विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के महत्व से कराया अवगत।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक घर और संस्थान में पंच पल्लव – आम, पीपल, बरगद, पाकड़/गूलर, अशोक – अवश्य लगाने चाहिए। पंच पल्लव का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है और यह मानसिक शांति तथा धार्मिक कार्यों के लिए अति उत्तम माना जाता है।
गोष्ठी के दौरान छात्रों ने ग्लोबल वार्मिंग पर अपने विचार रखे और चर्चा की कि बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग से हम व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर कैसे बच सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में IATR के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमित उपाध्याय ने पद्मश्री रेनचंद शर्मा जी का आभार व्यक्त किया। श्री उपाध्याय ने कहा कि मोरिंगा को उत्तराखंड में एक व्यावसायिक गतिविधि के रूप में अपनाया जाना चाहिए। इससे विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकते हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर व्यापारिक रूप से प्रचारित एवं विक्रय किया जा सकता है। उन्होंने मोरिंगा के व्यावसायिक दृष्टिकोण एवं उपयोगिता को विस्तार से समझाया।
समापन पर सभी छात्रों ने IATR परिसर में 60 पौधों का रोपण किया और संकल्प लिया कि वे अपने घरों एवं गांवों में मोरिंगा के प्रति जागरूकता फैलाएंगे तथा इसे अपने आहार में अधिक से अधिक शामिल करेंगे।
इस कार्यक्रम में IATR की सदस्या लतिका, राणा क्षेत्री, रियासना, वैशाली थापा एवं सुमन सहित संस्थान के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।







