Sunday, September 13, 2026
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बागवानों ने डीवीटी द्वारा भुगतान की मांग उठाई।

बागवानों ने डीवीटी द्वारा भुगतान की मांग उठाई।

@by Dr. Rajendra Prasad Kuksal

Bagwani uttarakhand
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डी० वी०टी० याने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के माध्यम से योजनाओं में प्रदान की जाने वाले सब्सिडी (अनुदान) का लाभ , चेक जारी करने, नकद भुगतान या सेवाओं अथवा वस्तुओं पर कीमत छूट प्रदान करने की बजाय सीधे लाभार्थी के खाते में स्थानांतरित यानी जमा किया जाता है। इसके जरिए लाभार्थियों और जरूरतमंदों के बैंक खातों में सीधे रुपए डाले जाते हैं। कुल मिलाकर भारत सरकार का एक ऐसा पेमेंट सिस्टम जिसके तहत लोगों के बैंक खातों में सीधे सब्सिडी डाली जाती है।

दिनांक 31 जनवरी 2025 को माननीय वित्त मंत्री जी द्वारा आहुत बजट पूर्व परामर्श कार्यक्रम में भाग लेते हुए उद्यान पण्डित श्री प्रवीण शर्मा एवं उद्यान पंडित श्री कुन्दन सिंह पंवार ने कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं में अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान के सुझाव दिए।

प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी का संकल्प है कि भारत सरकार द्वारा योजनाओं में दी गई अनुदान की राशि डीबीटी (D BT) के माध्यम से सीधे कृषकों के खाते में जमा हो ।

योजनाओं में डीवीटी लागू होने से राज्य के कृषकों को कई लाभ होंगे।

1.उद्यान / कृषि विभाग में दलाली पर रोक लगेगी।

2.किसानों को उचित दरों पर अच्छी गुणवत्ता वाला सामान मिलेगा जिससे किसान अधिक उत्पादन कर सकेंगे।

3 क्षेत्र विशेष में दवा बीज खाद आदि कृषि निवेश आपूर्ति हेतु स्थानीय पढ़ें लिखे बेरोजगारों को व्यवसाय करने एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे साथ ही कृषकों को उनके मनपसंद कृषि निवेश समय पर व घर पर ही स्थानीय बाजार में उपलब्ध हो पायेंगे।

विगत सात वर्षों से डीबीटी लागू करने में की जा रही है हीलाहवाली।

Bagwani uttarakhand
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प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने बर्ष 2017 में किसानों की आय बर्ष 2022 – 23 तक दुगनी करने का संकल्प लिया, किसानों की आय दोगुनी (डबलिंग फारर्मस इनकम DFI) करने के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु किसानों के हित में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों के लिए कई कृषक कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं की गई। केन्द्र सरकार की इन योजनाओं में राज्य के कृषकों के लिए हजारों करोड़ बजट का प्रावधान रखा गया तथा अनुदान राशि *डीबीटी योजना* के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में डालने के निर्देश दिए गए।

भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय ने दिनांक 28 फरबरी- 2017 के द्वारा कृषि विभाग की योजनाओं में कृषकों को मिलने वाला अनुदान डी वी टी के अन्तर्गत सीधे कृषकों के खाते में डालने के निर्देश सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि उत्पादन आयुक्त, मुख्य सचिव, सचिव एवं निदेशक कृषि को किये गये।

उत्तरप्रदेश हिमाचल आदि सभी भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में बर्ष 2017 से ही कृषकों को योजनाओं में मिलने वाला अनुदान डी बी टी के माध्यम से सीधे कृषकों के खाते में जा रहा है।

भारत सरकार के निर्देश के पांच साल बाद
कृषि सचिव उत्तराखंड ने दिनांक17 मई 2021को राज्य के कृषकों को देय अनुदान आधारित योजनाओं को डीबीटी द्वारा क्रियान्वयन के आदेश निर्गत किए किन्तु इन दिशा में विभागों ने ईमानदारी से प्रयास नहीं किए शासनादेश कर देने भर से डीबीटी लागू नहीं होगी।

अन्य राज्यों की तरह योजनाओं में चयनित कृषकों को स्वयं अपनी इच्छा अनुसार उच्च गुणवत्ता के निवेश (दवा बीज खाद आदि) क्रय करने की अनुमति होनी चाहिए तथा मिलने वाला अनुदान ईमानदारी से डी बी टी के माध्यम से सीधे कृषकों के खाते में जमा होना चाहिए तभी कृषकों को योजनाओं का लाभ मिल सकता है।

विभागों के मुखिया भ्रष्टाचार में संलिप्तता के कारण, राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों, छोटी जोत, किसानों की आर्थिक स्थिति अच्छी न होना व अभी पोर्टल बन रहा है का वहाना बना कर डीबीटी लागू नहीं होने दे रहे हैं।जबकि राज्य में 7,60,148 (सात लाख साठ हजार) कृषकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्रति बर्ष 06 हजार रुपए की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से प्रदान की जा रही है क्योंकि ये Mandatory अनिवार्य है। किन्तु अन्य योजनाओं में राज्य में ऐसा नहीं होता यहां पर विभाग टेंडर प्रक्रिया दिखा कर या फर्मों की सूचीबद्धता के नाम पर निम्न स्तर का सामान उच्च दरों पर चहेती फर्मों के दलालों के माध्यम से कृषकों को बांटना दिखाते है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का बर्ष 2017 में किसानों की आय बर्ष 2022 – 23 तक दुगनी करने का लिया गया संकल्प पूरा हुआ या नहीं हुआ योजनामाफियों (राजनेता नौकरशाह व दलालों का संगठन) की आय कई गुना बढ़ गई होगी।

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