नंदा सुनंदा योजना के कारण ही पढ़ पाई मेरी बेटी – मन्नो।
By – Prem Pancholi
देहरादून जिला परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वे संस्करण का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल ने बाालिकाओं को चैक वितरित किये है। इस तरह से 34 बालिकाओं की शिक्षा पर 9 लाख रुपए की धनराशि खर्च करके उनकी शिक्षा पुनर्जीवित की गई। जबकि अब तक लगभग 62 लाख से अधिक की धनराशि से 126 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया है।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने कहा कि ये सभी बालिकाएं नंदा-सुनंदा जैसी देवियों के समान ही है। हालांकि उन्होंने नंदा-सुनंदा देवियों को नही देखा, किंतु इन देवियों की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही असली ‘‘नंदा-सुनंदा’’ की स्तुति ही है।
उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वे अपनी शिक्षा की ललक जीवित रखें। बालिकाओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बालिकाएं अपने जीवन में महापुरूषों की बायोग्राफी पढे, छात्र जीवन में इससे अधिक आईडल और कुछ हो नही सकता। अतएव वे सफल होकर अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बनेगी।
इस अवसर पर बालिकाओं के परिजनों ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इसी दौरान शदब की माता मन्नो ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि जब उन्होंने स्कूल की फीस नहीं भर पाई तो स्कूल वालों ने उनकी बालिकाओं को 15-15 दिन तक स्कूल नही आने दिया। परीक्षा से भी वंचित रखने की चेतावनी दी। ऐसे में बालिका के भविष्य की चिंता सता रही थी। सो जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिका की शिक्षा पुनर्जीवित हो पाई। जिया की माता ने कहा कि फीस न भर पाने के कारण बेटी की शिक्षा बीच में ही रोकनी पड़ी। पारिवारिक आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। जब जिला प्रशासन ने उनकी बेटी की शिक्षा जारी रखने हेतु मदद की तो वे आगे अपनी पढ़ाई जारी कर पाई। वहीं खुशी कौर की माता ने भी कहा कि वह घरों में काम कर अपना ही लालन पालन कर पाती है। इसलिए अपने बच्चों की स्कूलिंग करने में बार बार असमर्थ हो जाती है। इनकी बेटी को भी जिला प्रशासन ने “नंदा सुनंदा” योजना के तहत लाभ दिया और तब वे आगे की पढ़ाई जारी कर पाई। कुमारी सृष्टि के पिता कैंसर पीड़ित हैं। इसलिए आर्थिक संसाधनों की समस्या के कारण सृष्टि की बीसीए 5वें सेमस्टर की पढ़ाई छूट गई थी। जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा का लाभ दिया और वे अपनी पढ़ाई आगे जारी कर पाई। इसीकी तरह अलाईना रावत बीएससी नर्सिंगं की शिक्षा, आकृति बडोनी बी-कॉम की शिक्षा, कुमारी तनिका कक्षा 10वीं, कुमारी लावण्या, 9वीं की शिक्षा, दिव्या 6वीं की शिक्षा, नंदनी की यूकेजी, ईशिका कक्षा 3, शिवांगी बीएजे एंड एमसी डिजिटल द्वितीय सैमस्टर, मानवी यूकेजी आदि इन सभी 34 बालिकाओं की शिक्षा नंदा-सुनंदा योजना से पुनर्जीवित कि गई है। ये ऐसी बालिकाएं थी जिनके सर से या तो पिता का साया उठ गया है, या उनके माता पिता दैनिक मजदूर है और किराया के घर में रहते है को सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना “नंदा सुनंदा” का लाभ पहुंचाया गया है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे है।







