Sunday, June 28, 2026
Home उत्तराखंड गुप्ता बन्धुओं की तरह हिमांशु चमोली की हो जाएगी जमानत?

गुप्ता बन्धुओं की तरह हिमांशु चमोली की हो जाएगी जमानत?

गुप्ता बन्धुओं की तरह हिमांशु चमोली की हो जाएगी जमानत?

By – Gajendra Rawat

श्रीनगर के जितेंद्र कुमार की आत्महत्या मामले में जेल में बंद हिमांशु चमोली एवं उसके साथी और कितने दिन सलाखों के पीछे रहेंगे, यह यक्ष प्रश्न आम आदमी की चर्चा मे आ गया है.

जितेंद्र कुमार ने आत्महत्या से पहले जिस प्रकार हिमांशु चमोली को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया वह वीडियो न्यायालय में हिमांशु चमोली की जमानत होने के लिए और कितना प्रभावी रहेगा, यह सवाल आज आम जनता के मन में है। अब तो यह भी चर्चा होने लगी कि और कितने दिन बाद हिमांशु चमोली बाहर आ जायेगा ?

बता दें कि देहरादून के बहुचर्चित बाबा साहनी आत्महत्या कांड में कुछ दिन के लिए जेल गए गुप्ता बंधुओं को डेढ़ महीने में नैनीताल हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी.

तब से, 1 साल से अधिक समय हो गया गुप्ता बंधु खुले मे आराम फरमा रहे हैं. बाबा साहनी का परिवार किस हालत में जी रहा है इस पर अब कोई चर्चा नहीं करता। आम जनता ही नहीं साहनी के यार दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए भी शायद अब यह विषय प्रासंगिक नहीं रहा, ना इस पर कभी किसी प्रकार की चर्चा होती है.

जितेंद्र कुमार और बाबा साहनी हत्याकांड में जो बात कॉमन है वह यह की दोनों ने आत्महत्या से पहले आत्महत्या के कारण के लिए स्पष्ट रूप से नाम लिए। बाबा साहनी ने चिट्ठी लिखी और जितेंद्र कुमार ने वीडियो जारी किया।  दोनों ही मामलों में आरोपी न सिर्फ ताकतवर है बल्कि बहुत पैसे वाले भी है। बड़े से बड़ा वकील खड़ा करने में दोनों को कोई तकलीफ नहीं। ऐसे मे जितेन्द्र कुमार आत्महत्या मामले मे जेल में बंद बहुचर्चित ताकतवर और पैसे वाले हिमांशु चमोली के महंगे और सीनियर वकील निश्चित रूप से “बाबा – सनी” मामले में जमानत मिलने के कागजात पढ़ ही चुके होंगे।

 

देवभूमि उत्तराखंड मे न्याय की इस लड़ाई में जब करोड़ों करोड़ों के मालिक बाबा साहनी की मौत का शोर इतनी जल्दी शांत हो गया तो जितेंद्र कुमार के परिजनों के लिए लड़ाई कितनी कठिन होगी समझना कठिन नहीं है। हम और खास लोगों के बीच का यह उदाहरण बताता है की सामान्य आदमी के लिए ताकतवर लोगों से लड़ना आसान नहीं होता।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

RELATED ARTICLES

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...