बीते 15 दिनों में नगर पंचायत बद्रीनाथ में कचरे की आय डेढ़ लाख रुपए।

जहां जहां लोगो की भीड़ होगी वहां वहां प्लास्टिक कचरा का बढ़ना आम बात हो गई है। उत्तराखंड में जैसे चार धाम के कपाट खुलते है वैसे ही प्लास्टिक कचरा भी भारी मात्रा में दिखने लग जाता है। इससे पर्यावरण को नुकसान न हो इसलिए बद्रीनाथ नगर पंचायत ने सरल तरीका ढूंढ निकाला है।
ज्ञात हो कि इस वर्ष से बदरीनाथ धाम में प्लास्टिक वेस्ट को नगर पंचायत प्रशासन ने आय का बेहतर संसाधन बना लिया है। इस वर्ष जैसे भगवान बद्रीनाथ के कपाट खुले तब से लेकर अब तक नगर पंचायत ने धाम में बिखरे प्लास्टिक कचरे का विपणन कर 2 लाख 61 हजार 500 रुपए की आय अर्जित की है।

फलस्वरूप इसके बद्रीनाथ धाम प्लास्टिक कचरे से मुक्त हो रहा है और नगर पंचायत की आमदनी भी हो रही है।
दरअसल बदरीनाथ धाम की सफाई का जिम्मा भी नगर पंचायत बदरीनाथ का ही है। जिसके लिए नगर पंचायत की ओर से 45 पर्यावरण मित्रों की तैनाती मुख्य नगर क्षेत्र, 22 की मंदिर परिसर में तैनाती दी गई है। इसके साथ ही नगर से निकलने वाले कचरे के कॉम्पेक्टिंग, कम्पोस्टिंग और सेग्रीगेशन के लिए 15 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिनके माध्यम से कचरे को एकत्रित कर ब्लॉक बनाकर विपणन किया जा रहा है।
नगर पंचायत बद्रीनाथ के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि बीते 15 दिन में पंचायत प्रशासन ने लगभग 12 टन प्लास्टिक कचरे का निस्तारण कर ₹1.35 लाख की आय अर्जित की है।







