Thursday, May 14, 2026
Home राष्ट्रीय लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में दूसरी...

लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में दूसरी सबसे छोटी मेट्रो लाइन पर चलेगी तीन कोच वाली मेट्रो 

दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में दूसरी सबसे छोटी मेट्रो लाइन (8 किलोमीटर) पर बनेगी

दिल्ली- एनसीआर। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) देश का पहला ऐसा मेट्रो कॉरिडोर शुरू करने जा रही है, जिसे तीन कोच वाली ट्रेनें चलाने के लिए तैयार किया जाएगा। यह कॉरिडोर देश के शहरी परिवहन नेटवर्क में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। फेज-4 के लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में दूसरी सबसे छोटी मेट्रो लाइन (8 किलोमीटर) पर बनेगी। इसी कॉरिडोर पर तीन कोच वाली मेट्रो चलेगी।

यात्रियों के लिए काफी कारगर होगा
मौजूदा समय में मेट्रो की लाइनों पर 4, 6 या 8 कोच वाली ट्रेनों का इस्तेमाल किया जाता है। तीन कोच की ट्रेन को विशेष रूप से कम दूरी की यात्रा के लिए विकसित किया गया है। छोटी ट्रेनें दैनिक यात्रियों की पर्याप्त संख्या को समायोजित करते हुए बेहतर फ्रीक्वेंसी और परिचालन दक्षता सुनिश्चित करेंगी। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यह कॉरिडोर केवल ट्रेन की लंबाई को कम करने के बारे में नहीं, बल्कि भविष्य के लिए कुशल और कम लागत वाली मेट्रो प्रणाली के साथ शहरी गतिशीलता के उपयोग को अपनाने की तरफ एक कदम है। राजधानी के संकरे क्षेत्रों में मेट्रो की पहुंच बढ़ाने में यह बेहतर साबित होगा। यात्री संख्या के आकलन को ध्यान में रखते हुए लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर को विकसित किया जा रहा है। यह कॉरिडोर कम दूरी के यात्रियों के लिए काफी कारगर होगा।

ऊर्जा की होगी कम खपत
छोटी ट्रेन से यह भी फायदा होगा कि इसमें प्रति ट्रिप ऊर्जा की कम खपत होगी। 3-कोच प्रणाली में निवेश कर दिल्ली मेट्रो शीर्ष स्तरीय अर्बन ट्रांजिट सॉल्यूशन प्रदान करते हुए आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित कर रही है। लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर विशेष रूप से दक्षिण और मध्य दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में काफी सुधार करेगा। मौजूदा मेट्रो लाइनों पर भीड़भाड़ को कम कर और प्रमुख स्टेशनों पर निर्बाध इंटरचेंज प्रदान कर इस परियोजना से हजारों दैनिक यात्रियों के लिए यात्रा के समय को कम करने में मदद करेगा।

एक कोच में 300 यात्रियों की क्षमता
हर कोच की क्षमता लगभग 300 यात्रियों की होगी, ताकि कम खर्च के साथ पर्यावरण को भी नुकसान न हो। हर कोच में बैठने और खड़े होने की क्षमता लगभग 300 यात्री की होगी यानी 3 कोच में प्रति ट्रिप 900 यात्री यात्रा कर सकेंगे। कॉरिडोर में आठ महत्वपूर्ण स्टेशन हैं, जिसमें लाजपत नगर (पिंक और वायलेट लाइनों के साथ इंटरचेंज), एंड्रयूज गंज, जीके-1, चिराग दिल्ली (मजेंटा लाइन के साथ इंटरचेंज), पुष्पा भवन, साकेत कोर्ट, पुष्प विहार, साकेत जी ब्लॉक (गोल्डन लाइन के साथ इंटरचेंज) स्टेशन शामिल हैं।

RELATED ARTICLES

गलगोटिया कांड : जहां कुंए में पहले से ही भाँग डाल दी गई हो?.

- गलगोटिया को क्यों गरिया रहे हो? …उसकी क्या गलती है - वो बेचारे तो डंका बजा रहे थे।   By - Prabhat Dabral  सवाल ये नहीं...

इतिहास के पन्नो से : फिरोज गांधी ने जब अपने ससुर यानी नेहरू जी को सदन में मजबूर कर दिया।

By - keshar singh bisht . युगांतक लखन राणा फिरोज गांधी भारतीय राजनीति के इतिहास के वे 'दामाद' थे, जिन्होंने ससुराल में सोफ़े पर बैठकर चाय...

दिल्ली विश्वविद्यालय में जोर पकड़ने लग गई है UGC सोशल इक्विटी रेगुलेशन्स लागू करने की मांग

- AISA - All India Students' Association का मानना है कि जब वंचित लोग बराबरी की बात करते हैं, तो जातिवादी ताकतें खुद को...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...