Friday, March 6, 2026
Home उत्तराखंड पुस्तक लोकार्पण: रिस्पना के बहने पर्यावरण के सवाल।

पुस्तक लोकार्पण: रिस्पना के बहने पर्यावरण के सवाल।

Prem Pancholi

दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज शाम सुपरिचित कथाकार शमा खान के सद्य प्रकाशित कहानी संग्रह ‘ रिस्पना’ का लोकार्पण और उसके बाद एक चर्चा का कार्यक्रम केन्द्र के सभागार में किया गया। वक्ताओं ने इस इस कथा संग्रह में शामिल कहानियों के कथानक रचना से जुड़ी प्रक्रिया, बिम्बों तथा सामाजिक परिवेश पर आधारित विविध पक्षों पर अपने विचार व टिप्पणियां दीं.

इस सादे एवं गरिमामय समारोह में कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट रज़िया बेग उपस्थित रहीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार मदन शर्मा ने की।

इस अवसर पर समीक्षक शिक्षाविद विद्या सिंह, कवि राजेश सकलानी, डॉ. राजेश पाल जैसे साहित्यकार लोगों ने कथा संग्रह के विविध आयामों पर प्रकाश डाला।

लेखिका शमा खान ने बताया कि इस संग्रह में 28 कहानियाँ शामिल हैं, जो समाज के आम जनजीवन, विकास और पर्यावरण के विविध बिन्दुओं पर सार्थक सवाल उठाती हैं।

डॉ.विद्या सिंह ने कहा कि रिस्पना साहित्यकार शमा खान का एक संग्रहणीय कथा संग्रह है.जिसमें . कहानी के जरिये समाज की भलाई सामूहिक रूप में परिलक्षित हुई है। कहाती कला लेखक व कवि राजेश सकलानी ने कहा साहित्यकार अपनी सजग दृष्टि से समाज की यर्थातता को कहानी के माध्यम से धरातल पर चित्रित करने का यत्न करता है। शमा खान के संदर्भ में यही बात लागू होती है, उन्होनें अपनी तमाम कहानियों के माध्यम से इस बात को उजागर करने का शानदार प्रयत्न किया है । उनकी कहानियों मानवीय हमदर्दी, संवेदनशीलता की पराकाष्ठा मिलती है ।सामाजिक छुआछूत भेदभाव की चिन्ताएं भी कहानियों में लगातार उभरती रहती हैं। डॉ. राजेशपाल ने शमा खान की कहानियां सोचने को मजबूर करती हैं, जो हमारे बीच से उपजी है। इनकी कहानियों में समाज के भ्रष्टाचार, तथा कथित विकास, आतंकवाद की चिंताओं के साथ ही आदिवासी समाज की पीड़ा भी मुखरित होती है। कहानी का निरंतर प्रवाह सरल सहज कथ्यात्मक शैली प्रभावित करती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मदन चन्द्र शर्मा ने शमा खान की कहानियों को आम जन की आवाज बताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण करार दिया. एडवोकेट रज़िया बेग ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए शमाखान को बधाई दी और कहानियों को समाज के लिए प्रेरक बताया.कार्यक्रम का संचालन करते हुए सामाजिक इतिहासकार व लेखक डॉ. योगेश धस्माना ने शमा खान को गंभीर और संवेदनशील लेखिका बताते हुए कहा कि उनका लेखन साफ तौर पर सामाजिक परिवेश और यथार्थ में जिए गए जीवन अनुभवों से उपजा हुआ है।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के प्रोग्राम एसोसिएट चन्द्रशेखर तिवारी ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों का हार्दिक स्वागत किया।

इस कार्यक्रम में , जय प्रकाश खंकरियाल, डॉ.लालता प्रसाद,मदन मोहन काण्डपाल, सुन्दर सिंह बिष्ट, जगदीश बाबला, जितेन्द्र भारती, ललित सिंह राणा, भारती पाण्डे, कुलभूषण नैथानी,मनोज पंजानी, अरुण कुमार असफल, नरेन्द्र चौधरी, जितेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र गुप्ता, संजीव घिल्डियाल पंत, देवेन्द्र कांडपाल, सहित कई लेखक,साहित्यकार, साहित्यप्रेमी, पाठक गण सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे।

—————————-
संपर्क – दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र, लैंसडाउन चौक, देहरादून, 9410919 93

RELATED ARTICLES

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...