Monday, June 29, 2026
Home विविध बीसवीं सदी की वह रात

बीसवीं सदी की वह रात

बीसवीं सदी की वह रात

@Manorama nautiyal

Story
Story

सुदूर हिमालय के मानसखण्ड में एक घना वन था। देवदार और बाँज के कृष्णहरित वृक्षों से सुसज्जित वन की सुषमा देखते ही बनती थी।

वह बीसवीं सदी की एक चमत्कारी रात थी। एक सिद्ध बाबा के स्वप्न में देवता प्रकट हुए और उन्होंने बाबा से मानसखण्ड के घने वन के बीच घास-फूस का एक आश्रम बनाने की इच्छा प्रकट की।

Story
Story

बाबा के हृदय में द्वन्द्व प्रारंभ हो गया- वन के बीच आश्रम कैसे बनेगा? हरे-भरे वृक्षों की हत्या का पाप लगेगा। हे प्रभु, इस अनिष्ट के लिए मुझ निरीह को ही क्यूँ चुना?

देवताओं की इच्छा के सम्मुख नतमस्तक बाबा अनमने मन से वन की ओर चल दिए। किंतु, यह क्या! वन के मध्य में बड़ा सा खाली तप्पड़! सपाट और समतल।

इस दिव्य दृश्य को देखकर बाबा अचंभित हो गए। नेत्रों से हर्ष के अश्रु प्रवाहित होने लगे-

Story
Story

आपकी महिमा अपारम्पार है भगवन्! वे वृक्ष भी महान अंतर्यामी थे जिन्होंने प्रभुसेवा में आत्बलिदान दे दिया। यह वन भी पूजनीय है जिसने आश्रम के लिए अपना हृदय खोल दिया, सीना चीर दिया। अहा!’

वृक्षों ने स्वयं ही लोप होकर बाबा को वृक्षहत्या के जघन्य पाप से बचा लिया।

Story
Story

इसके उपरांत बाबा ने उस तप्पड़ में एक छोटा सा घास-फूस का आश्रम बनाया।

तब से लेकर आज तक आश्रम में अंग्रेजी भारतीय, भारतीय अंग्रेज, उत्तराखण्डी राजे-महाराजे, काकचेष्टु-बकोध्यानी विद्यार्थी, कामसाधक, जामयोगी इत्यादि समय-समय पर वानप्रस्थ का अनुभव प्राप्त करने हेतु प्रवास करते रहते हैं।

Story
Story

सघन वन के क्रोड में स्थित सैकड़ों देवदार-बाँज के त्याग का प्रतीक यह घासफूस निर्मित आश्रम पर्यावरणविद, वृक्षमानव, मानवविज्ञानी, पशु-पक्षी रक्षक व वनप्रेमियों के लिए वैसे ही चरम भंगश्रद्धा का केंद्र है जैसे रिकॉर्डप्रेमी, रीलाभिलाषी, सुट्टाभक्तों के लिए श्रीकेदारनाथ जी।

(नोट-कथा काल्पनिक, चित्र प्रतीकात्मक हैं और इंटरनेट से लिए गए हैं)

RELATED ARTICLES

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

विश्लेषण : आखिर ज़ेन-जी (Gen-Z) पैसा क्यों नहीं बचा रही?

फाइनेंशियल निहिलिज्म (Financial Nihilism): आखिर ज़ेन-जी (Gen-Z) पैसा क्यों नहीं बचा रही? Dr. Nitin Upadhyay ।। आजकल अक्सर सुनने को मिलता है—"आजकल के बच्चे सेविंग्स नहीं...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...