Tuesday, June 9, 2026
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पौड़ी गढ़वाल

देश में चिकित्सा विज्ञान के पहले पी एच डी. प्रो देश बंधु बिष्ट।

देश में चिकित्सा विज्ञान के पहले पी एच डी. प्रो देश बंधु बिष्ट। By - Dr Yogesh dhasmana भारत ही नहीं समूचे विश्व को नमक में...

गढ़वाली कविता : जीवनीय दर्शन को सहजता से बताती कविताएं

जीवनीय दर्शन को सहजता से बताती कविताएं- By - Dr. Arun kuksal प्रायः यह कहा जाता है कि जो समाज में प्रचलित और घटित हो रहा...

स्मृति : एक घुमक्कड़ की गौरव गाथा-दुनिया ने माना, हमने भुलाया-

21 अक्टूबर, जन्मदिन पर नमन- एक घुमक्कड़ की गौरव गाथा-दुनिया ने माना, हमने भुलाया- By - Dr. Arun kuksal पंडित नैन सिंह रावत (21 अक्टूबर, 1830-1 फरवरी,...

समीक्षा जंगल पुस्तक : शिक्षा व्यवस्था को सर्वप्रथम भारतीय बनना होगा

शिक्षा व्यवस्था को सर्वप्रथम भारतीय बनना होगा- By - Dr. Arun Kuksal ‘बाढ़ के पानी ने आकर हमारे संसार को ऐसा विच्छिन्न कर दिया है कि...

पौड़ी क्रांति के नायक जयानंद भारतीय की 145वीं जयंती पर विशेष

पौड़ी क्रांति के नायक जयानंद भारतीय की 145वीं जयंती By Dr. Arun Kuksal "तुम्हें पता है/ मुझे भी याद आती है/ पहाड़ी पर बसे अपने गाँव...

उपन्यास समीक्षा : हर्षिल और फिरंगी राजा।

By - Arun Kuksal उन्नीसवीं सदी में गढ़वाल के एक कालखण्ड की जीवंत अभिव्यक्ति- 'स्थानीय लोगों से उसका जिक्र कीजिए तो वे दावे के साथ बताएँगे...

अग्रज मोहन थपलियाल को याद करते हुए

अग्रज मोहन थपलियाल को याद करते हुए - (14 अक्टूबर, 1942-31 जनवरी, 2003)   By - Dr. Arun kuksal लखनऊ के उत्तराखण्डी मित्रों में 20 नवम्बर, 2001...

स्मृति शेष : वरिष्ठ कथाकार विद्यासागर नौटियाल के जन्मदिन पर विशेष

विद्या सागर नौटियाल 29.09.1933 -18.02.2012   By - Dr. Arun Kuksal विद्या सागर नौटियाल की कहानियों में लोक कथात्मकता और राजनीतिक सचेतता का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता...

इतिहास के पन्नों से : पौड़ी रामलीला के शताब्दी के महानायक दल्लू बाबू।

पौड़ी रामलीला के शताब्दी के महानायक दल्लू बाबू। By Dr. Yogesh dhasmana पौड़ी रामलीला की विधिवत शुरुआत 1906 में हुई थी। इससे पहले 1897 से 1905,...

खेतीबाड़ी : लहसुन की जैविक खेती है फायदेमंद।

लहसुन की जैविक खेती है फायदेमंद। Dr. Rajendra Prasad kuksal   लहसुन का उपयोग इसकी सुगंध तथा स्वाद के कारण लगभग हर प्रकार की सब्जियों अचार, चटनी,...

इतिहास के पन्नों से : एक सर्वोदयी चिन्तक की यायावरी के बहुआयाम।

By - Dr. Arun kuksal सरकार व अन्य संस्था हमेशा यथास्थिति की पोषक, बदलाव की दुश्मन होती हैं। ये दोनों ‘दानदाता-प्रभु’ बनकर लोक को तंत्र...

इतिहास के पन्नों से – महात्मा रामरत्न थपलियाल एक गुमनाम संत और वैज्ञानिक।

महात्मा रामरत्न थपलियाल - एक गुमनाम संत और वैज्ञानिक। By - Dr. Arun Kuksal महात्मा रामरत्न थपलियाल जी की लिखित सन् 1930 में प्रकाशित पुस्तक 'विश्वदर्शन'...
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वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...

एक्शनएड की पहल : जलवायु परिवर्तन के खतरे और समाधान पर चिंतन

By - Prem Pancholi   सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर कार्य करने वाली सामाजिक संस्था एक्शनएड एवं दून विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में "हिमालयी भविष्य की...

जलवायु परिवर्तन चर्चा : प्राकृतिक संसाधनों पर परंपरागत अधिकारों पर सरकारी कब्जा।

By - Prem Pancholi   दून विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित "हिमालयी एक्शन स्कूल" कार्यक्रम के दूसरे दिन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, रोजगार, पलायन और...