Thursday, May 14, 2026
Home राष्ट्रीय राधा रानी की जन्मस्थली बरसाना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 207...

राधा रानी की जन्मस्थली बरसाना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 207 करोड़ से अधिक की योजनाओं को दी मंजूरी

राँकोली की पहाड़ी से होगी शुरुआत ,ढवाला और सखी गिरी पहाड़ी पर भी होगा काम

मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद अब राधारानी के गाँव बरसाना से जुड़ी पहाड़ियों को प्राकृतिक खूबसूरती प्रदान करने जा रहा है। इसकी शुरुआत राँकोली की पहाड़ी से हो रही है। राज्य सरकार ने 2024-25 के अंतर्गत 206 करोड़ की 10 स्वीकृति योजनाओं में शामिल राँकोली पहाड़ी प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

मथुरा वृंदावन और गोवर्धन के बाद कब बरसाना में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। बरसाना रोपवे ने राधारानी की नगरी का आकर्षण और बढ़ा दिया है। इसी को ध्यान रखते हुए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने बरसाना के आसपास राजस्थान की सीमा स्थित पहाड़ियों को हराभरा बनाने की योजना का क्रियान्वयन शुरु कर दिया है। इसकी शुरुआत राँकोली की पहाड़ी से हो रही है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद 98 हेक्टेयर में फैली इस पहाड़ी की तार फेंसिंग कराएगा। इसके बाद यहाँ ईको रेस्टोरेशन का काम किया जाना है। इसमें प्लांटेशन, कल्चरल आपरेशन, वाटर हार्वेस्टिंग शामिल है। राँकोली के बाद पर्वतीय श्रंखला में शामिल् सखी गिरी पर्वत और ढवाला पहाड़ी को भी खूबसूरती प्रदान की जाएगी। वर्तमान में उक्त पहाड़ी क्षेत्र हरियाली विहीन हो गया है।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन विभाग के अंतर्गत 206 करोड़ की 10 योजनाओं में शामिल राँकोली पहाड़ी प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति प्रदान की है। 2.11 करोड़ की इस प्रोजेक्ट के लिए 1.30 करोड़ अवमुक्त किए गए हैँ। इस प्रोजेक्ट में एक संस्था का सहयोग लिया जा रहा है।

36 वन लेंगें प्राचीन स्वरूप
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद जनपद के धार्मिक महत्व से जुड़े 36 वन स्थलों को प्राचीन स्वरूप देने जा रहा है। यहां कीकड़, बबूल को हटाकर कृष्ण कालीन पौधे लगाने का कार्य वन विभाग द्वारा किया जाएगा। इसकी अनुमति उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट से ली है।

ब्रज में श्रद्धालुओं के ठहरने के पर्याप्त इंतजाम
उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ब्रज दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को बेहद कम दर में ठहरने की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोकुल आदि तीर्थ स्थलों पर टीएफसी (पर्यटक सुविधा केंद्र) का निर्माण कराया जा रहा है। वृंदावन टीएफसी में ठहरने की यह बेहतर सुविधाए और शाकाहारी भोजन बेहद कम दर पर उज्ज्वल ब्रज संस्था द्वारा पिछले कई वर्षो से उपलब्ध कराया जा रहा है।

2024-25 की स्वीकृत परियोजनाएँ

– गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर फ़साड़ और इंप्रूमेंट साइनेज का कार्य
– यमुना नदी के घाटों का विकास एंव पुनरुद्धार का कार्य
– गांव जचौंदा में शिल्पग्राम, पड़ाव और जनसुविधा का कार्य
– वृंदावन परिक्रमा मार्ग के अवशेष भाग में सीसी टीवी कैमरे, पीए सिस्टम, आईटीएमएस का कार्य
– यमुना के अक्रूर घाट, देवराह घाट, केसी घाट, मांट रोड घाट, जुगलकिशोर घाट पर क्रूज संचालन
– वृंदावन में ट्यूरिस्ट फेसलिटेशन मल्टीलेवल कार पार्किंग का विकास
– बरसाना में राँकोली पहाड़ी पर फेसिंग का कार्य
– बरसाना में टीएफसी के विस्तार का कार्य
– वृंदावन में टीएफसी विस्तार का कार्य
– जनपद के पौराणिक वनों का विकास

RELATED ARTICLES

गलगोटिया कांड : जहां कुंए में पहले से ही भाँग डाल दी गई हो?.

- गलगोटिया को क्यों गरिया रहे हो? …उसकी क्या गलती है - वो बेचारे तो डंका बजा रहे थे।   By - Prabhat Dabral  सवाल ये नहीं...

इतिहास के पन्नो से : फिरोज गांधी ने जब अपने ससुर यानी नेहरू जी को सदन में मजबूर कर दिया।

By - keshar singh bisht . युगांतक लखन राणा फिरोज गांधी भारतीय राजनीति के इतिहास के वे 'दामाद' थे, जिन्होंने ससुराल में सोफ़े पर बैठकर चाय...

दिल्ली विश्वविद्यालय में जोर पकड़ने लग गई है UGC सोशल इक्विटी रेगुलेशन्स लागू करने की मांग

- AISA - All India Students' Association का मानना है कि जब वंचित लोग बराबरी की बात करते हैं, तो जातिवादी ताकतें खुद को...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...