Sunday, September 13, 2026
Home देहरादून टमाटर में दैहिक विकार Physiological Disorders

टमाटर में दैहिक विकार Physiological Disorders

टमाटर में दैहिक विकार Physiological Disorders

@डा० राजेंद्र कुकसाल

1 ब्लासम ड्राप – फूलों का झड़ना –
अत्यधिक तापमान एवं सूखे की अवस्था में यह विकार उत्पन्न होता है, जिसके कारण टमाटर में परागण की समस्या उत्पन्न होती है एवं फूल सूख कर झडने लगते हैं।

प्रबंधन – गर्मियों के मौसम में नमी की कमी न होने दें। पौली हाउस में तापमान 30° सैन्टीग्रेड से ऊपर न जाने दें।

Tamatar
Tamatar

2 फलों का फटना –
टमाटर में फलों का फटना एक आम समस्या है, जिसके कारण किसानों को बाजार में उचित मूल्य नहीं मिल पाता। टमाटर के फलों में दो प्रकार की फटने की समस्या आती है एक फल के ऊपरी भाग में डंठल के चारों ओर तथा दूसरी टमाटर के ऊपरी भाग से नीचे की ओर प्रथम प्रकार के फटने की समस्या अधिक पाई जाती है।

प्रबंधन -इसकी रोकथाम के लिए खेत में लगातार नमी बनाये रखना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त तीन बार 0.3 प्रतिशत बोरेक्स (3 ग्राम बोरेक्स प्रति लीटर पानी) का छिड़काव फल लगने के समय इसके 15 दिनों के बाद तथा जब फल पकने शुरू हो जाए तब किया जाना चाहिए।

3 सनस्केल्ड –
यह एक दैहिक विकार है जिसमें फलों पर पीले या सफेद छाले उभर आते हैं। इसकी रोकथाम के लिए तापमान को 24 ° सेन्टिग्रेड .से अधिक नहीं बढ़ने देना चाहिए। इस समस्या का मुख्य कारण फलों पर गर्मी के मौसम में सूर्य के अधिक प्रकाश पड़ने पर फलों की त्वचा का जल जाना है जिससे फलों में लाल रंग बनने की क्रिया समाप्त हो जाती है तथा फल पीले, सडे व छाले युक्त दिखाई पड़ते हैं।

physiological-disorders
physiological-disorders

प्रबंधन -इसकी रोकथाम के लिए फलों को सूर्य की पड़ने वाली सीधी किरणों से बचाना चाहिए। ऐसी किस्मों का प्रयोग किया जाना चाहिए जिनमें पौधों की वानस्पतिक वृद्धि/पत्तों की बढ़वार अच्छी हो तथा फलों को पत्तियों के नीचे छाया में रख कर अधिक तापमान के कारण होने वाले विकार से बाचाया जा सके।

4 कैटफेसिंग –
अधिक ठंड व कम तापमान के कारण कई बार फूलों में पर-परागण के कार्य में किसी प्रकार का अवरोध आ जाने के कारण फल की आकृति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अधिक ठंड में फलों की आकृति में बदलाव आ जाता है जिसके कारण कई फल तो चोचदार बन जाते हैं जो देखने में ठीक नहीं लगते हैं।

प्रबंधन -कैटफेसिंग से बचने के लिए पौधों को ठंड से बचाना आवश्यक है। छोटे फलों के आकार वाली प्रजाति का उपयोग करें।मलचिंग के प्रयोग करने से कैटफ़ेस से बचा जा सकता है।

5 पफीनैस(खोखलापन) –
तापमान के उतार चढ़ाव एवं नाइट्रोजन की अत्यधिक मात्रा देने के कारण यह विकार उत्पन्न होता है। फलों के आकार में गिरावट आने से फल बहुत छोटे बन जाते हैं। ऐसे फल पिलपले व खोखले से दिखाई पडते हैं। फलों में पानी की मात्रा में भी कमी आ जाती है तथा फलों का भार कम हो जाता हैं। ऐसे फल उन पौधो पर लगते हैं जहां भूमि की तैयारी करते समय खेत के कोने ऊँचे रह जाते है तथा पौध रोपाई के पश्चात् ऐसे कोने व असमतल भूमि में पौधों की जड़ों को सीमित पानी मिलता है तथा पौधों की बढ़वार में भी कमी आती है। ऐसी अवस्था से पौधों को कम पानी मिलने के कारण फल का फैलाव नहीं हो पाता तथा फल खोखला सा बन जाता है व थोड़ा सा दबाने पर पिचक जाता है।

प्रबंधन -पफीनेस से बचने के लिए खेत की तैयारी करते समय सुहागा लगा कर भूमि को एक समान व समतल बना कर मेढो को बनाना चाहिए। नाइट्रोजन की उचित मात्रा का प्रयोग करें।

6 बलोज़म इड रोट-
टमाटर का ब्लॉसम-एंड रॉट एक शारीरिक रोग है, इस रोग में टमाटर के फल के फूल के सिरे पर एक बड़ा, भूरा से काला, सूखा, चमड़े जैसा क्षेत्र होता है। यह विकार उन स्थानों पर अधिक मिलता है जहां पर भूमि में कैल्शियम तत्त्व की कमी पाई जाती है। कभी-कभी नाइट्रोजन की अत्यधिक मात्रा होने के कारण भी यह विकार होता है।पौली हाउस में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।

physiological-disorders
physiological-disorders

पौधे भूमि से पानी द्वारा पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं खेत में नमी न होने पर अधिक तापमान या अन्य कारणो से पौधे आवश्यकता अनुसार कैल्सियम ग्रहण नहीं कर पाते जिससे फलो में ब्लौसम एण्ड रौट दिखाई देता है।

प्रबंधन -कैल्शियम युक्त उर्वरकों का उपयोग करें।भूमि में हमेशा नमी बनाये रखें इसके लिए समय समय पर सिंचाई करते रहें साथ ही मल्चिंग करें।

RELATED ARTICLES

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

सरस्वती ताल और केदारताल का होगा वैज्ञानिक सर्वे, वैज्ञानिको का दल रवाना

सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री ने दी शुभकामनाएं प्रदेश...

जल प्रबंधन को मिलेगा आधुनिक तकनीक का वैज्ञानिक आधार – MIKE Hydro Basin सॉफ्टवेयर

जल संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का नया अध्याय—MIKE Hydro Basin पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ देशभर से 400 से अधिक विशेषज्ञ,...

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ https://www.facebook.com/janmanchaajkal?locale=hi_IN हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय...

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas By - Prem Pancholi The Shail Shilpi Vikas Sangathan organized...

समाधान दिवस पर 120 शिकायतें दर्ज, त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया आरम्भ – जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान

जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ....

झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं, स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहीं-वाडिया मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में यूएसडीएमए...

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार की अध्यक्षता...