Sunday, September 13, 2026
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सब्जियों में फलों का टेढ़ा-मेढा होना – कारण और समाधान।

सब्जियों में फलों का टेढ़ा-मेढा होना – कारण और समाधान।

By Dr. Rajendra Prasad kuksal 

सब्जियों में विशेष रूप से लौकी , खीरा , तोरई, करेला, भिन्डी, मिर्च आदि में फल टेढ़े-मेढे दिखाई देते हैं। जिससे किसानों को बाजार में उत्पादन का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।

सब्जियों के फल टेढ़े-मेढ़े होने के मुख्य कारण बोरॉन व कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की कमी, तापमान में अचानक बदलाव, मिट्टी की खराब स्थिति, अपर्याप्त परागण और पानी का जमाव हो सकते हैं।

पोषक तत्वों की कमी- मिट्टी में कुछ खास पोषक तत्वों, जैसे बोरॉन की कमी होने से फल अक्सर टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं। यह समस्या खीरा, लौकी करेला और तोरई जैसी सब्जियों में आम है। भूमि में बोरोन तत्व की कमी से छोटे फल टेढ़े-मेढे होने लगते हैं,फलों की वृद्धि रुक जाती है फूल मरने व झड़ने लगते हैं फल कम लगते हैं।

बोरोन की कमी के लक्षण नई पत्तियों में देखने को मिलते हैं पत्तियां ऊपर की ओर मुड़ने लगती है तथा कटोरीनुमा आकार ले लेती है। पत्तियों की सतह ऊपर नीचे या खुरदरी हो जाती है।

बोरोन की कमी के लक्षण दिखते ही 20% वाले बोरोन का एक लीटर पानी में 3-4 ग्राम की दर से घोल बनाकर पौधों पर छिड़काव करें। दस दिनों बाद छिड़काव पुनः करें। यदि खेत में बोरोन की कमी है तो अन्तिम जुताई पर 14.5 % का बोरोन दस किलो ग्राम प्रति एकड़ याने 500 ग्राम प्रति नाली की दर से खेत में डालें।

परागण की कमी-

अपर्याप्त परागण भी एक मुख्य कारण है। जब फूल पूरी तरह से परागित नहीं होता, तो फल असमान रूप से विकसित होता है क्योंकि अंडाशय की दीवार निषेचित बीजों के पास ही बढ़ती है। यह मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले कीड़ों की कम संख्या या खराब मौसम के कारण हो सकता है। उचित परागण की व्यवस्था करें , फसल पर या आसपास रसायनिक कीटनाशकों का प्रयोग न करें जिससे मधुमक्खियों का आवागमन बना रहे।

परागण करने वाले कीड़ों को आकर्षित करने के लिए अपने बगीचे में फूल लगाएं आवश्यक हो तो हाथ से परागण करें।
खीरे जैसे फसलों में कम तापमान, पराग उत्पादन और मधुमक्खियों की गतिविधियों को बाधित करता है, जिससे फल टेढ़े हो सकते हैं।

कीट/ फल मक्खी –

छोटे फलों पर कीट या फल मक्खी के प्रकोप से भी फलों के बड़े होने पर वे असामान्य रूप से विकसित होते हैं। फल मक्खी ट्रेप का प्रयोग करें , हानिकारक कीटों को नियंत्रित करने के लिए जैविक या रासायनिक तरीकों का उपयोग करें।

मौसम की स्थिति- तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव या अत्यधिक गर्मी पौधों पर तनाव पैदा कर सकती है, जिससे फल विकृत हो जाते हैं। पौधों को अत्यधिक गर्मी और अनियमित पानी से बचाएं।

@लेखक उद्यान विशेषज्ञ है

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