Thursday, May 14, 2026
Home उत्तरकाशी आन्दोलन का रंग : मस्ताड़ी एवं कुज्जन गांव का भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण...

आन्दोलन का रंग : मस्ताड़ी एवं कुज्जन गांव का भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के भूवैज्ञानिकों से सर्वेक्षण का कार्य सम्पन्न

मस्ताड़ी एवं कुज्जन गांव का भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के भूवैज्ञानिकों से सर्वेक्षण का कार्य सम्पन्न

जिला प्रशासन के द्वारा भटवाड़ी तहसील के मस्ताड़ी एवं कुज्जन गांव का भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के भूवैज्ञानिकों से सर्वेक्षण का कार्य सम्पन्न कराया गया है। सर्वेक्षण की रिपोर्ट • मिलने के बाद इन गांवों की सुरक्षा के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि मस्ताड़ी एवं कुज्जन गांव में लंबे समय से भूधंसाव होने तथा भूमि के अंदर से पानी का रिसाव होने के कारण गांव के रिहायशी क्षेत्रों में खतरे की आशंका व्यक्त की जा रही थी। जिसे देखते हुए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की देहरादून स्थित राज्य इकाई को इन दोनों गावों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट देने की अपेक्षा की गई थी।

जिलाधिकारी के आग्रह पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा भूवैज्ञानिक सोनाली गुप्ता एवं वंदना खम्पा को मस्ताड़ी एवं कुज्जन गांव के प्रारंभिक भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा भू-तकनीकी सर्वेक्षण करने के लिए इन गांवो मे भेजा गया था। दोनों भूवैज्ञानिकों ने पिछले दो दिनों से जिले के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के भूवैज्ञानिक जीडी प्रसाद के साथ उक्त दोनो गावो में जाकर सर्वेक्षण कार्य संपादित किया और परीक्षण के लिए मिट्टी के नमूने एकत्र किए है। स्थलीय सर्वेक्षण और मिट्टी के नमूनों के प्रयोगशाला परीक्षण के नतीजों के विश्लेषण कर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौपेगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल ने बताया कि उक्त सर्वेक्षण के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी, स्थानीय ग्राम प्रधान एवं अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन द्वारा इन गांवो की सुरक्षा के संबंध में विशेषज्ञों की राय के अनुसार आगे की रणनीति तय की जायेगी।

RELATED ARTICLES

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है।

क्या अनियोजित विकास की भेंट चढ़ते रहेंगे जंगल? ------------------ सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है। -------------------- By - Suresh bhai उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के...

सत्रह दिनों में 2 लाख 12 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे गंगोत्री यमुनोत्री

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक ली है। इस दौरान उन्होंने यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में यात्रा की...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...