गांव पाली, अंजनीसैंण, टिहरी गढ़वाल में ‘वालनट विलेज पहल’ के अंतर्गत अखरोट उत्पादन एवं उद्यमिता पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम संपन्न।
By – Prem Pancholi

पहाड़ के किसानों की आय दोगुनी करने तथा पलायन रोकने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए “उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST), देहरादून” के तत्वाधान में टिहरी के गांव पाली को अखरोट ग्राम के रूप में विकसित किया गया है। इस कार्यक्रम में उद्यान विभाग, टिहरी गढ़वाल का तकनीकी पक्ष, कृषि विभाग टिहरी गढ़वाल की सहभागिता और न्यू क्रिएशन इंटरनेशनल जैसे संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
अखरोट ग्राम को संपूर्ण रूप दिए जाने के उपलक्ष्य में ग्राम पाली, अंजनीसैंण में ‘वालनट विलेज पहल’ के अंतर्गत अखरोट उत्पादन एवं उद्यमिता पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में लगभग 130 किसानों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी सुश्री वरुणा अग्रवाल एवं टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय ने हिस्सा लिया और कहा कि यह अखरोट ग्राम उत्तराखण्ड का प्रथम ‘वालनट विलेज’ है जो भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में आदर्श स्थापित करेगा।
तकनीकी सत्र –

कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने किसानों को अखरोट की खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी है। जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा ने अखरोट के पौधे लगाने की वैज्ञानिक विधि एवं ग्राफ्टिंग तकनीक का प्रदर्शन किया। उद्यान विभाग द्वारा किसानों को उन्नत किस्म के पौधे, सब्सिडी एवं निरंतर तकनीकी सहायता देने का आश्वासन दिया गया। भूमि संरक्षण अधिकारी पवन काला ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (PDMC) योजना के लाभ, ड्रिप-सिंचाई एवं जल संरक्षण की जानकारी साझा की। डॉ. पंकज ठाकुर ने अखरोट आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, विपणन रणनीतियों एवं कृषक उत्पादक संगठन (FPO) के गठन पर जोर दिया डॉ. अंकित कुमार ने अखरोट की उन्नत उत्पादन तकनीक एवं वैज्ञानिक बाग स्थापना के मानकों को समझाया। डॉ. परमजीत सजवान ने अखरोट में पोषण प्रबंधन, मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व को बताया। डॉ. आलोक येवले ने अखरोट आधारित कृषि-वानिकी मॉडल से अतिरिक्त आय की संभावनाएं बताईं। राहुल सजवान ने उद्यान विभाग की नवीन योजनाओं, मिशन एप्पल व अखरोट से जुड़ी सब्सिडी सुविधाओं से किसानों को अवगत कराया।
प्रगतिशील किसान बने प्रेरणा:

प्रगतिशील किसान अनिरुद्ध नेगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे कई वर्षों से अखरोट की सफल खेती कर अच्छा लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने अन्य किसानों को भी इस लाभकारी नगदी फसल को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि अखरोट पहाड़ की जलवायु के लिए सर्वाधिक उपयुक्त नगदी फसल है। इससे किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने किसानों से आधुनिक खेती एवं FPO से जुड़ने का आह्वान किया।
जबकि कार्यक्रम के मुख्यातिथि टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि अखरोट की खेती को मिशन मोड में बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों की आय में क्रांतिकारी वृद्धि हो सके। उन्होंने ‘वालनट विलेज’ को ‘वालनट वैली’ बनाने के संकल्प को दोहराया।
NCIS निदेशक अमित उपाध्याय ने बताया कि UCOST के वैज्ञानिक सहयोग, उद्यान विभाग के निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन तथा कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के तकनीकी सहयोग से संचालित वालनट विलेज पहल’ का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में अखरोट उत्पादन को बढ़ावा देना, बंजर भूमि का सदुपयोग करना तथा ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमिता से जोड़ना है। न्यू क्रिएशन इंटरनेशनल इस सफल मॉडल को जनपद के अन्य गांवों तक ले जाने हेतु प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव, जिला अध्यक्ष भाजपा उदय रावत, मंडलाध्यक्ष संदीप सिंह, पूर्व प्रधान राकेश ममगाई, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद आर्य सहित अनिल उपाध्याय, सिद्धार्थ बदुनी, कुशलानंद ममगाई, सुनील उपाध्याय, सत्यप्रसाद ममगाई, राकेश थपलियाल उपस्थित रहे। जबकि कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान सुश्री वैशाली थापा एवं सुमन कुमार ने तकनीकी संस्था के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरम में प्रतिभाग किया।
महत्वपूर्ण पहल

UCOST के अनुसंधान, उद्यान विभाग के तकनीकी सहयोग, कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के तकनीकी मार्गदर्शन एवं न्यू क्रिएशन इंटरनेशनल के जमीनी क्रियान्वयन से संचालित ‘वालनट विलेज पहल’ टिहरी गढ़वाल में अखरोट क्रांति की एक विशेष शुरुआत है। यह पहल क्षेत्र के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा उत्तराखण्ड को ‘वालनट हब’ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।







