Thursday, May 14, 2026
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नौगांव नगर पंचायत : “कुमारो” की जीत में जय का खलल

नौगांव नगर पंचायत : “कुमारो” की जीत में जय का खलल।

आगामी 25 जनवरी को सभी कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि कौन किसने निकाय चुनाव में फतह किया है। पर अभी जिस माहौल को हम देख रहें है उसको जानना भी जरूरी है। यहां आज सीमांत जनपद उत्तरकाशी के नौगांव नगर पंचायत की बात करने जा रहे है। जहां राजनीतिक पंडितों ने कह दिया है कि यहां तो “कुमार” ही जीत रहा है मगर जय के खलल ने कुमारों को सचेत भी कर दिया है। हालांकि वे दावे के साथ कह रहे हैं कि नौगांव नगर पंचायत के अध्यक्ष का सेहरा “कुमार” के सिर सजने से पहले जयप्रकाश का जयघोष सुनाई देने लग गया है जिसका परिणाम 25 जनवरी को सामने आ जाएगा।

यह अजीब दास्तान है कि यह पहला चुनाव होगा जिसमें स्थिति स्पष्ट की गई है कि “कुमार” जीत रहा है। दरअसल नई नवेली नगर पंचायत में इस बार तीन “कुमरो” के एक साथ मैदान में होने के बाद जयप्रकाश इंडवाण ने भी हुंकार भर दी है। इधर तीनों व्यक्ति राजकुमार तो नहीं है पर “कुमार” इनके नाम के पीछे अमिट रूप से जुड़ा हुआ है। यथा कांग्रेस के प्रत्याशी विपिन कुमार, भाजपा के विजय कुमार (विजय लाल) और भाजपा से बगावत करके आए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है यशवंत कुमार के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी जयप्रकाश इंदवाण ने भी चुनावी रण को नए रूप से बदल दिया है। यदि आप इन तीनो “कुमारों” की राजनीतिक जन्मपत्री किसी राजनीतिक पंडित से दिखाएंगे तो वह भी डंके की चोट से कहेगा कि चुनाव सिर्फ व सिर्फ “कुमार” जीत रहा है। मगर जयप्रकाश का जयघोष इस गणित को कितना बिगाड़ेगा यह मतदाताओं के हाथों में अभी से दिखाई दे रहा है।

दिलचस्प कहानी यह है कि “कुमार” ही चुनाव जीत रहा है या जयप्रकाश का जयघोष मतदाताओं को रिझाने में सफल हो रहा है, पर यहां तो वरिष्ठ, मध्यम और कनिष्क “कुमार” ने अपने अपने जीत का दावा पक्का कर दिया है। इस तरह नौगांव नगर पंचायत में एक तरफ कुमारों की इज्जत दांव पर लग चुकी है, दूसरी तरफ जयप्रकाश के जयघोष की अनुगूंज भी मतदाताओं के कानों में धीमी धीमी सुनाई दे रही है। अर्थात अब इनकी भाग्य की पोटली 3200 मतदाताओं के हाथों में बंधी है। कुल 07 सभासदों से बनने वाली नगर पंचायत नौगांव इन दिनों खूब चर्चाओं में है। फिर भी यहां के चुनाव के लिए इसी क्षेत्र के राजनीतिक पंडित अलग अलग रुझान रख रहे है।

Election nagar nikayपहले यशवंत कुमार की बात कर लेते है। यशवंत कुमार को राजनीति विरासत में मिली है और उनके परिवार की क्षेत्र में एक स्पष्ट राजनीतिक पहचान भी है। यदि देखा जाय तो यशवंत कुमार 2007 से 2012 तक नौगांव ब्लॉक प्रमुख रहे है। जबकि उनके छोटे भाई राजकुमार एक बार सहसपुर और एक बार पुरोला यानी दो बार के विधायक रह चुके हैं। वर्तमान में राजकुमार राज्य मंत्री है। यही नहीं यशवंत कुमार के पिताजी भी आजाद भारत के तत्काल उत्तरप्रदेश की अंतरिम सरकार में विधायक रह चुके है। इसके अलावा वे मिलनसार के साथ साथ लंबे समय तक भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे है। वर्तमान में नगर पंचायत अध्यक्ष नौगांव का उन्हें भाजपा ने अपना प्रत्याशी नहीं बनाया तो अपनी पूर्व की तैयारी के अनुसार वे चुनावी मैदान में डट चुके है।

Vipin kumarइसी तरह विपिन कुमार कांग्रेस के खास उम्मीदवार है और इन्हें किसी की बगावत का खतरा नहीं है। सम्पूर्ण कांग्रेसजन विपिन कुमार को जीतवाने में जोर आजमाईश कर रहे है। विपिन कुमार युवा कांग्रेस में लंबे समय से जुड़े है, तथा बेदाग छबि के कारण वे आजकल खासे लोकप्रिय हो रहे है। बजाय इसके नौगांव में विपिन कुमार युवाओं की पसंद बनने जा रहे है। राजनीतिक गलियारों में भी विपिन कुमार की खूब चर्चा हो रही है। विपिन कहते है कि उनकी इस बार “जीत” पक्की है क्योंकि कांग्रेसजन यहां एकजुट है।

Vijay भाजपा के उम्मीदवार विजय कुमार को टिकट एक तोहफा के रूप में मिला है। विजय कुमार भी नौगांव क्षेत्र में बेदाग छबि के है, युवा है। पर, हाल ही में स्वयं की पहचान बनाने में उन्होंने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। बताया गया कि विजय कुमार के साथ भाजपा के अलावा सम्पूर्ण नौगांव गांव है। हालांकि भाजपा के लोग विजय कुमार (विजय लाल) से परिचय बढ़ा रहे है। ऐसा भी बताया जा रहा है कि विजय कुमार को विधायक पुरोला का भरपूर सहयोग है। यह होना जरूरी इसलिए है कि पुरोला के विधायक भी भाजपा से ही है।

Jaiprakash
Jaiprakash

छात्र राजनीति से आए धारी गांव निवासी जयप्रकाश इन्दवाण ने भी नगर पंचायत नौगांव के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार करके जन जन तक पहुंचाने में सफलता पा रहे है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मतदाताओं को रिझाने में उन्हें कमतर नहीं कहा जा सकता है। पिछले कई वर्षों से वे नगर क्षेत्र नौगांव की समस्या को सोशल मीडिया के माध्यम से उठाते आए है। सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से वे जुड़े रहते है। जबकि उन्होंने इस बार के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आदर्श नगर पंचायत नौगांव का एक ब्लूप्रिंट तैयार करके जन जन तक पहुंचाया है। इसी को माध्यम बनाकर वे अपनी जीत को पक्का बता रहे है। वे यह भी आरोप लगा रहे हैं कि उनके प्रतिद्वंदी तीनों “कुमार” छलकपट करने वाले है। इसलिए नौगांव की जनता जयप्रकाश को पसंद कर रही है।

इस तरह यदि देखा जाए तो तीनों “कुमार” अपने अपने को किसी से “कम” नहीं आंक रहे है। यदि देखा जाए तो यहां किसी को राजनीतिक कुशलता है तो किसी को युवाओं का भरपूर साथ है और किसी को एक संपूर्ण गांव का एक तरफा समर्थन मिला हुआ है। जबकि चौथे प्रत्याशी अपने को विजनरी बताने में चूक नहीं कर रहे है।

बहरहाल अभी तक भाजपा के वोट बंटते नजर आ रहे है। किंतु कांग्रेस का कुनबा यहां कितना मजबूत है जो भाजपा और निर्दलीय को झटका दे दे, इधर विजनरी बताने वाले प्रत्याशी कितना मतदान अपने पक्ष में करवाने वाले है यही देखना बाकी है।

देखो साहब तीनों “कुमार” जिस तरह चुनावी समर में गोते लगा रहे और इस चुनावी गोताखोरी के बीच जो आदर्श नगर पंचायत का सपना दिखा रहे है उससे तो यही मालूम होता है कि जिसे जितनी जल्दी चुनावी अनुभव प्राप्त होगा उसी की नाव पार लगने वाली है। यह बताना मुश्किल होगा कि चुनाव कौन जीत रहा है। पर इतना तो तय है कि नौगांव नगर पंचायत के अध्यक्ष का मुकुट “कुमार” के सिर पर सजने से पहले जयघोष की अनुगूंज कितनी सुनाई देने वाली है। जो समय की गर्त में है।

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