MUST READ – यहां फोर लेन हाईवे बनाने जैसी जिदद विनाशकारी साबित हो रही है।
By – Sunil Navprabhat
हिमालयी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है National Landslide Susceptibility Mapping (NLSM) की रिपोर्ट के अनुसार लैंडस्लाइड के लिए देश में सबसे अधिक संवेदनशील है अरुणाचल प्रदेश जहां सबसे अधिक 26 हजार लैंडस्लाइड स्पॉट चिन्हित किए गए हैं । इसके बाद आता है हिमाचल-17 हजार और तीसरे नंबर पर है उत्तराखंड- यहां करीब 15 हजार संवेदनशील लैंडस्लाइड स्पॉट चिन्हित किए जा चुके हैं ।
__________________
– उत्तराखंड में भी सबसे अधिक चमोली जिला संवेदनशील है, चमोली का 29 फीसदी एरिया लैंडस्लाइड को लेकर अति संवेदनशील है
– दूसरे नंबर पर बागेश्वर जिला है, बागेश्वर जिले 28 फीसदी एरिया अतिसंवेदनशील है
– तीसरे नंबर पर पिथौरागढ़ है, जिसका 27 फीसदी एरिया और चौथे नंबर पर उत्तरकाशी है जिसका 24 फीसदी क्षेत्रफल लैंडस्लाइड के लिए अति संवेदनशील है
__________________
इस रिपोर्ट से ये निष्कर्ष निकलता है कि यदि हिमालयी राज्यों को विनाश से बचाना है, उन्हें विकास की मुख्य धारा के साथ खड़ा करना है तो इसमें कोई दो राय नहीं होनी चाहिए कि इन राज्यों के लिए विकास का अलग से मॉडयूल तय होना चाहिए । विकास तो निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है । लेकिन, यहां फोर लेन हाईवे बनाने जैसी जिदद विनाशकारी साबित हो सकती है । ये समय और पैसा दोनों की बरबादी है ।
(लेखक टेलीविजन पत्रकार है।)







