उत्तराखंड के तकनीकी छात्रों के लिए उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा। तकनीकी शिक्षा विभाग और ईडीआईआई अहमदाबाद के बीच समझौता।
उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र को एक नई दिशा देने और छात्रों में उद्यमशीलता की भावना को सशक्त करने हेतु राज्य सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (Entrepreneurship Development Institute of India – EDII), अहमदाबाद के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हो गए है।
उल्लेखनीय यह है कि आधारित नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत रूप देने के उद्देश्य से यह विशेष योजना राज्य में आरंभ की जाएगी। यह समझौता तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर तकनीकी मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह समझौता आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा। ईडीआईआई की विशेषज्ञता और हमारे संस्थानों की प्रतिबद्धता युवाओं को नवाचार और रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान करेगी।
डॉ. रंजीत सिंह सचिव तकनीकी शिक्षा ने कहा कि छात्र केवल डिग्रीधारी न बनें, बल्कि नवाचार और आत्मनिर्भरता के वाहक बनें। यह साझेदारी टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।महानिदेशक ईडीआईआई डा० सुनील शुक्ल ने कहा कि उत्तराखंड में तकनीक-सक्षम और संसाधन-आधारित उद्यमों की अपार संभावनाएं हैं। वे इस साझेदारी के माध्यम से राज्य की युवा शक्ति को स्केलेबल उद्यमों में बदलने के लिए कार्य करेंगे। डॉ. अमित कुमार द्विवेदी निदेशक सरकारी परियोजनाए ने कहा कि वे देवभूमि उद्यमिता योजना की भांति इस योजना के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा के छात्रों को भी उद्यम की मुख्य धारा से जोड़ेंगे।यह पहल न केवल उत्तराखंड स्टार्टअप नीति 2023 के उद्देश्यों की पूर्ति करेगी बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस दृष्टिकोण का भी समर्थन करती है, जो छात्रों में व्यावहारिक, कौशल-आधारित एवं नवाचार प्रेरित शिक्षा को बढ़ावा देती है।
बता दें कि यह पहल प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में उद्यमिता को पाठ्यक्रमों में सम्मिलित करने, नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में तैयार करने की अनूठी पहल बताई जा रही है। जबकि EDII, उत्तराखंड में उच्च शिक्षा विभाग के साथ “देवभूमि उद्यमिता योजना” के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है। अब तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ यह साझेदारी युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में और अधिक व्यापकता देगी।
समझौते के प्रमुख प्रावधान –
तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य में टेक-वेंचर मेंटर डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित करेगा। उद्यम क्रांति केंद्र की स्थापना की जाएगी।माइक्रो-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे।हैकथॉन और निवेशक मीट, नवाचार को बढ़ावा देने, तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को सहयोग, हर वर्ष चयनित 200 छात्रों को व्यवहारिक बिजनेस मॉडल तैयार करने में तकनीकी व संरचनात्मक सहायता दी जाएगी। स्थानीय प्रोजेक्ट प्रोफाइल का विकास, जैसे पर्यटन, कृषि, हस्तशिल्प और प्राकृतिक उत्पादों के आधार पर व्यवसाय मॉडल तैयार किए जाएंगे। केन्द्र प्रायोजित निधियों का दोहन, राज्य की उद्यमिता पहलों को वित्तीय समर्थन देने हेतु विभिन्न योजनाओं के माध्यम से फंडिंग जुटाने का प्रयास किया जाएगा। इनक्यूबेटर, उद्योग और अकादमिक संस्थानों के साथ मिलकर छात्रों को तकनीकी, वित्तीय और विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इस दौरान सचिव तकनीकी डॉ. रंजीत सिन्हा, डॉ. सुनील शुक्ल महानिदेशक ईडीआईआई, डॉ. अमित कुमार द्विवेदी, निदेशक सरकारी परियोजनाएं, ईडीआईआई देश राज निदेशक तकनीकी शिक्षा विभाग, डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय, सचिवउत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद, डॉ. शैलेंद्र सिंह एवं डॉ. सुमित कुमार सहायक प्राध्यापक, ईडीआईआई उपस्थित रहे।








