Sunday, June 28, 2026
Home crime मुख्यमंत्री सोए रहो, सामने है उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के कारनामे।

मुख्यमंत्री सोए रहो, सामने है उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के कारनामे।

By – Charu tiwari

उत्तराखंड इन दिनों फिर उबल रहा है। राज्य में एक ऐसा मुख्यमंत्री है, जो दिल्ली में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और अमित साह का खासमखास है। मोदी जब भी आते हैं, इनके कंधे पर हाथ रखकर इनकी नाकामी और नासमझी को प्रमाण पत्र देते रहते हैं। मुख्यमंत्री जब कोई खडंजे या हैंडपंप का उद्घाटन करने जाते हैं तो उसका श्रेय भी मोदी जी को देते हैं। एक हारे हुए विधायक के मुख्यमंत्री बनने का इससे ज्यादा और क्या हो सकता है। पुष्कर सिंह धामी जनविरोधी सत्ता का सबसे बड़ा चेहरा हैं। जो प्रधानमंत्री अपनी डिग्री के बारे झूठ बोलता हो, जो गृहमंत्री ‘बारहवीं के बाद इंटर’ करता हो, उनका चेला कैसे पहाड के युवाओं के दर्द को समझ सकता है। वह कैसे अंकिता और पिथौरागढ़ की बच्ची की सिसकियां सुन सकता है!

देहरादून, हल्द्वानी, पिथौरागढ़ और राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोग पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ सड़कों पर हैं। जो युवा अपने उज्जवल भविष्य के सपने देख रहे थे, उन पर धामी के ‘हाकमों’ ने अपनी काली करतूतों से निराशा का आकाश खड़ा कर दिया है। सत्ता पोषित इन दलालों ने यहां के अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इन दिनों उत्तराखंड अधीनस्थ आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर बेरोजगार आंदोलन कर रहे हैं, वह बताता है कि यह सरकार कितनी संवेदनहीन और नाकारा है कि वह सडक पर रात-रात भर सो रहे युवाओं के प्रति कितनी क्रूर है। बजाए युवाओं के मर्म को समझने के वह इस तलाश में कैसे इनकी गर्दन दबोच दे। वह अपने पूरे प्रशासनिक और पुलिस अमले को इस बात को साबित करने में लगा रही है कि पेपर लीक नहीं, बल्कि एक सेंटर में नकल हुई है। अपने को विश्वगुरु और दुनिया का सबसे बडा नेता बताने वालों का चेला एक परीक्षा तक नहीं करा पा रहा है। बेशर्मी इतनी कि मोदीजी के मूर्खतापूर्ण जीएसटी में ढील की घोषणा को उत्सव मनाया जा रहा है। जब युवा हल्द्वानी की सड़कों पर थे तो नैनीताल के सांसद मोदी के झूठ को व्यापारियों की जीत के रूप में प्रचारित करने के लिए बाजार-बाजार घूम रहे थे।

अभी देहरादून की सड़कों पर युवाओं को जो जन सैलाब है, वह बताता है कि मोदी का ‘यह सदी उत्तराखंड की होगी’ का नारा झूठ, फरेब, धूर्तता, बेशर्मी और राजनीतिक कपट से भरा है। यह राज्य बना ही इसलिए था कि युवाओं को रोजगार मिले। उनका भविष्य सुरक्षित हो। इनकी पुरानी पीढ़ी इसी सपने के लिए सड़कों पर उतरी थी। दुर्भाग्य से जिनके लिए आंदोलनकारियों ने अपना बलिदान दिया, उन्हें भी अब सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। जिस तरह का व्यवहार यहां के नागरिकों के साथ किया जा रहा है, ऐसा तो उत्तर प्रदेश के समय में भी नहीं था।

पटवारी से लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय और निवास तक अलग-अलग किस्म के लोगों का अड्डा बन गया है। युवा की नौकरियों को लीलने के ‘हाकम’ हैं और मुख्यमंत्री जनता के पसीने की कमाई को तथाकथित दर्जाधारी और अपने सलाहकारों पर खर्च कर रही है। उन्हें गाड़ी, ड्राइवर, आफिस, वेतन, वीआईपी प्रोटोकॉल मुहैया करा रही है। दिल्ली से लेकर गांव तक इस तरह के ‘लाइजनरों’ की बड़ी फौज खड़ी कर दी है। हमारे युवा जब इन बेइमानियों की बात कर रहे हैं तो उन्हें पुलिस के पहरे में धमकाया जा रहा है। उनके खिलाफ मामले बनाने का दुष्चक्र रचा जा रहा है। इस बीच सरकार ने इस तरह की आवाजों को दबाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनके उच्चाधिकारी इतनी बेशर्मी पर उतर आये हैं कि वह ऐसे चालीस-पचास वर्ष के युवाओं के ज्ञापन ले रही है, जो कह रहे हैं कि परीक्षाओं में कोई धांधली नहीं हुई है।

कितने बदमाश हैं कि कल आंदोलनकारी युवाओं ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर बताया है कि हरिद्वार से तथाकथित युवाओं को गाड़ियों में भरकर देहरादून ला रहे हैं। एक तरह से वह युवाओं को युवाओं से लड़वाने का षड्यंत्र भी रच रहे हैं। इस सरकार में इतनी शर्म भी नहीं बची है कि वह यह कह सके कि हम युवाओं को रोजगार देने के लिए सही तरह से परीक्षा करवाने में नाकाम रहे हैं। इस मामले में सही जांच होनी चाहिए। जिस केंद्र से यह पर्चा लीक हुआ है, वह भी भाजपा के पदाधिकारी है। युवाओं की इस बात को माना जाना चाहिए कि इसकी जांच सीबीआई से हो।

फिलहाल हम सब युवाओं की आवाज के साथ हैं।

@लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

RELATED ARTICLES

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...