नौगांव नगर पंचायत : “कुमारो” की जीत में जय का खलल।
आगामी 25 जनवरी को सभी कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि कौन किसने निकाय चुनाव में फतह किया है। पर अभी जिस माहौल को हम देख रहें है उसको जानना भी जरूरी है। यहां आज सीमांत जनपद उत्तरकाशी के नौगांव नगर पंचायत की बात करने जा रहे है। जहां राजनीतिक पंडितों ने कह दिया है कि यहां तो “कुमार” ही जीत रहा है मगर जय के खलल ने कुमारों को सचेत भी कर दिया है। हालांकि वे दावे के साथ कह रहे हैं कि नौगांव नगर पंचायत के अध्यक्ष का सेहरा “कुमार” के सिर सजने से पहले जयप्रकाश का जयघोष सुनाई देने लग गया है जिसका परिणाम 25 जनवरी को सामने आ जाएगा।
यह अजीब दास्तान है कि यह पहला चुनाव होगा जिसमें स्थिति स्पष्ट की गई है कि “कुमार” जीत रहा है। दरअसल नई नवेली नगर पंचायत में इस बार तीन “कुमरो” के एक साथ मैदान में होने के बाद जयप्रकाश इंडवाण ने भी हुंकार भर दी है। इधर तीनों व्यक्ति राजकुमार तो नहीं है पर “कुमार” इनके नाम के पीछे अमिट रूप से जुड़ा हुआ है। यथा कांग्रेस के प्रत्याशी विपिन कुमार, भाजपा के विजय कुमार (विजय लाल) और भाजपा से बगावत करके आए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है यशवंत कुमार के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी जयप्रकाश इंदवाण ने भी चुनावी रण को नए रूप से बदल दिया है। यदि आप इन तीनो “कुमारों” की राजनीतिक जन्मपत्री किसी राजनीतिक पंडित से दिखाएंगे तो वह भी डंके की चोट से कहेगा कि चुनाव सिर्फ व सिर्फ “कुमार” जीत रहा है। मगर जयप्रकाश का जयघोष इस गणित को कितना बिगाड़ेगा यह मतदाताओं के हाथों में अभी से दिखाई दे रहा है।
दिलचस्प कहानी यह है कि “कुमार” ही चुनाव जीत रहा है या जयप्रकाश का जयघोष मतदाताओं को रिझाने में सफल हो रहा है, पर यहां तो वरिष्ठ, मध्यम और कनिष्क “कुमार” ने अपने अपने जीत का दावा पक्का कर दिया है। इस तरह नौगांव नगर पंचायत में एक तरफ कुमारों की इज्जत दांव पर लग चुकी है, दूसरी तरफ जयप्रकाश के जयघोष की अनुगूंज भी मतदाताओं के कानों में धीमी धीमी सुनाई दे रही है। अर्थात अब इनकी भाग्य की पोटली 3200 मतदाताओं के हाथों में बंधी है। कुल 07 सभासदों से बनने वाली नगर पंचायत नौगांव इन दिनों खूब चर्चाओं में है। फिर भी यहां के चुनाव के लिए इसी क्षेत्र के राजनीतिक पंडित अलग अलग रुझान रख रहे है।
पहले यशवंत कुमार की बात कर लेते है। यशवंत कुमार को राजनीति विरासत में मिली है और उनके परिवार की क्षेत्र में एक स्पष्ट राजनीतिक पहचान भी है। यदि देखा जाय तो यशवंत कुमार 2007 से 2012 तक नौगांव ब्लॉक प्रमुख रहे है। जबकि उनके छोटे भाई राजकुमार एक बार सहसपुर और एक बार पुरोला यानी दो बार के विधायक रह चुके हैं। वर्तमान में राजकुमार राज्य मंत्री है। यही नहीं यशवंत कुमार के पिताजी भी आजाद भारत के तत्काल उत्तरप्रदेश की अंतरिम सरकार में विधायक रह चुके है। इसके अलावा वे मिलनसार के साथ साथ लंबे समय तक भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे है। वर्तमान में नगर पंचायत अध्यक्ष नौगांव का उन्हें भाजपा ने अपना प्रत्याशी नहीं बनाया तो अपनी पूर्व की तैयारी के अनुसार वे चुनावी मैदान में डट चुके है।
इसी तरह विपिन कुमार कांग्रेस के खास उम्मीदवार है और इन्हें किसी की बगावत का खतरा नहीं है। सम्पूर्ण कांग्रेसजन विपिन कुमार को जीतवाने में जोर आजमाईश कर रहे है। विपिन कुमार युवा कांग्रेस में लंबे समय से जुड़े है, तथा बेदाग छबि के कारण वे आजकल खासे लोकप्रिय हो रहे है। बजाय इसके नौगांव में विपिन कुमार युवाओं की पसंद बनने जा रहे है। राजनीतिक गलियारों में भी विपिन कुमार की खूब चर्चा हो रही है। विपिन कहते है कि उनकी इस बार “जीत” पक्की है क्योंकि कांग्रेसजन यहां एकजुट है।
भाजपा के उम्मीदवार विजय कुमार को टिकट एक तोहफा के रूप में मिला है। विजय कुमार भी नौगांव क्षेत्र में बेदाग छबि के है, युवा है। पर, हाल ही में स्वयं की पहचान बनाने में उन्होंने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। बताया गया कि विजय कुमार के साथ भाजपा के अलावा सम्पूर्ण नौगांव गांव है। हालांकि भाजपा के लोग विजय कुमार (विजय लाल) से परिचय बढ़ा रहे है। ऐसा भी बताया जा रहा है कि विजय कुमार को विधायक पुरोला का भरपूर सहयोग है। यह होना जरूरी इसलिए है कि पुरोला के विधायक भी भाजपा से ही है।








