Saturday, September 12, 2026
Home lifestyle हैस्को और आईआईटी (बीएचयू) बनारस के बीच एक महत्वपूर्ण सहयोग समझौता

हैस्को और आईआईटी (बीएचयू) बनारस के बीच एक महत्वपूर्ण सहयोग समझौता

हैस्को और आईआईटी (बीएचयू) बनारस के बीच 22 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण सहयोग समझौता (MoU) संपन्न हुआ।

 

By – Prem Pancholi

इस समझौते के अंतर्गत आईआईटी बनारस अपने परिसर में सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) को केंद्र में रखते हुए एक समर्पित केंद्र की स्थापना करने जा रहा है। इस प्रस्तावित सस्टेनेबिलिटी सेंटर की प्राथमिकताओं, दृष्टि और कार्य-आयामों के निर्धारण हेतु संस्थान ने हैस्को से मार्गदर्शन एवं परामर्श लेने की स्पष्ट इच्छा व्यक्त की है, ताकि अतीत, वर्तमान और भविष्य से जुड़े जटिल पर्यावरणीय एवं सामाजिक मुद्दों पर समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य किया जा सके।

इस केंद्र की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता और मार्गदर्शन हेतु हैस्को के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी से विशेष रूप से सलाहकार (Advisory) के रूप में सहयोग लेने का अनुरोध किया गया है। इसी क्रम में डॉ. जोशी और आईआईटी बनारस के निर्देशक प्रो. अमित पात्रा के बीच एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ, जिसकी मध्यस्थता डॉ. विकास दूबे द्वारा की गई। इस संवाद में प्रस्तावित सस्टेनेबिलिटी सेंटर की अवधारणा, कार्यदिशा और संभावनाओं पर गहन चर्चा की गई।

इस समझौते के अंतर्गत सहयोग को तीन प्रमुख दिशाओं में आगे बढ़ाने पर सहमति बनी—
पहला, सस्टेनेबिलिटी से जुड़े ऐसे रूटीन एवं सतत कार्यक्रमों का संचालन, जो शिक्षण, शोध और व्यवहारिक प्रयोगों को आपस में जोड़ सकें।
दूसरा, स्थानीय एवं क्षेत्रीय परिस्थितियों, समस्याओं और आवश्यकताओं के अनुरूप शोध एवं समाधानात्मक पहलें, जिनका सीधा प्रभाव समाज और पर्यावरण पर पड़े।
तीसरा, आईआईटी बनारस और हैस्को के संयुक्त प्रयासों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नवाचारी प्रयोग और शोध, विशेष रूप से वे प्रयोग जिनका प्रत्यक्ष संबंध प्रकृति, पर्यावरण, वायु, मिट्टी, जल और वनों से है, ताकि वैश्विक स्तर पर नए शोध विमर्श को दिशा दी जा सके।

चर्चा के दौरान यह भी सहमति बनी कि प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक दृष्टिकोण से नए सिरे से गहन अनुसंधान की आवश्यकता है, जिसमें अकादमिक ज्ञान और जमीनी अनुभव का समन्वय हो।
इस अवसर पर प्रो. अमित पात्रा ने पूर्ण गंभीरता के साथ हैस्को की भागीदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि हैस्को के साथ किया गया यह MoU संस्थान की सस्टेनेबिलिटी-आधारित शोध, तकनीकी नवाचार तथा सामाजिक रूप से प्रासंगिक अनुसंधान के प्रति मजबूत संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सहयोग से अकादमिक जगत और जमीनी अनुभव के बीच एक सशक्त और जीवंत सेतु स्थापित होगा।

यह MoU आईआईटी बनारस और हैस्को के बीच संस्थागत सहयोग, साझा दृष्टि और दीर्घकालिक सतत विकास की सोच का प्रतीक है, जिसे डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के व्यापक पर्यावरणीय एवं ग्रामीण विकास अनुभव के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

RELATED ARTICLES

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

सरस्वती ताल और केदारताल का होगा वैज्ञानिक सर्वे, वैज्ञानिको का दल रवाना

सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री ने दी शुभकामनाएं प्रदेश...

जल प्रबंधन को मिलेगा आधुनिक तकनीक का वैज्ञानिक आधार – MIKE Hydro Basin सॉफ्टवेयर

जल संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का नया अध्याय—MIKE Hydro Basin पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ देशभर से 400 से अधिक विशेषज्ञ,...

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ https://www.facebook.com/janmanchaajkal?locale=hi_IN हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय...

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas By - Prem Pancholi The Shail Shilpi Vikas Sangathan organized...

समाधान दिवस पर 120 शिकायतें दर्ज, त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया आरम्भ – जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान

जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ....

झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं, स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहीं-वाडिया मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में यूएसडीएमए...

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार की अध्यक्षता...