विरोध के स्वर तेज होंगे। कानून समान होना चाहिए सबके लिए। ज्योति के लिए भी तो उमेश कुमार के लिए भी। ज्योति के साथ ज्याददी हुई है।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...