Sunday, June 28, 2026
Home उत्तराखंड नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाने में सहभागी बने अधिवक्ता : जस्टिस सूर्यकांत

नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाने में सहभागी बने अधिवक्ता : जस्टिस सूर्यकांत

नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाने में सहभागी बने अधिवक्ता : जस्टिस सूर्यकांत

भारत के प्रधान न्यायाधीश ने किया लेखक गांव का भ्रमण।
विधि छात्रों से रूबरू हुए जस्टिस सूर्यकांत।

 

By – Prem Pancholi


देहरादून। लेखक गांव में भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वे इस स्थान पर आकर अभिभूत हैं। उन्होंने रचनात्मकता को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनने पर जोर दिया। इसी दौरान विभिन्न शिक्षण संस्थानों के लॉ स्टूडेंट्स से बात करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने विधि पेशे को लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने में उपयोग किए जाने पर जोर दिया।

लेखक गांव पहुंचने पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस रमेश चंद्र शर्मा का उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत के शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ एवं लेखक गांव की निदेशक डॉ. विदुषी निशंक द्वारा स्वागत किया गया। कार्यक्रम के पहले चरण में उन्होंने पद्म सम्मान प्राप्त विभूतियों, विभिन्न विषयों के कुलपतियों एवं शिक्षाविदों से संवाद किया। इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि लेखक गांव की स्थापना और इसके पीछे का उद्देश्य अत्यधिक उल्लेखनीय है। इस स्थान पर उन्हें गहरी रचनात्मक अनुभूति का एहसास हुआ। जस्टिस सूर्यकांत ने जोर दिया कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं, भाषा और साहित्य के संरक्षण में अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करना चाहिए। इस मौके पर पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल, पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ‘मैती’, पद्मश्री आर.के. जैन, कुलपति प्रोफेसर अनुभा सिंह, कुलपति प्रोफेसर राकेश सुंदरियाल, स्पर्श हिमालय के कुलाधिपति डॉ. प्रदीप भारद्वाज, पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सविता मोहन, एंजेल नैथानी ने जस्टिस सूर्यकांत के साथ संवाद में भाग लिया।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में जस्टिस सूर्यकांत ने उत्तराखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आए विधि छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि विधि का पेशा धैर्य, समर्पण और सतत परिश्रम की मांग करता है। यह एक ऐसा कार्य क्षेत्र है जहां करियर की शुरुआत की औसत उम्र 35 साल है, लेकिन इस व्यवसाय के माध्यम से आप पूरी जिंदगी लोगों की मदद कर सकते हैं और उन्हें न्याय दिला सकते हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने भावी अधिवक्ताओं से कहा कि वे कभी भी पैसा कमाने को अपनी प्राथमिकता न बनाएं। जब वे न्याय और विधि के पेशे में सफल होंगे तो पैसा स्वयं ही उनके पास आएगा।

इस दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने छात्र-छात्राओं से उनके भविष्य की योजनाओं, वर्तमान तैयारी और विधि पेशे की चुनौतियों के विषय में विस्तार से बातचीत की। छात्र-छात्राओं ने भी जस्टिस सूर्यकांत के साथ संवाद में अत्यधिक रुचि दिखाते हुए उनसे कई जिज्ञासाएं रखीं और वादा किया कि वे भविष्य में एक अच्छे अधिवक्ता और एक अच्छे न्यायिक अधिकारी बनेंगे।

इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस शर्मा ने लेखक गांव परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने अटल पथ, राष्ट्रीय पार्क और नक्षत्र वाटिका के प्रयासों की सराहना की, साथ ही भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अधिक समय लेकर यहां के युवाओं से संवाद करेंगे और लेखकों के अनुभवों को भी सुनेंगे।

इस अवसर पर भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं लेखक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि भारत के पहले लेखक गांव में देश के प्रधान न्यायाधीश के आगमन ने युवा लेखकों, रचनाकारों के मन में नए उत्साह का संचार किया है। उन्होंने कहा कि वे लेखक गांव को एक ऐसे स्थान के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के रचनाधर्मियों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरे। उन्होंने कहा कि इस समय लेखक गांव के साथ 65 से अधिक देशों के लेखक सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, साथ ही देश के 50 से अधिक पद्म सम्मान प्राप्त विभूतियां भी लेखक गांव को मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं।

कार्यक्रम के संवाद सत्र का संचालन डॉ. सुशील उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, उत्तराखंड के महाधिवक्ता एस.एन. बाबुलकर, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, आर्यन देव उनियाल, डॉ. सर्वेश उनियाल, डॉ. पूजा पोखरियाल, डॉ. बेचैन कंडियाल, डॉ. अरविंद अरोरा, डॉ नीरज श्रीवास्तव, डॉ निशांत राय जैन, डॉ प्रदीप कोठियाल, कृष्ण कुमार कुड़ियाल, अनिल शर्मा आदि सहित प्रमुख लोग उपस्थित हुए।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...