सीमांत जनपद उत्तरकाशी के जिला पंचायत की सबसे “हॉट सीट” रामा वार्ड मानी जा रही है। जहां तीन ऐसे युवा उम्मीदवार इस पंचायत चुनाव के मैदान में हैं जो हरदम किसी से हारना नहीं चाहते। खास बात यह है कि इस सीट पर राजनीति के सभी हथकंडे अपनाए जा रहे है। अब देखना यह होगा कि यह महारथी जीत कैसे हासिल कर पाएंगे, जो समय की गर्त में है।
ज्ञात हो कि जिला पंचायत “रामा वार्ड” से पुरोला के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरिमोहन नेगी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजलवाण और भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता एवं भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतेंद्र राणा चुनाव मैदान में है। देखा जाय तो इन युवा उम्मीदवारों में कौन किस से कम है? यह आंकलन करना जल्दीबाजी होगी।
उल्लेखनीय हो कि पुरोला नगर पालिका के पूर्व में अध्यक्ष रहे हरिमोहन नेगी के खाते में पुरोला नगर पालिका में हुए विकास की एक लंबी फेहरिस्त जाती है। इसी तरह दीपक बिजलवाण के खाते में भी जिला पंचायत अध्यक्ष रहते जो उनके द्वारा विकास कार्य हुए है वे इस दौरान मतदान के रूप में सामने आयेंगे। इधर सतेंद्र राणा भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता और कई मर्तबा भाजपा संगठन में विभिन्न पदों पर रहे है। सत्ता के करीब रहते श्री राणा ने अपने इस क्षेत्र में कितना विकास का कार्य किया है उसे वे मतदान के रूप में अपने पक्ष में करवाने वाले है।फिलवक्त इतना तय है कि इन तीनों युवाउम्मीदवारों के पीछे विकास कार्यों की एक सूची चस्पा है जो इस चुनाव में नतीजे के रूप में सामने आने वाली है।
खैर! जिसने जो बोया होगा उसे मतदान के रूप में वह स्वयं उसे काटेगा भी। मगर चुनाव की गणित इसलिए स्पष्ट नहीं हो पा रही है कि मतदाता कैसे आंकलन करे कि इन क्षत्रपों ने उनके हिस्से का विकास सही समय पर क्रियान्वित किया है। राजनीतिक रूप से भी यह तीनों युवा उम्मीदवार “परिपक्व” नजर आ रहे है। हरिमोहन नेगी कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता है तो सतेंद्र राणा भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता है। जबकि दीपक बिजलवाण 10 सालो से जिला पंचायत जैसे स्थानीय सत्ता के जिम्मेदार प्रतिनिधि रहे है।
उल्लेखनीय यह है कि जिला पंचायत “रामा वार्ड” में सबसे अधिक मतदाता राजपूत, दूसरे नंबर पर अनुसूचित जाति और तीसरे नंबर पर ब्राह्मण मतदाता है। इस तरह यदि जातीय समीकरण को देखा जाए तो राजपूत समुदाय से दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। जबकि ब्राह्मण समुदाय से एक ही उम्मीदवार इस चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहा है। अर्थात ऐसा भी कह सकते हैं कि अनुसूचित जाति के मतदाता ही इन उम्मीदवारों के भाग्य विधाता बन सकते है। वैसे भी सतेंद्र राणा जिस “गुंदीयाट गांव” से आते है वहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक बताई जाती है। दीपक बिजलवाण जिस “पोरा गांव” से आते है वहां भी मतदाताओं की संख्या 600 से अधिक बताई जाती है। जबकि हरिमोहन नेगी का मूल गांव “को-रना” हुडोली जिला पंचायत वार्ड में आता है। पर पुरोला नगर पालिका में हुए विकास की हव्वा ने “रामा वार्ड” से श्री नेगी को चुनाव मैदान में उतार दिया है। यह भी जगजाहिर है कि पुरोला नगर पालिका के विकास कार्य संपूर्ण पुरोला विकासखंड को प्रभावित करते है। अलबत्ता जो भी हो वह चुनाव परिणाम आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा।
दरअसल लोगो का यह मानना है कि हरिमोहन नेगी के कारण पुरोला नगर पालिका में अभूतपूर्व विकास के कार्य हुए है। इसी तरह लोग दीपक बिजलवाण के लिए कह रहे हैं दीपक ने जिला पंचायत अध्यक्ष रहते विकास के किसी कार्य को अछूता नहीं रखा है। सतेंद्र राणा के लिए भी रामा वार्ड के लोग यही कह रहे है कि श्री राणा पिछले 10 सालों से सत्ता के बहुत नजदीक रहे है। उन्होंने सरकार से क्षेत्र में विकास के कई कार्य करवाए है। पूर्व में श्री राणा की पत्नी पुरोला की ब्लॉक प्रमुख भी रही है, इस दौरान के कार्य भी उन्ही के खाते में जाते है। कुल मिलाकर लोगों के इस मंतव्य के मार्फत यह तीनों युवा और जुझारू नेता अपनी अपनी जीत पक्की बता रहे है।
दिलचस्प यही है कि जिला पंचायत उत्तरकाशी की सभी सीटों में से राम वार्ड में युवाओं के बीच में जो चुनावी युद्ध हो रहा है। यह युद्ध कोई आक्रामक नहीं बल्कि युवा जोश के साथ मतदान को अपने अपने पक्ष में करना है। इसी आकर्षक दृश्य के लिए रामा वार्ड ही नहीं बल्कि बाहर के लोग भी देखने आ रहे है। इसलिए कह सकते हैं कि इस सीट के चुनावी परिणाम पर भी सभी की नजरें टिकी है।







