By – Gajendra Rawat
– हिमांशु चमोली के पड़ोस में एक और कालनेमि!
– धामी जी क्या सीनियर सिटीजन उर्मिला राघव को न्याय मिलेगा?

खुद को मानवाधिकार का नेता बताने वाला एक और कालनेमी चेहरा सामने आया है. जितेंद्र कुमार की आत्महत्या मामले में पौड़ी जेल में रोटी काट रहे हिमांशु चमोली के घर के ठीक बगल में रहने वाले योगेश राघव का जलवा उसकी सगी माँ और छोटे भाई पर भारी पड रहा है.भानियावाला क्षेत्र में रहने वाला कोई भी पुराना व्यक्ति बता सकता है “बिजली वाला राघव” कौन था. बिजली विभाग मे कार्यरत रहे सत्य प्रकाश राघव की मौत के बाद उनकी विधवा पत्नी अपने छोटे बेटे को लेकर जिलाधिकारी से लेकर पुलिस कप्तान के दफ्तर और महिला आयोग से लेकर तमाम दफ्तरों के चक्कर काट चुकी है लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है. सत्य प्रकाश राघव की मौत के बाद दोनों भाइयों में सारे नाते रिश्तेदारों के बीच बैठकर बंटवारा हुआ बड़े बेटे को जॉली ग्रांट हॉस्पिटल के बाहर एक बड़ा गेस्ट हाउस दिया गया जिसका प्रतिमाह एक लाख रुपए किराया आता है और घर छोटे बेटे को दिया गया.
सब कुछ तय होने के बाद बड़े बेटे ने अपनी मां और छोटे भाई को घर से निकाल दिया. सत्य प्रकाश राघव की सीनियर सिटीजन पत्नी अपनी यह पीड़ा जगह-जगह बता चुकी है.कुछ दिन पहले हमारे नगर पालिका के डोईवाला के अध्यक्ष नंदू प्रधान का भी फोन आया था कि इस महिला को न्याय कहीं भी नहीं मिल पा रहा है. बड़ा बेटा योगेश राघव इन्हें रौब दिखाकर बड़े बड़े नेताओं के साथ फोटो दिखाकर घर में नहीं आने दे रहा. राघव की पत्नी और बेटा अपना घर होने के बावजूद उसके पुख्ता कागज होने के बावजूद अपने घर में नहीं घुस पा रहे है और किराए के घरों मे धक्के खा रहे हैँ.कल उनसे बात हुई और उनके सारे दस्तावेज पढ़कर यकीन नहीं हो रहा कि ये उत्तराखंड की उस राजधानी देहरादून का मामला है जहाँ आज ही खबर छपी है कि देहरादून के डीएम ने देहरादून की एक महिला की वेदना को सुनकर उनके बेटों पर गुंडा एक्ट लगा दिया.सत्य प्रकाश राघव की पत्नी भी इसी प्रकार जिलाधिकारी देहरादून के जनता दरबार में जाकर अपना दुखड़ा रो चुकी है उनका कहना है कि जिलाधिकारी ने उसे दिन उन्हें आश्वासन दिया था कि उन्हें घर का कब्जा दिलाया जाएगा जो तक नहीं मिला सत्य प्रकाश राघव के बेटे योगेश राघव के बड़े-बड़े नेताओं के फोटो शायद न्याय की राह में रोड़ा बना रहे हैं. सत्य प्रकाश राघव की पत्नी और छोटा बेटा अपनी यह पीड़ा डोईवाला के विधायक बृजभूषण गैरोला को भी बता चुके हैं लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई. योगेश राघव ने अपनी मां पर एक झूठा मुकदमा लगाया जिसमें न्यायालय में उसकी हार हो चुकी है.आज हरिद्वार के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का बयान भी अख़बार मे छपा हुआ है की पार्टी की छवि खराब नहीं होनी चाहिए.क्या त्रिवेंद्र सिंह रावत जिलाधिकारी देहरादून को पूछेंगे कि उनके संसदीय क्षेत्र में यह क्या हो रहा है.अगर किसी के पास देहरादून के डीएम का फोन नंबर हो तो कृपया उनके लिए लिखे गए इन पत्रों को जरूर वहां तक उन्हें व्हाट्सएप कर दें हो सकता है कि एक विधवा मां को न्याय मिल जाय।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार है







