Friday, March 6, 2026
Home चमोली 20 लाख रुपये किलो तक बिकता है 'हिमालयन वियाग्रा', (कीड़ा जड़ी )।

20 लाख रुपये किलो तक बिकता है ‘हिमालयन वियाग्रा’, (कीड़ा जड़ी )।

@20 लाख रुपये किलो तक बिकता है ‘हिमालयन वियाग्रा’ (कीड़ा जड़ी)।

@ऐसा क्या खास है जानिए ‘हिमालयन वियाग्रा’ को कीड़ा जड़ी या यार्सागुम्बा में।

@साभार – श्रुति रावत

दरअसल इसे कैटरपिलर फंगस या कॉर्डिसेप्स सिनेंसिस के नाम से भी जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी भारी मांग के कारण इसकी कीमत लाखों में है।उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में एक ऐसी फफूंद उगती है जो दुनिया में सबसे महंगी और अनोखी मानी जाती है। बाजार में इसकी काफी मांग है, जिसके कारण यह लाखों में बिकता है। पारंपरिक भाषा में इसे कीड़ा जड़ी या यार्सागुम्बा कहा जाता है और आमतौर पर ‘हिमालयन वियाग्रा’ के नाम से जाना जाता है।

तिब्बती में यार्सागुम्बा का अर्थ है सर्दी का कीड़ा और गर्मी की घास। इसे कैटरपिलर फंगस या कॉर्डिसेप्स सिनेंसिस के नाम से भी जाना जाता है। यह नेपाल के ऊपरी डोल्पा क्षेत्र के लोगों के लिए आमदनी का एक प्रमुख स्रोत है। यह लगभग 20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकता है।

‘हिमालयन वियाग्रा’ या कीड़ा जड़ी क्या होती है

‘हिमालयन वियाग्रा’ या कीड़ा जड़ी हिमालय क्षेत्र में केवल 3,000 मीटर से ऊपर के हिस्सों में पाई जाती है। यह तब बनती है, जब कैटरपिलर एक खास तरह की घास खाता है और मरने के बाद उसके भीतर यह जड़ी-बूटी उगती है। चूंकि यह जड़ी-बूटी आधा कीड़ा और आधा जड़ी होती है, इसलिए इसे कीड़ा जड़ी कहते हैं।

उपयोग और मांग

यह भारत में आमतौर पर उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और मुनस्यारी जिलों में पाया जाता है। इसके अलावा, यह अन्य हिमालयी राज्यों में भी पाया जाता है। इस कीट कवक का उपयोग एक शक्तिशाली टॉनिक के रूप में और कैंसर की दवाओं के उत्पादन में किया जाता है।

RELATED ARTICLES

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

पूर्व पर्वतीय विकासमंत्री बर्फिया लाल जुवांठा के साथ के संस्मरण को बता रहे है प्रसिद्ध विचारक, लेखक गोविंद प्रसाद बहुगुणा।

Jewel of Mountains of Snow "बर्फिया लाल" एक संस्मरण- गोविंद प्रसाद बहुगुणा । यह टाइटल जब मैने उन्हें दिया था तब अपने मित्र स्व० बर्फिया...

इतिहास के पन्ने : दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री का पौड़ी कनेक्शन

दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री का पौड़ी कनेक्शन।   By - Dr. Yogeah Dhasmana   दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री ब्रह्मप्रकाश का नाम कम ही लोगो ने सुना होगा।किंतु इससे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...