Thursday, May 14, 2026
Home देहरादून ख्यात साहित्यकार डा० नंदकिशोर हटवाल विश्व पुस्तक मेला 2025 के अनुभव साझा...

ख्यात साहित्यकार डा० नंदकिशोर हटवाल विश्व पुस्तक मेला 2025 के अनुभव साझा करते हुए

विश्व पुस्तक मेला : किताबों के साथ लेखकों-प्रकाशकों से भी मिलन

By Dr. Nandkishor Hatwal

Vishwa pustak mela
Vishwa pustak mela

निपट गया मेला, पर बातें नहीं निपटी। कुछ और रह गईं

Vishwa pustak mela
Vishwa pustak mela

विश्व पुस्तक मेले ने किताबों के साथ लेखकों-प्रकाशकों से मिलने का मौका भी दिया। चारू तिवारी, अरूण असफल, राजेश सकलानी, पंकज बिष्ट, काव्यांश प्रकाशन के प्रबोध उनियाल, समय साक्ष्य के प्रवीण भट्ट, पुष्पलता ममगाईं, गणेश खुगशाल ‘गणि’ आदि कई लेखक-प्रकाशकों से मुलाकात हुई। गढ़वाली के पजलकार और लेखक जगमोहन सिंह रावत ‘जगमोरा’ जी ने तो बार्बी क्यू में हमारे निमित्त भोज का आयोजन कर इस मौके को ‘त्यवार’ में बदल दिया। दूसरे दिन बल्लभ डोभाल जी से मिलना और शाम को साहित्य प्रेमी सुशील बुड़ाकोटी ‘शैलांचली’ जी के आमंत्रण पर उनके घर जाना भी हमारी यात्रा को विशेष बना गया। बुड़ाकोटी जी ने कुछ अन्य मित्रों-परिजनो को भी बुलाया था। उनसे भी मुलाकात हुई। बुड़ाकोटी जी के समूचे परिवार की स्नेहिल मेजबानी में मित्रगणों के साथ शाम का भोजन एक खास अनुभव रहा।

Vishwa pustak mela
Vishwa pustak mela

यद्यपि मित्रों के लिए ‘धन्यवाद’ शब्द छोटा है पर दिया जाना चाहिए। जगमोहन सिंह रावत ‘जगमोरा’ जी, सुशील बुड़ाकोटी ‘शैलांचली’ जी, गुसाईं जी, नेगी जी, शर्मा जी सहित समस्त मित्रगणों और परिवारजनो का धन्यवाद। अपनी अतिव्यस्तता के बीच मेले में हमें समय देने और मेरी किताब के लोकार्पण में उपस्थित रहने हेतु गणि भाई का भी विशेष आभार।

मेरी पुस्तक ‘जमन दास ढोली’ के लोकार्पण हेतु मेरे अनुरोध पर अपना सानिध्य देने वाले शूरवीर रावत जी का धन्यवाद। लोकार्पण के बहाने की गई हमारी यात्रा उद्देश्यपूर्ण और सुखद रही। बहन बीना बेंजवाल और रमाकांत बेंजवाल जी का भी शुक्रिया। रमाकांत जी तो इस विश्वपुस्तक मेले की यात्रा के नियोजनकर्ता ही थे। गढ़वाली भाषा के व्याकरण, शब्द कोश और मानकीकरण पर महत्वपूर्ण कार्य करने वाले रमाकान्त बेंजवाल जी हिंदी-गढ़वाली के अच्छे प्रूफ रीडर, बुक पब्लिकेशन, डिजानिंग, प्रिंटिक और मार्केटिंग की भी अच्छी समझ रखते हैं। पुस्तकालयाध्यक्ष के रूप में किताबों की दुनिया से उनका गहरा नाता है। ये बातें तो सभी मित्रगणों को पता है पर वे घुमक्कड़ होने के साथ-साथ यात्राओं के अच्छे नियोनकर्ता, संयोजक, प्रबंधक और कुशल व्यवस्थापक भी हैं, यह बात कम लोगों को पता होगी। विगत में हमने बेंजवाल जी के साथ कतिपय नियोजित और व्यवस्थित यात्राएं की हैं। अस्तु इस यात्रा के बेहतरीन प्रबंधन हेतु बेंजवाल जी का विशेष धन्यवाद।

पुस्‍‍तक मेले और किताब कौथीग नए समय की नई जरूरत हैा यह मेलों और कौथिगों को नए अर्थ देना, उत्‍सव के नए रूपों का निर्धारण और नवीन संस्‍क़ति का निर्माण करना हैा इस प्रकार के मेले कौथीग वैश्विक, राष्ट्रीय, प्रादेशिक और छोटे-छोटे स्थानीय स्तरों पर भी आयोजित होने चाहिए। तेजी से बदलते आधुनिक समय के साथ चलने के लिए ऐसे कतिपय बदलाव बेहद जरूरी हैं।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...