अर्बन लार्ननाथोन 2023 के विजता और उपविजेता उत्तराखण्ड
@Prem Pancholi
पिछले दिनों शहरी एवं आवासन मंत्रालय भारत सरकार एवं राष्ट्रीय नगरीय कार्य संस्थान ने अर्बन लार्ननाथोन 2023 को आयोजन किया है। इस कार्यक्रम के दौरान देशभर के शहरी निकायों ने प्रतिभाग किया है। बता दें कि मंत्रालय द्वारा हुई इस प्रतियोगिता में राज्य श्रेणीयों के अनुसार अर्बन लार्ननाथोन 2023 में उत्तराखण्ड राज्य को ‘विजेता एवं उपविजेता’ का पुरूस्कार प्राप्त हुआ है।

शहरी विकास विभाग के सहायक निदेशक विनोद आर्या ने बताया कि शहरी विकास विभाग राज्यभर में स्वच्छता के लिए खास कार्य कर रहा है। उन्होने यह भी बताया कि यात्रा सीजन के दौरान अत्याधिक संख्या में यात्रियों का अवागमन होता है, कारण इसके अत्याधिक मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट उत्पन्न होता हैं। श्री आर्या ने जानकारी दी कि अपशिष्ट प्रबन्धन के अन्तर्गत विभाग ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन हेतु Digital Deposit refund system वर्ष 2022 में लागू किया है। उन्होने बताया कि श्री केदारनाथ धाम में प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रबन्धन बावत जनपद रूद्रप्रयाग प्रशासन ने प्लास्टिक अपशिष्ट संग्रहण हेतु Digital Deposit refund system लागू किया है। जिसके बहुत ही सफल प्रयोग सामने आये है। उन्होने बताया कि यह प्रयोग बहुत ही सफल है जिसकी प्रशंसा शहरी एवं आवासन मंत्रालय भारत सरकार ने की है और राज्य को अर्बन लार्ननाथोन 2023 विजेता का पुरूस्कार दिया है।
इसी पहल को सफल बताते हुए भारत सरकार द्वारा 07 जनवरी, 2023 को राष्ट्रीय डिजिटल पुरूस्कार द्वारा भी सम्मानित किया गया है। इसके अन्तर्गत ऊखीमठ विकास खण्ड को प्लास्टिक रेगुलेटेड जोन घोषित किया गया है।

उल्लेखनीय हो कि यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक वोटल/कन्टेनर में क्यूआर कोड लगाने के बाद ही विक्रय किये जाने की अनुमति है। क्यूआर कोड के आधार पर सर्वप्रथम क्रेता से अतिरिक्त धनराशि ली जाती है। जब अमुक उपभोक्ता उक्त खाली प्लास्टिक बोतल या कन्टेनर को वापस करता है तो अमुक को अतिरिक्त ली गई धनराशी वापस की जाती है। बेचने वाला सिर्फ क्यूआर कोड को ही देखता है। इस तरह इस यात्रा सीजन में लगभग 30 हजार से अधिक यात्रियों ने इस पहल का प्रयोग किया है। इसके लिए 15 Digital Deposit refund system केन्द्र बनाये गये है।
ज्ञात हो कि इस पहल के तहत 700 से अधिक दुकानों, होटल, 3000 घोड़ी वाला, 1000 पीठुवाला को सम्मलित किया गया और उन्हें प्रशिक्षित किया गया है।
शहरी विकास विभाग के सहायक निदेशक विनोद आर्या ने बताया कि हल्द्वानी नगर निगम के अन्तर्गत महिलाओं की बैणी सेना नाम से एक स्वयं सहायता समूह है। यह सेना अपशिष्ट प्रबन्धन के अन्तर्गत विभिन्न वार्डो में प्रेरक का कार्य करती है। वे Urban Sanitation Solutions के अन्तर्गत प्रत्यके वार्ड की सम्पूर्ण स्वच्छता की निगरानी करते है। उन्होने जानाकरी दी कि यह सेना प्रत्येक गली, मोहल्ले, नाली, नाला, खाली प्लाट आदि जगह जाकर निगरानी करना। डोर-टू-डोर कूड़ा वाहन पंहुचा की नहीं, इस हेतु सोर्स सेग्रीगेशन सुनिश्चित कराना एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करना आदि शामिल है। सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रति जागरूकता फैलाना। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकना, कूड़ा जलाना आदि विषयों पर जागरूक जैसे कार्यक्रम करते है। शहर में संचालित विद्यालयो के सहयोग से सम्पूर्ण स्वच्छता जागरूकता अभियान संलचान करना। नगर निगम हल्द्वानी की स्वच्छता सम्बन्धी सेवा के प्रति फीड बैक प्राप्त कर निगम को उपलब्ध कराना जैसे कार्य करती है।

गौरतलब हो कि बैंणी सेना के इस अभियान से लगभग 85 प्रतिशत परिवारों तक निगम की प्रत्यक्ष पंहुच बन गई है तथा कार्मिकों के कार्य गुणवत्ता में सुधार आया है। लगभग 70 प्रतिशत परिवारों/ प्रतिष्ठानों से यूजर चार्ज वसलूी का कार्य सफलता पूर्वक किया जा रहा है। कूड़ा गाड़ी की पहुंच लगभग 80 प्रतिशत परिवारों तक पंहुच गई है। शेष 20 प्रतिशत परिवारों हेतु गली के सामने गाड़ी खड़ी कर, हेल्पर के माध्यम से कूड़ा एकत्रीकरण किया जाता है।
यही वजह है कि बैणी सेना के सफल कार्य को देखते हुए शहरी एवं आवासन मंत्रालय भारत सरकार एवं राष्ट्रीय नगरीय कार्य संस्थान ने अर्बन लार्ननाथोन 2023 उपविजेता का पुरूस्कार भी उत्तराखण्ड राज्य को मिला है।







