Saturday, September 12, 2026
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उत्तराखंड सरकार : कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय’

’कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय

By – Prem Pancholi

1. परिवहन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंत्रीमण्डल को अनुमोदन।
मंत्रीमण्डल द्वारा परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण को लेकर अनुमोदन प्रदान किया गया, जिसमें अब पुलिस विभाग के चालकों के अनुसार, प्रवर्तन चालकों का भी वर्दी का निर्धारण किया गया है।

2. कुम्भ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में होने वाले स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 01 करोड़ तक के कार्यों को मेलाधिकारी द्वारा तथा 05 करोड़ तक कार्यों को आयुक्त गढ़वाल मंडल द्वारा स्वीकृत किए जाने हेतु मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। 05 करोड़ से अधिक के कार्यों में पूर्व की भांति शासन से स्वीकृति प्राप्त की जायेगी।

3. उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली (संशोधन) 2026 के अन्तर्गत सैनिकों से संबंधित बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में नामित होंगे। इसके अतिरिक्त विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क सेवा के अन्तर्गत ऐसेड अटैक विक्टिंग को भी शामिल करने का मंत्रिमंडल द्वारा दिया गया अनुमोदन।

4. औद्योगिक विकास विभाग के अन्तर्गत उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए पूर्व में खनिज पर निर्धारित रॉयल्टी की दर ₹7 प्रति कुंतल से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल किए जाने का निर्णय मंत्रीमण्डल द्वारा लिया गया।

5. पूर्व में पारित आबकारी नीति के तहत 6 प्रतिशत वैट की दरों का निर्धारण किया गया था। आबकारी नीति के अनुसार ही वाणिज्य कर विभाग द्वारा अपनी नियमावली में 6 प्रतिशत वैट की दरों के संशोधन हेतु प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया।

6. परिवहन विभाग द्वारा 250 बस क्रय करने के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल द्वारा दी गई अनुमति।

7. परिवहन विभाग को पूर्व में शासन द्वारा 100 बस खरीदने की अनुमति दी गई थी। वर्तमान समय में जीएसटी के रेट 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के चलते अब परिवहन विभाग को 100 की जगह 109 बस क्रय करने की अनुमति मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई।

8. वन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 के संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी।
उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 में संशोधन करते हुए वन दरोगा के पद के लिए शैक्षिक अर्हता को इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक किए जाने तथा वन दरोगा की आयु सीमा को 21 वर्ष 35 वर्ष करने एवं वन आरक्षी हेतु आयु सीमा 18 वर्ष से अधिकतम 25 वर्ष किए जाने का मंत्रीमंण्डल द्वारा अनुमति दी गई। इस संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा पूर्व में पारित वर्दीधारी नियमावली के अनुबन्ध भी लागू रहेंगे।

9. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्तर्गत अक्टूबर 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 को अधिसूचित किया गया था, इसमें अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता एवं संस्थानों की शैक्षिक उत्कृष्टता को सुविधाजनक बनाने और बढ़ावा देने एवं अन्य कार्यों की व्यवस्था इस अधिनियम में की गई थी। इस व्यवस्था में कक्षा 01 से कक्षा 12 तक संचालित अल्पसंख्यक संस्थाओं को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेने का प्रावधान किया गया था।
वर्तमान में राज्य में 452 मदरसे है, जिनमें लगभग 400 से अधिक मदरसो में कक्षा 01 से कक्षा 8 तक की ही पढ़ाई कराई जाती है। इन मदरसों के अनुरोध एवं उनकी सुविधा के लिए कक्षा 01 से 8 तक के संचालन करने वाले अल्पसंख्यक संस्थाओं की संबद्धता अब जिला स्तरीय शिक्षा समिति/शासन द्वारा निर्धारित सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित किया जाएगा। कक्षा 09 से 12 तक के संचालन करने वाले अल्पसंख्यक संस्थाओं को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेनी होगी। इस व्यवस्था को लागू करने हेतु मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में अध्यादेश लाने का भी अनुमोदन मंत्रीमण्डल द्वारा प्रदान किया गया।

10. कार्मिक विभाग के अन्तर्गत विभिन्न विभागों में एकल संवर्ग में एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची प्राप्त हो गई है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए और भविष्य हेतु एक स्पष्ट एसओपी बना ली जाए, ताकि सभी विभागों और आयोगों को इसके संबंध स्पष्टता सुनिश्चित हो सके, जिस पर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया।

11. मा. सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में रिट याचिका रजनीश कुमार पांडे व अन्य बनाम भारत सरकार में 28 अक्टूबर, 2021 को निर्णय पारित हुआ था। जिसके क्रम में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2022 में माध्यमिक स्तर हेतु विशेष शिक्षा शिक्षकों की शैक्षिक अर्हताएं तय की गई थी, उसी के अनुसार विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर भर्ती हेतु उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली में शैक्षिक योग्यताएं रखी गई है, जिस पर मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन दिया गया।

12. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को कैबिनेट की मंजूरी।
उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई। पूर्व में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक के कुल 62 पद सृजित किए गए थे, परंतु उनकी सेवा नियमावली प्रख्यापित नहीं की गई थी, जिसके कारण अध्यापकों के प्रमोशन आदि प्रभावित हो रहे थे।

13. लोक निर्माण विभाग के अन्र्तगत 2023 में 2010 पदों पर जेई की भर्ती हुई थी, जिसमें दिव्यांग श्रेणी के 07 पदों पर भर्ती की जानी थी, परंतु उस समय उस कैटेगरी के लोग नहीं मिल पाने की वजह से सामान्य श्रेणी से उनकी भर्ती की गई। मा. उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार दिव्यांगजनों के पदों को 2023 से ही रिक्त रखना था। क्यांेकि यह पद रिक्त नहीं रखे जा सके, जिन्हें 2023 से ही सृजित करने के प्रस्ताव को मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति दी गई।

14. पूर्व में 01 जनवरी, 2026 को मंत्रिमंडल का निर्णयनुसार पेंशन हेतु अर्हकारी सेवा और विधिमान्य अधिनियम के संबंध में 16 जनवरी, 2026 को वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन दिये जाने एवं उनकी सेवा की गणना के संबंध में शासनादेश निर्गत किये गये थे। इसके उपरांत कई कार्मिक द्वारा मा. उच्च न्यायालय में गए थे और मा. उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी किये गये। मा. उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश को मंत्रीमण्डल के संज्ञानार्थ प्रस्तुत किया गया।

15. उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली, 2025 के अंतर्गत सूचीबद्ध ‘डी‘ श्रेणी के ठेकेदारों हेतु निविदा सीमा को 01 करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ किये जाने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई।

16. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रम में पूर्व में सरकारी कॉलेज हेतु मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना शुरू की गई थी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वर्तमान में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों है, जहां नियमित प्राचार्य है, ऐसे महाविद्यालयों में भी मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई।

17. वन विभाग द्वारा वन क्षेत्रों की सीमा पर प्रस्तावित मौन पालन की नीति को मंत्रीमण्डल द्वारा दी स्वीकृति।
प्रदेश में लोगों की आर्थिकी में वृद्धि करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने एवं मानव और हाथी संघर्ष को कम करने तथा वन क्षेत्रों की सीमा में मौनपालन की सम्भावना को देखते हुए उत्तराखंड वन सीमांत मौनपालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव हाथी संघर्ष न्यूनीकरण नीति को मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति दी गई। राज्य का 70 प्रतिशत भूभाग वन अच्छादित है, जिससे वन क्षेत्रों की सीमा में मौनपालन की सम्भावना अत्याधिक है।

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