Sunday, September 13, 2026
Home lifestyle धराली आपदा पीड़ितों व राहत कार्य में लगे कर्मवीरों का आंखों देखी...

धराली आपदा पीड़ितों व राहत कार्य में लगे कर्मवीरों का आंखों देखी वर्णन प्रस्तुत।

धराली आपदा पीड़ितों व राहत कार्य में लगे कर्मवीरों का आंखों देखी वर्णन प्रस्तुत।

By – Prem Pancholi

पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से ज्ञानविज्ञान समिति, उत्तराखण्ड के सहयोग से आज सायं केन्द्र के सभागार में आँखन देखी कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड हिमालय में इस वर्ष की तबाही से पीड़ितों का आंखो देखा हाल तथा उनके अनुभव के आधार पर आपदा के कारणों व राहत कार्य के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला गया.
भारत ज्ञान विज्ञान समिति से जुड़े
विजय भट्ट, इंद्रेश नौटियाल और प्रतीक पंवार ने उपस्थित लोगों के मध्य अपने अनुभव साझा किये.


उल्लेखनीय है कि वक्ताओं ने उत्तरकाशी जनपद के धराली में 5 अगस्त, 2025 को आयी आपदा की स्थिति का तीन सप्ताह बाद पैदल यात्रा कर स्थानीय लोगों से जानकारी प्राप्त की.

विजय भट्ट ने कहा कि हिमालय सदियों से मानव को आकर्षित करता रहा है । खोजी इंसान हों या घुमक्कड़ी के शौकीन, हिमालय सदा से उनके कौतूहल का विषय रहा।धार्मिक यात्रा हो चाहे पर्वतारोहण या साहसिक पर्यटन , हिमालय सभी का पसंदीदा स्थल बना हुआ है । भूवैज्ञानिक बताते हैं कि हिमालय जितना खूबसूरत है उतना ही यह संवेदनशील भी है , इसलिए हिमालय की प्रकृति पर मानवीय हस्तक्षेप हिमालय की संवेदनशीलता को देखते समझते हुए किये जाने की जरूरत समझी जानी चाहिए. हिमालयी राज्य उत्तराखण्ड के पिछले कुछ सालों से विकास की तीव्र दौड़ में शामिल होने से आपदाओं से होने वाले नुकसान की भी मात्रा बढ़ी है। क्षेत्र की प्रकृति को समझे बग़ैर विषम विकास से यहाँ की पारिस्थितिकी को नुक़सान पहुँच रहा है। इन्हीं सबके चलते स्थानीय जन – जीवन और सम्पदा पर क़हर बढ़ रहा है । साल 2013 की केदारनाथ त्रासदी से भी हम सबक नहीं ले सके.ऑल वेदर रोड के निर्माण से जगह-जगह पर भूस्खलनों के क्षेत्र उभर आये हैं.उच्च हिमालय का जोशीमठ धंसने लगा है।

वक्ताओं ने आगे कहा कि खीर गंगा में आये फ्लेशफ्लड ने धराली के बाज़ार का नामों निशान मिटा दिया है। हर्षिल में भी नुक़सान हुआ। अपनी जान जोखिम में डालकर कुछ कर्मवीर यहां रात दिन राहत पहुँचाने की व्यवस्था तैयार करने में जुटे हुए थे । क्षेत्र में अवलोकन के लिए गए हमारे दल के साथियों ने वहाँ के पीड़ितों के बारे में जानने की कोशिश की।

वक्ताओं ने पीपीटी के माध्यम से पीड़ित लोगों की ज़ुबानी उनकी वास्तविक परेशानी को साझा करते हुए उसके बाद यमुनोत्री मार्ग के सयाना चट्टी, देहरादून के सहस्रधारा सहित सौंग और टौंस नदियों से उपजी आपदा व उसके हालातों पर अनुभव साझा करते हुए चर्चा भी की ।


चर्चा के दौरान डॉ. रवि चोपड़ा ने भी विचार रखे. इस दौरान डा.पंकज नैथानी, अरुण असफल, मनीष ओली, उमा भट्ट, प्रदीप नौडियाल, डॉ. लालता प्रसाद, जगदीश बाबला, मोहन चौहान, प्रदीप डबराल, जगदीश सिंह महर, समदर्शी बड़थ्वाल, योगेन्द्र नेगी, सुंदर विष्ट, आर.पी. भारद्वाज, राकेश अग्रवाल, हिमांशु कुमार, संजय घिल्डियाल, साहित अनेक पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक व युवा शामिल रहे।

RELATED ARTICLES

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

सरस्वती ताल और केदारताल का होगा वैज्ञानिक सर्वे, वैज्ञानिको का दल रवाना

सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री ने दी शुभकामनाएं प्रदेश...

जल प्रबंधन को मिलेगा आधुनिक तकनीक का वैज्ञानिक आधार – MIKE Hydro Basin सॉफ्टवेयर

जल संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का नया अध्याय—MIKE Hydro Basin पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ देशभर से 400 से अधिक विशेषज्ञ,...

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ https://www.facebook.com/janmanchaajkal?locale=hi_IN हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय...

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas By - Prem Pancholi The Shail Shilpi Vikas Sangathan organized...

समाधान दिवस पर 120 शिकायतें दर्ज, त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया आरम्भ – जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान

जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ....

झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं, स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहीं-वाडिया मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में यूएसडीएमए...

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार की अध्यक्षता...