Saturday, March 7, 2026
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माल्टा/ संतरा की कैसे करें पौध तैयार।

माल्टा/ संतरा की कैसे करें पौध तैयार।

By – Rajendra Prasad Kuksal

मातृ बृक्षों की तरह गुणवत्ता युक्त उपज तथा शीघ्र फलत में आने हेतु कलमी पौधे लगाने की संस्तुति की जाती है। वैज्ञानिकों द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में नींबू वर्गीय फलों के न्यूसेलर सीडलिंग लगाने की संस्तुति की जाती है।

नीम्बूवर्गीय फलों (माल्टा,संतरा गलगल आदि) के न्यूसेलर सीडलिंग के बीजू पौधों से True to the type अर्थात मातृ वृक्ष की तरह ही गुणवत्ता युक्त उपज ली जा सकती है।

अधिकांश सिट्रस प्रजातियां बहुभ्रूणी Polyembryonic होती हैं अर्थात जिनमें एक बीज से 2 – 3 या अधिक भ्रूण निकलते हैं। इनमें से केवल एक लैंगिक Zygotic भ्रूण होता है बाकी सभी दूसरे भ्रूण न्यूसेलस की कोशिकाओं से बनते हैं इन्हें न्यूसेलर सीडलिंग कहा जाता है । न्यूसेलर सीडलिंग अनुवांशिकी रूप से मातृ वृक्ष के ही समान होते हैं।

लैंगिक Zygotic पौधे में बड़वार कम होती है तथा छोटा रह जाता है तथा शेष पौधे जिन्हें न्यूसेलर सीडलिंग कहते हैं समान स्वभाव के अच्छी बढ़वार के होते हैं।

कृषि विज्ञान केन्द्र जाखधार रुद्रप्रयाग के बैज्ञानिकों द्वारा माल्टा व नारंगी के न्यूसेलर सीडलिंग वाले पौधे तैयार किए जाते हैं यह प्रयास अन्य कृषि विज्ञान केन्द्रों राजकीय उद्यानों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा भी किया जा सकता है।

कैसे करें न्यूसेलर सीडलिंग के पौधे।

Malta santra
Malta santra

स्वस्थ अच्छी गुणवत्ता वाले फलों का उत्पादन कर रहे माल्टा/संतरे के पौधों का चयन करें। चयनित पौधों से माह दिसंबर – जनवरी में जब माल्टा या संतरे के फल तैयार होते हैं बड़े आकार आकर्षक स्पेशल ग्रेड के फलों को तोड़ कर अलग कर लें। इन फलों को उपयोग में लाते समय बीज अलग कर दें यदि जूस निकालाना है तो जूस निकालने के बाद गूदे से बीज अलग कर लें यदि फल काट कर खाना है तो काटने के बाद फल से बीज अलग कर दें।

सिट्रस के बीजों में कोई सुषुप्तावस्था नहीं होती है तथा इन्हें ताजा ही बोया जाता है।सुखाकर/ सूखने पर इनमें अंकुरण क्षमता कम हो जाती है। यदि बीजों को निकालकर बोने के लिए दूर भेजना हो तो बीजों को गूदे या जूस में डुबोकर ही भेजें।

स्वस्थ बीजों का चयन करें बीजों को शीघ्र ही तैयार नर्सरी में बुवाई करें। नर्सरी की तैयारी में दो भाग गार्डन की मिट्टी एक भाग रेत और एक भाग ट्राइकोग्रामा कल्चर मिली गोबर की खाद मिलायें। बीज लाइनों में बराबर दूरी पर दो-तीन सेंटीमीटर गहरा बोयें। बीज बोते समय नर्सरी में नमी का होना आवश्यक है। बीज बुआई के तुरंत बाद क्यारियों को पुआल घास से ढक लें तथा फुवारे से सिंचाई करें।उचित देखभाल के बाद मार्च -अप्रेल में बीज अंकुरित होने शुरू होते हैं। अप्रैल के अन्तिम सप्ताह में जब अंकुरित पौधे दो या तीन इंच के हो जांय नर्सरी से इन पौधों को उखाड़ कर दुबारा से उसी क्यारी में या अन्यत्र लगा सकते हैं। नर्सरी से पौध उखाड़ते समय आप पायेंगे कि एक ही बीज से दो या तीन पौधे निकल रहे हैं जिनमें एक कमजोर लैंगिक Zygotic पौधा होता है उसे हटा कर नष्ट कर दें शेष पौधों का ही रोपण करें। इस प्रकार आप नींबू वर्गीय बीजों से न्यूसेलर सीडलिंग तैयार कर सकते हैं जिनके गुण अनुवांशिक रूप से मातृ वृक्ष के ही समान होते हैं।

@लेखक – उद्यान विशेषज्ञ है

 

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