Friday, March 6, 2026
Home lifestyle नंदा सुनंदा योजना के कारण ही पढ़ पाई मेरी बेटी - मन्नो।

नंदा सुनंदा योजना के कारण ही पढ़ पाई मेरी बेटी – मन्नो।

नंदा सुनंदा योजना के कारण ही पढ़ पाई मेरी बेटी – मन्नो।

By – Prem Pancholi

देहरादून जिला परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वे संस्करण का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल ने बाालिकाओं को चैक वितरित किये है। इस तरह से 34 बालिकाओं की शिक्षा पर 9 लाख रुपए की धनराशि खर्च करके उनकी शिक्षा पुनर्जीवित की गई। जबकि अब तक लगभग 62 लाख से अधिक की धनराशि से 126 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया है।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने कहा कि ये सभी बालिकाएं नंदा-सुनंदा जैसी देवियों के समान ही है। हालांकि उन्होंने नंदा-सुनंदा देवियों को नही देखा, किंतु इन देवियों की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही असली ‘‘नंदा-सुनंदा’’ की स्तुति ही है।

उन्होंने  बालिकाओं से कहा कि वे अपनी शिक्षा की ललक जीवित रखें। बालिकाओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बालिकाएं अपने जीवन में महापुरूषों की बायोग्राफी पढे, छात्र जीवन में इससे अधिक आईडल और कुछ हो नही सकता। अतएव वे सफल होकर अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बनेगी।

इस अवसर पर बालिकाओं के परिजनों ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इसी दौरान शदब की माता मन्नो ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि जब उन्होंने स्कूल की फीस नहीं भर पाई तो स्कूल वालों ने उनकी बालिकाओं को 15-15 दिन तक स्कूल नही आने दिया। परीक्षा से भी वंचित रखने की चेतावनी दी। ऐसे में बालिका के भविष्य की चिंता सता रही थी। सो जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिका की शिक्षा पुनर्जीवित हो पाई। जिया की माता ने कहा कि फीस न भर पाने के कारण बेटी की शिक्षा बीच में ही रोकनी पड़ी। पारिवारिक आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। जब जिला प्रशासन ने उनकी बेटी की शिक्षा जारी रखने हेतु मदद की तो वे आगे अपनी पढ़ाई जारी कर पाई। वहीं खुशी कौर की माता ने भी कहा कि वह घरों में काम कर अपना ही लालन पालन कर पाती है। इसलिए अपने बच्चों की स्कूलिंग करने में बार बार असमर्थ हो जाती है। इनकी बेटी को भी जिला प्रशासन ने “नंदा सुनंदा” योजना के तहत लाभ दिया और तब वे आगे की पढ़ाई जारी कर पाई। कुमारी सृष्टि के पिता कैंसर पीड़ित हैं। इसलिए आर्थिक संसाधनों की समस्या के कारण सृष्टि की बीसीए 5वें सेमस्टर की पढ़ाई छूट गई थी। जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा का लाभ दिया और वे अपनी पढ़ाई आगे जारी कर पाई। इसीकी तरह अलाईना रावत बीएससी नर्सिंगं की शिक्षा, आकृति बडोनी  बी-कॉम की शिक्षा, कुमारी तनिका कक्षा 10वीं, कुमारी लावण्या, 9वीं की शिक्षा, दिव्या 6वीं की शिक्षा, नंदनी की यूकेजी, ईशिका कक्षा 3, शिवांगी बीएजे एंड एमसी डिजिटल द्वितीय सैमस्टर, मानवी यूकेजी आदि इन सभी 34 बालिकाओं की शिक्षा नंदा-सुनंदा योजना से पुनर्जीवित कि गई है। ये ऐसी बालिकाएं थी जिनके सर से या तो पिता का साया उठ गया है, या उनके माता पिता दैनिक मजदूर है और किराया के घर में रहते है को सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना “नंदा सुनंदा” का लाभ पहुंचाया गया है।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे है।

RELATED ARTICLES

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...