Saturday, March 7, 2026
Home देहरादून पानी का एक बूंद नहीं, अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें

पानी का एक बूंद नहीं, अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें

पानी का एक बूंद नहीं, अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें

CM meeting
CM meeting

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान कहा था कि एक समय ऐसा भी था जब महिलाएं दिन भर पानी ढोने में ही परेशान रहती थी, लेकिन जब बीजेपी की सरकार बनी तो सिर्फ उत्तराखंड में ही 12 लाख घरों तक नल का जल पहुंचा दिया गया है। यही वाकाया इन दिनों उत्तराखंड के लोगो को चिढ़ा रहा है।

ज्ञात हो कि देहरादून से लेकर चमोली तक और चंपावत से लेकर रूड़की तक पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। हर एक दिन पेयजल की समस्याएं मीडिया की सुर्खियां बन रही है। चंपावत में लोहाघाट के कोली ढेक क्षेत्र में, उत्तरकाशी की पल्ली मुंगरसंती क्षेत्र में, अल्मोड़ा, पौड़ी और चकराता के अधिकांश ग्रामीणों के हलक इन दिनों सूख चुके है। बता दें कि इन सभी क्षेत्रों के सभी प्राकृतिक पेयजल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। कारण इसके चंपावत की महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर अलका ढेक के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय लोहाघाट में धरना दिया और जल निगम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की है।

हास्यास्पद इस बात को लेकर है कि “जल जीवन मिशन” जैसी योजना भी लोगो के हलक तर नहीं कर पा रही है। यही इस महत्वपूर्ण योजना की सफलता की कहानी को बयां कर रही है। आंदोलनकारी महिलाओं ने कहा कि करोड़ों की जल जीवन मिशन योजना के कारण भी गांव के लोग पेयजल के लिए सड़को पर उतर रहे हैं। महिलाओ ने यह भी कहा कि चंपावत क्षेत्र में हर घर जल, हर घर नल योजना का काम विभाग ने दो साल से अधूरा छोड़ दिया है। कई बार जलनिगम व जल संस्थान के अधिकारियो से गुहार लगाई गई पर उनके कान तक जूं नहीं रेंगी।

उल्लेखनीय हो कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी पेयजल योजना में भी पानी नहीं आ रहा है। लोगो को कई किलोमीटर दूर से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है। लोहाघाट की उपजिलाधिकारी रिंकु बिष्ट ने कहा कि उन्होंने जल संस्थान विभाग के अधिशासी अभियंता को कह दिया गया है कि वे ग्रामीणों की पेयजल की समस्याएं जल्द दूर कर लें।

Jal sankat
Jal sankat

दरअसल पेयजल समस्या की बात सिर्फ चंपावत या फिर देहरादून तक समिति नहीं है। जनपद मुख्यालय चमोली कस्बे की महिलाओं ने जल संस्थान अधिकारी कार्यालय पहुँचकर विरोध प्रदर्शन किया है। स्थानीय निवासी कुसुम का कहना है कि विगत 20 दिनों से कस्बे में पेयजल की किल्लत हैं, विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से लोगो की समस्याएं बढ़ती ही जा रही है। चमोली में जल संस्थान अधिकारी कार्यालय पहुंची महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा है कि इस बार अगर तीन दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बद्रीनाथ विधानसभा उपचुनाव में वोट का बहिष्कार करेगे साथ ही वही चारधाम यात्रा मार्ग को बाधित करने को मजबूर होना पड़ेगा।

कुल मिलाकर राज्य के कम से कम 50 से अधिक क्षेत्रों से पेयजल समस्याओ की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी है।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि उतराखंड में बीजेपी की डबल इंजन वाली सरकार के मुखिया पुष्कर सिंह धामी लगातार अधिकारियों के साथ बैठक करते दिखाई देते हैं और दिशा निर्देश भी देते हैं।

मगर आश्चर्य इस बात को लेकर है कि एक तरफ जहां मुख्यमंत्री देहरादून से लेकर नैनीताल तक अधिकारियों के साथ बैठक तो करते हैं, पर वही अधिकारी सीएम के आदेश को हवा में उड़ा देते हैं। यह आए दिन उत्तराखंड में हो रहा है।मुख्यमंत्री के चिल्लाने के बाद भी ऊंचाई वाले गांव में पेयजल की माकूल व्यवस्था नहीं हो पाई है। यह जगजाहिर है कि पहाड़ी क्षेत्र के अधिकांश गांव के ग्रामीण इन दिनों पेयजल की समस्या से जूझ रहे है।

RELATED ARTICLES

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...