गुप्ता बन्धुओं की तरह हिमांशु चमोली की हो जाएगी जमानत?
By – Gajendra Rawat
श्रीनगर के जितेंद्र कुमार की आत्महत्या मामले में जेल में बंद हिमांशु चमोली एवं उसके साथी और कितने दिन सलाखों के पीछे रहेंगे, यह यक्ष प्रश्न आम आदमी की चर्चा मे आ गया है.
जितेंद्र कुमार ने आत्महत्या से पहले जिस प्रकार हिमांशु चमोली को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया वह वीडियो न्यायालय में हिमांशु चमोली की जमानत होने के लिए और कितना प्रभावी रहेगा, यह सवाल आज आम जनता के मन में है। अब तो यह भी चर्चा होने लगी कि और कितने दिन बाद हिमांशु चमोली बाहर आ जायेगा ?
बता दें कि देहरादून के बहुचर्चित बाबा साहनी आत्महत्या कांड में कुछ दिन के लिए जेल गए गुप्ता बंधुओं को डेढ़ महीने में नैनीताल हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी.
तब से, 1 साल से अधिक समय हो गया गुप्ता बंधु खुले मे आराम फरमा रहे हैं. बाबा साहनी का परिवार किस हालत में जी रहा है इस पर अब कोई चर्चा नहीं करता। आम जनता ही नहीं साहनी के यार दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए भी शायद अब यह विषय प्रासंगिक नहीं रहा, ना इस पर कभी किसी प्रकार की चर्चा होती है.
जितेंद्र कुमार और बाबा साहनी हत्याकांड में जो बात कॉमन है वह यह की दोनों ने आत्महत्या से पहले आत्महत्या के कारण के लिए स्पष्ट रूप से नाम लिए। बाबा साहनी ने चिट्ठी लिखी और जितेंद्र कुमार ने वीडियो जारी किया। दोनों ही मामलों में आरोपी न सिर्फ ताकतवर है बल्कि बहुत पैसे वाले भी है। बड़े से बड़ा वकील खड़ा करने में दोनों को कोई तकलीफ नहीं। ऐसे मे जितेन्द्र कुमार आत्महत्या मामले मे जेल में बंद बहुचर्चित ताकतवर और पैसे वाले हिमांशु चमोली के महंगे और सीनियर वकील निश्चित रूप से “बाबा – सनी” मामले में जमानत मिलने के कागजात पढ़ ही चुके होंगे।
देवभूमि उत्तराखंड मे न्याय की इस लड़ाई में जब करोड़ों करोड़ों के मालिक बाबा साहनी की मौत का शोर इतनी जल्दी शांत हो गया तो जितेंद्र कुमार के परिजनों के लिए लड़ाई कितनी कठिन होगी समझना कठिन नहीं है। हम और खास लोगों के बीच का यह उदाहरण बताता है की सामान्य आदमी के लिए ताकतवर लोगों से लड़ना आसान नहीं होता।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार है







