Sunday, September 13, 2026
Home lifestyle महामहिम राज्यपाल ने आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर ली...

महामहिम राज्यपाल ने आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर ली धराली आपदा की अपडेट

महामहिम राज्यपाल ने आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर ली धराली आपदा की अपडेट


महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने गुरुवार को आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर धराली में संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावितों की मदद तथा पुनर्वास हेतु किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी ली। साथ ही ग्राउंड जीरो पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देखा तथा वहां मौजूद अधिकारियों से चर्चा करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।

राज्यपाल ने विपरीत परिस्थितियों में ग्राउंड जीरो पर कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग बाधित होने, मौसम की चुनौतियों तथा बाधाओं के बावजूद भी महज पांच दिन के अंदर 1308 यात्रियों तथा स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इसके लिए उन्होंने सेना, वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी के साथ ही यूकाडा की पीठ थपथपाई।

उन्होंने कहा कि धराली आपदा बहुत भीषण थी और इस स्थिति को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने फ्रंटफुट पर आकर अत्यंत कुशलता से संभाला। उन्होंने फ्रंटलाइन लीडर के रूप में देश और दुनिया के सामने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया और यह दिखाया कि विपदा के समय एक असल लीडर की भूमिका क्या होती है। उन्होंने कहा कि हर्षिल घाटी में आपदा प्रभावितों का पुनर्वास और क्षतिपूर्ति की निगरानी मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी स्वयं कर रहे हैं और इसमें कोई कमी नहीं रहेगी, इसे लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त हैं। धराली तथा हर्षिल क्षेत्र में किए जा रहे राहत और बचाव कार्य सामूहिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्हें यह जानकर अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है कि अनेक विभाग एक सामूहिक लक्ष्य व उत्तरदायित्व की पूर्ति के लिए दिन-रात युद्धस्तर पर कार्य करते हुए अपने कर्तव्य पथ पर डटे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन प्रयासों के चलते जल्द ही हर्षिल घाटी पुनः खुशहाल बनेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जिस प्रकार धराली आपदा में सभी विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। महामहिम ने कहा कि उत्तराखण्ड विभिन्न प्रकार की आपदाओं को लेकर अत्यंत संवेदनशील है और समय-समय पर ऐसी चुनौतियों का सामना हमें करना पड़ता है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी रखना तथा निरंतर उनसे सीखना आवश्यक है।

राज्यपाल ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी इस मुश्किल घड़ी में राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष रा.स.स आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनंद स्वरूप, एससीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, जेसीईओ मो० ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे।

– मानसून अभी बाकी, हर पल एलर्ट रहना जरूरी

महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि मानसून अभी जारी है और आगे भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सभी उत्तरदायी अधिकारियों को चौबीस घंटे अलर्ट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जितना हम सजग और सतर्क होंगे, उतना ही प्रभावी तरीके से आपदाओं का सामना कर सकेंगे। उन्होंने कहा की चुनौतियां कुछ भी हों, लेकिन जरूरी यह है कि हम उनका सामना किस प्रकार करते हैं। घटना से ज्यादा घटना को लेकर की गई प्रतिक्रिया मायने रखती है, क्योंकि यही प्रतिक्रिया सुनिश्चित करती है कि हम आपदा से होने वाले नुकसान को कितना कम कर सकते हैं।

– धराली के अनुभवों का डॉक्यूमेंटेशन किया जाए

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि धराली आपदा में जो भी कार्य राहत और बचाव दलों द्वारा किए जा रहे हैं, उनका डॉक्यूमेंटेशन किया जाए, विश्लेषण किया जाए और भविष्य के लिए एक रोडमैप बनाया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की चुनौतियों का सामना प्रभावी तरीके से किया जा सके। उत्तराखण्ड के पास आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई अनुभव हैं और इनसे दुनिया को सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि धराली आपदा का न सिर्फ डॉक्यूमेंटेशन किया जाए बल्कि एक पुस्तक के रूप में भी पूरी दुनिया के सामने इस आपदा के दौरान विषम तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए राहत कार्यों को प्रस्तुत किया जाए।

– राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सराहा

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने राज्य सरकार द्वारा हर्षिल घाटी के लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने की दिशा में किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर विभिन्न आईएएस तथा आईपीएस अधिकारियों की ग्राउंड जीरो पर तैनाती की गई है। अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं। महामहिम ने उम्मीद जताई कि जल्द से जल्द हर्षिल घाटी में खुशहाली लौटेगी। उन्होंने इस पूरे रेस्क्यू अभियान में मीडिया की भूमिका की भी सराहना की। मीडिया के माध्यम से सही सूचनाएं लोगों तक पहुंची, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

– डेली रिपोर्ट को सराहा, एसओपी को निरंतर अपडेट करते रहें

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने यूएसडीएमए द्वारा तैयार की जाने वाली डेली रिपोर्ट की भी सराहना की। यह एक ऐसी समग्र रिपोर्ट है, जिसे पढ़कर उन्हें पूरे प्रदेश स्थिति की जानकारी मिल जाती है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बनाई गई विभिन्न एसओपी को समय के साथ तथा आपदाओं का सामना करते हुए प्राप्त होने वाले अनुभवों के आधार पर निरंतर अपडेट करने के निर्देश दिए।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने महामहिम राज्यपाल को धराली में 05 अगस्त को घटित आपदा के बारे में विस्तार से अवगत कराया। इस दौरान ग्राउंड जीरो पर मौजूद यूएलएमएमसी, वाडिया, आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों से भी माननीय श्री राज्यपाल ऑनलाइन रूबरू हुए। महामहिम राज्यपाल ने मौके पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों को ऑनलाइन देखा। उन्होंने हर्षिल में बनी झील से जल निकासी को लेकर किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली। साथ ही धराली तथा मुखबा को जोड़ने वाले पुल की स्थिति के बारे में भी पूछा तथा पुल को नुकसान से बचाने के लिए किया जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली।

यूएलएमएमसी के निदेशक शांतनु सरकार ने बताया कि हर्षिल में बन रही झीन को चौनलाइज किया गया है, जिससे इसके जलस्तर में थोड़ी कमी आई है। अभी बड़ी मशीनों से कार्य किया जाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि ड्रोन से खीर गंगा की रेकी की गई है और जल्द इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी। सीबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. डीपी कानूनगो ने बताया कि धराली में पुल को नुकसान पहुंचा रही भागीरथी नदी की धारा को चौनलाइन किया जाएगा ताकि पुल को कोई खतरा न हो। साथ ही डबरानी से सोनगाड़ के बीच वॉशआउट सड़क को गैबियन वॉल बनाकर सुचारू किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

सरस्वती ताल और केदारताल का होगा वैज्ञानिक सर्वे, वैज्ञानिको का दल रवाना

सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री ने दी शुभकामनाएं प्रदेश...

जल प्रबंधन को मिलेगा आधुनिक तकनीक का वैज्ञानिक आधार – MIKE Hydro Basin सॉफ्टवेयर

जल संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का नया अध्याय—MIKE Hydro Basin पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ देशभर से 400 से अधिक विशेषज्ञ,...

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ https://www.facebook.com/janmanchaajkal?locale=hi_IN हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय...

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas By - Prem Pancholi The Shail Shilpi Vikas Sangathan organized...

समाधान दिवस पर 120 शिकायतें दर्ज, त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया आरम्भ – जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान

जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ....

झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं, स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहीं-वाडिया मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में यूएसडीएमए...

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार की अध्यक्षता...