सीमांत जनपद उत्तरकाशी के मोरी विकास खण्ड के सुदूर गांव सट्टा में 29 दिसंबर सोमवार सायं लगभग 5:30 बजे भीषण आगजनी की घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में प्रमीना पुत्र दुर्गा, उपेंद्र लाल पुत्र प्रमीना लाल एवं निदेश कुमार पुत्र प्रमीना लाल के मकान जलकर राख हो गए, जबकि श्रीमती बिजेंद्री देवी के पिता आसमू पुत्र खडू की इस घटना में जिंदा जलने से दर्दनाक मृत्यु हो गई है।

अग्निकांड के चपेट में आकर 4 बकरियां, 1 गाय और 10 भेड़ें भी जलकर नष्ट हो गईं। इधर पीड़ित परिवार सोना-चांदी के जेवरात, कपड़े, खाद्य सामग्री सहित कोई भी सामान नहीं बचा पाए। सट्टा गांव के इन चार परिवारों की जिंदगीभर की कमाई देखते ही देखते सब कुछ राख में बदल गई।
बताया जा रहा है कि घटना की सूचना पूर्व प्रधान चंद्रमणि सिंह एवं पूर्व प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य चैतराम ने दूरभाष से पूर्व प्रधान सुरेन्द्र लेलोटा देवजानी को दी। इन्होंने सबसे पहले जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक को इस अग्निकांड की सूचना पहुंचाई। सूचना मिलते ही विधायक दुर्गेश्वर लाल स्वयं एसडीआरएफ व पुलिस बचाव दल के साथ मौके के लिए रवाना हुए। फिलहाल आग पर काबू तो पाया गया, मगर चार परिवार इस घटना से बुरी तरह प्रभावित हुए है।







