Tuesday, June 9, 2026
Home पौड़ी गढ़वाल

पौड़ी गढ़वाल

उत्तराखंड मे रचना बुटोला के बाद सुरेश गड़िया की गूँज ! पढ़े वरिष्ठ पत्रकार गजेंद्र रावत का यह विश्लेषण

उत्तराखंड मे रचना बुटोला के बाद सुरेश गड़िया की गूँज ! By Gajendra Rawat उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में चौथे साल में भाजपा की...

पुण्यतिथि पर विशेष : दो योद्धाओं का संघर्षनाम

By - Dr. Arun kuksal 'सनद रहे, नई पीढ़ी इन किताबों को इसलिए भी पढ़े कि वे गम्भीरतापूर्वक यह समझ सके कि उनके सुखद और...

मानव मन के नाजुक कोने की मनोवैज्ञानिक पड़ताल से सरोबार स्मृतियाँ

By - Dr. Arun Kuksal हिन्दी साहित्य जगत के प्रिय कथाकार अशोक अग्रवाल की पुस्तक ‘संग-साथ’ विभूतियों के साथ गुजारी उनकी यादों की एक दिलचस्प...

पुण्य तिथि : अन्वेषक अमर सिंह रावत के अमर उद्यमीय प्रयास।

पुण्य तिथि, 30 जुलाई, 1942 की याद- अन्वेषक अमर सिंह रावत के अमर उद्यमीय प्रयास Dr. Arun kuksal सीरौं गांव (पौड़ी गढ़वाल) के महान अन्वेषक और उद्यमी...

दुनिया के प्रसिद्ध चार लेखकों ने आम जन को ऐसे प्यार किया जैसे मां अपने बच्चे को करती है,

By - Dr. Arun kuksal वर्तमान संदर्भों में प्रेमचन्द, गोर्की और लू शुन- प्रसिद्ध लेखक हंसराज रहबर का यह कथन सच है कि ‘दुनिया के चार...

जब लेडी विलिंगटन भी अनुसूया प्रसाद बहुगुणा की मुरीद हुई।

जब लेडी विलिंगटन भी अनुसूया प्रसाद बहुगुणा की मुरीद हुई। Dr. Yogesh Dhasmana भारत के वायसराय की पत्नी 1935 में गढ़वाल हिमालय के भ्रमण पर ओर...

कारगिल विजय दिवस पर विशेष संस्मरण साझा कर रहे है इतिहासवेता डॉ० योगेश धस्माना।

सन् 2011 में ऐसी यात्रा पर निकले थे जिसकी स्वप्न में भी कल्पना नहीं की थी। विकास नगर,चंडीगढ़,पत्नी टॉप,अनंत नाग, श्रीनगर, बरालाचला पास, द्रास,...

जैविक एवं प्राकृतिक खेती में अंतर।

जैविक एवं प्राकृतिक खेती में अंतर। Dr. Rajendra Prasad Kuksal जैविक खेती और प्राकृतिक खेती दोनों ही रसायन मुक्त खेती के तरीके हैं, लेकिन खेती की...

मालू के पत्ते बने समृद्ध जीवकोपार्जन का आधार।

मालू के पत्ते बने समृद्ध जीवकोपार्जन का आधार। By - Dr. Arun kuksal श्रीनगर (गढ़वाल), कीर्तिनगर, मलेथा, डाँगचौरा, दुगड्डा और फिर है, मालूपानी। श्रीनगर से नई...

जल संकट से उभरने के उपायों को रेखाकिंत करती पुस्तक।

जल संकट से उभरने के उपायों को रेखाकिंत करती पुस्तक। By - Dr. Arun kuksal सृष्टि की उत्पत्ति के साथ ही प्रकृति और जीवधारी अपने-अपने अस्तित्व...

पुस्तक समीक्षा : हम-सबके अपने-अपने ‘वो साल चौरासी’

हम-सबके अपने-अपने ‘वो साल चौरासी’ By Dr. Arun kuksal ‘‘...द ल्वाळआ कळया, अफुथैंन भारी हीरो समझदी क्य! पर क्य कन यार...त्वे दिख्याँ बिना भि नि रयेंदु!...

पुण्यस्मृति : सुंदरियाल उद्योग मील का पत्थर साबित हुआ।

जब हम रामनगर से होकर मरचूला से धूमाकोट की तरफ चलते हैं तो हमें एक जगह मिलती है- डुंगरी। इस गांव की कई खासियतें...
- Advertisment -

Most Read

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...

एक्शनएड की पहल : जलवायु परिवर्तन के खतरे और समाधान पर चिंतन

By - Prem Pancholi   सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर कार्य करने वाली सामाजिक संस्था एक्शनएड एवं दून विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में "हिमालयी भविष्य की...

जलवायु परिवर्तन चर्चा : प्राकृतिक संसाधनों पर परंपरागत अधिकारों पर सरकारी कब्जा।

By - Prem Pancholi   दून विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित "हिमालयी एक्शन स्कूल" कार्यक्रम के दूसरे दिन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, रोजगार, पलायन और...