Saturday, September 12, 2026
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जबावदेही से बचने हेतु उद्यान कार्डों में नहीं की जाती एन्ट्री

जबावदेही से बचने हेतु उद्यान कार्डों में नहीं की जाती एन्ट्री

By – Dr. Rajendra kuksal

भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना हार्टिकल्चर टेक्नोलॉजी मिशन की MIDH की Operational Guidelines के अनुसार योजना में किसानों को दिये जाने वाले निवेशों यथा फल पौध, दवा, खाद,सब्जी बीज, अदरक हल्दी लहसुन बीज आदि की उद्यान कार्ड में एन्ट्री का होना जरूरी Mandatory है।

उद्यान विभाग में यह महत्वाकांक्षी योजना राज्य के सभी जनपदों में 2004-5 से चल रही है ।अभी तक कई किसानों के उद्यान कार्ड नहीं बने हैं यदि बने भी है तो उनमें अधिकांश अनुदान Subsidy पर मिलने वाले निवेशों की एन्ट्री नहीं की जाती।हिमाचल प्रदेश में विगत दस वर्षों से सभी योजनाओं में अनुदान Subsidy पर मिलने वाले निवेशों की एन्ट्री उद्यान कार्ड में अनिवार्य (Mandatory) है।

अपने राज्य उत्तराखंड में किसानों का कहना है कि जो सामान योजनाओं में अनुदान Subsidy में दिया जाता है एक रजिस्टर मे नाम लिख़ कर साइन करवा लिए जाते है, फोन नम्बर भी लिए जाते है ,क्या सामान दिया गया यह बाद मे लिखा जाता है l सामान कम दिया जाता है पर ज्यादा दिखाया जाता है , अधिकतर सामान कर्मचारियों द्वारा बाजार मे बेच दिया जाता है।

एक रिपोर्ट –
उद्यान कार्ड, बागवानों के लिए पंजीकरण का प्रमाण-पत्र होता है, इस कार्ड के ज़रिए बागवानों को उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ मिलता है।

उत्तराखंड में उद्यान कार्ड के लिए, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में पंजीकरण कराना होता है. इसके लिए, ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने होते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़ –
आधार कार्ड।
खसरा खतौनी।
बैंक पासबुक की पहली पेज की कॉपी।
लघु सीमान्त कृषक (2 हेक्टेयर से कम ज़मीन वाले किसान) के लिए शपथ पत्र।
पंजीकरण के समय आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर।

उद्यान कार्ड के फ़ायदे-
उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ मिलता है-
फल-पौध, सब्ज़ी बीज, अदरक, हल्दी, लहसुन बीज, दवाइयां, स्प्रे मशीन वगैरह की सहायता मिलती है।

भारत सरकार की योजनाओं जैसे कि पर ड्राप मोर क्रॉप, माइक्रोइरीगेशन, एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एम.आई.डी.एच.), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वगैरह का लाभ मिलता है।

उद्यान विभाग, विभिन्न योजनाओं में बागवानों को अनुदान Subsidy पर फल पौध सब्जी बीज, अदरक हल्दी, लहसुन आलू बीज दवाइयां, स्प्रे मशीन आदि कई निवेश व उपकरण मुहैया कराता है योजनाओं में अनुदान Subsidy पर मिलने वाले निवेशों का सम्बन्धित बागवान के उद्यान कार्ड में अंकित होना अनिवार्य है।

जिन किसानों ने उद्यान कार्ड नहीं बनवाये है उनसे अनुरोध है कि वे अपने उद्यान सचल दल केन्द्र के प्रभारी से संपर्क कर अपना उद्यान कार्ड अवश्य बनवायें तथा योजनाओं के अन्तर्गत प्राप्त निवेशों यथा फल पौध, सब्जी बीज, अदरक, हल्दी, लहसुन आलू बीज, दवा, खाद आदि सभी प्राप्त निवेशों की एन्ट्री उद्यान कार्ड में अवश्य करवाएं एवं उद्यान कार्ड अपने पास ही रखें इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आयेगी ।

हिमाचल प्रदेश में विगत दस वर्षों से योजनाओं में अनुदान Subsidy पर मिलने वाले निवेशों की एन्ट्री उद्यान कार्ड में अनिवार्य (Mandatory) है। अपने राज्य उत्तराखंड में किसानों का कहना है कि जो सामान योजनाओं में दिया जाता है एक रजिस्टर मे नाम लिख़ कर साइन करवा लिए जाते है, फोन नम्बर भी लिए जाते है , क्या सामान दिया गया यह बाद मे लिखा जाता है l सामान कम दिया जाता है पर ज्यादा दिखाया जाता है अधिकतर सामान उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा बाजार मे बेच दिया जाता है।

उद्यान कार्ड में एन्ट्री होने से उद्यान विभाग की जबाव देही सुनिश्चित होगी साथ ही भविष्य में फल पौध बीज आदि निम्न स्तर निकलने पर किसान उपभोक्ता फोरम या नर्सरी एक्ट के तहत किसान अपना क्षति पूर्ति का दावा आसानी से कर सकते हैं। उद्यान कार्ड में इन्ट्री न होने के कारण क्षति पूर्ति का दावा पेश करने में कठिनाइयां हो सकती है।

अपनी जबाव देही से बचने हेतु उद्यान विभाग के कर्मचारी उद्यान कार्ड में एन्ट्री नहीं करते।

 

लेखक – उद्यान विशेषज्ञ है।

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